प्रदेश के सभी किसानों को इस वर्ष प्रदान किए जाएंगे मृदा स्वास्थ्य कार्डः कृषि मंत्री

प्रदेश के सभी किसानों को इस वर्ष प्रदान किए जाएंगे मृदा स्वास्थ्य कार्डः कृषि मंत्री

शिमला: प्रदेश सरकार इस वर्ष प्रदेश के सभी किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध करवाएगी। यह जानकारी देते हुए कृषि मंत्री, सुजान सिंह पठानिया ने आज यहां बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा गत फरवरी माह से मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत देश के किसानों को अगले तीन वर्षों में मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध करवाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के अनुसरण में हिमाचल प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य है जिसने तीन वर्ष के बजाए एक वर्ष में इस कार्य को पूरा करने की पहल की है।

पठानिया ने कहा कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना का उद्देश्य फसलों में पोषक तत्वों की कमी की भरपाई, मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं को सुदृढ़ करना एवं मिट्टी की उर्वरता सम्बंधित समस्याओं का निदान करना है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष योजना पर 165 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं तथा योजना के अन्तर्गत जीपीएस प्रणाली के तहत 69,635 मिट्टी के नमूने लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए 2.5 हैक्टेयर सिंचित व 10 हैक्टेयर असिंचित क्षेत्रों के प्रत्येक ग्रिड से एक-एक नमूना लिया जाएगा जिसके अंतर्गत आने वाले सभी किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड की रिपोर्ट उपलब्ध करवाई जाएगी।

कृषि मंत्री ने कहा कि जीपीएस प्रणाली के तहत खरीफ के मौसम में 27,854 और रबी के मौसम में इस वर्ष 41,781 मिट्टी के नमूने लेने का लक्ष्य रखा गया है। इन नमूनों का परीक्षण पोषक तत्वों के लिए विभाग की मृदा परीक्षण प्रयोगशाला में किया जाएगा तथा ग्रिड के तहत आने वाले सभी किसानों को परीक्षण विश्लेषण की रिपोर्ट प्रेषित की जाएगी। प्रदेश सरकार इस योजना की प्रगति की समीक्षा साप्ताहिक आधार और वैब आधारित मृदा स्वास्थ्य कार्ड पोर्टल के माध्यम से करेगी। उन्होंने कहा कि अभी तक राज्य में 19,530 मिट्टी के नमूने लिए जा चुके हैं।

सुजान सिंह पठानिया ने इस अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि उर्वरकों के संतुलित उपयोग के लिए मिट्टी का परीक्षण अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मिट्टी परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का संतुलित उपयोग किए जाने से फल उत्पादन में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी और अच्छी उपज के लिए यह आवश्यक है कि प्रमुख तत्वों के साथ-साथ गौण एवं सुक्ष्म तत्वों का प्रयोग भी मिट्टी परीक्षण के आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए कृषि विभाग द्वारा 11 मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं तथा चार मोबाइल परीक्षण प्रयोशालाएं भी इस कार्य के लिए उपलब्ध करवाई गई हैं। इस वर्ष तीन और मोबाइल परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं, जिसके लिए 225 लाख रुपये का प्रावधान रखा गया है।

कृषि मंत्री ने किसानों का आह्वान किया कि इस महत्वकांक्षी योजना को पूरा करने में सभी किसान अपना सकारात्मक सहयोग दें। इससे जहां फसलों की पैदावार बढ़ेगी, वहीं उत्पादों की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।

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