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वसीयत के बारे में कई अहम बातों की जानकारी होना आवश्यक: रोहन सिंह चौहान

  वसीयत के बारे में कई अहम बातों की जानकारी होना आवश्यक: रोहन सिंह चौहान

क्या होती है वसीयत?

अधिवक्ता - रोहन सिंह चौहान

अधिवक्ता – रोहन सिंह चौहान,शिमला

आइये जानें…… क्या करें, कैसे करें “वसीयत”

मौत के बाद अपनी जायदाद के इस्तेमाल का हक किसी को सौंपने का फैसला अपने जीते जी लेना वसीयत कहलाता है। वसीयत करने वाला वसीयत में यह बताता है कि उसकी मौत के बाद उसकी जायदाद का कितना हिस्सा किसे मिलेगा।

आवश्यक क्यों है?

अगर किसी ने वसीयत नहीं कराई है और उसकी मौत हो जाए तो जायदाद के बंटवारे को लेकर पारिवारिक झगड़ा होने का डर रहता है। वसीयत न करवाने से प्रॉपटी पर किसी अनजान आदमी के कब्जा करने का अंदेशा रहता है। अगर बेटियों को भी हक देना चाहते हैं तो वसीयत से ऐसा करना पक्का हो जाता है।

किस-किस चीज की वसीयत

खुद की कमाई हुई चल संपत्ति जैसे कैश, घरेलू सामान, गहने, बैंक में जमा रकम, पीएफ, शेयर्स, किसी कंपनी की हिस्सेदारी। खुद की कमाई हुई अचल संपत्ति जैसे जमीन, मकान, दुकान, खेत आदि। पुरखों से मिली कोई भी चल या अचल संपत्ति जो आपके नाम है।

कब करवाएं

रिटायरमेंट के फौरन बाद ही वसीयत करा देना अच्छा होता है। वसीयत करवाने का सबसे अच्छा वक्त है 60 साल की उम्र। अगर कोई शख्स कम उम्र में किसी गंभीर बीमारी से पीडित़ है तो वसीयत पहले भी कराई जा सकती है।

वसीयत का आम तरीका

वसीयत का कोई तय फॉर्म नहीं होता। यह सादे कागज पर भी लिख सकते हैं। अपने हाथ से लिखी वसीयत ज्यादा अच्छी रहती है। जायदाद जिसके नाम कर रहे हैं, उसके बारे में साफतौर से लिखें। उसका नाम, पिता का नाम, पता और उसके साथ अपना रिश्ता जरूर बताएं। अपनी पूरी जायदाद की ही वसीयत करनी चाहिए। जिस जायदाद की वसीयत नहीं की जाएगी, उस पर मौत के बाद झगड़ा होने का खतरा रहेगा। अगर पार्टनर के साथ जॉइंट प्रॉपटी है, तो केवल उस जायदाद की ही वसीयत की जा सकती है, जो वसीयत करने वाले के नाम है। पार्टनर की जायदाद की वसीयत का अधिकार पार्टनर को ही है। अगर दोनों बराबर के हिस्सेदार हैं तो एक पार्टनर सिर्फ 50 फीसदी हिस्से की ही वसीयत कर सकता है। वसीयत किसी भी भाषा में कर सकते हैं। स्टांप ड्यूटी अनिवार्य नहीं है। वसीयत में कभी भी और कितनी भी बार बदलाव कर सकते हैं। कोशिश करें कि वसीयत छोटी हो और एक पेज में आ जाए। इससे बार-बार विटनस की जरूरत नहीं पड़ेगी। एक से ज्यादा पेज में आए तो हर पेज पर दोनों गवाहों के दस्तखत करवाएं। बिना वजह बेटियों को नजरअंदाज न करें। याद रखें, कानून उन्हें बराबर का हक देता है।

 

फुलप्रूफ तरीका

अपनी सारी प्रॉपटी की लिस्ट बनाएं और फिर ठंडे दिमाग से सोचें कि किसे क्या देना है। सादे कागज पर अपनी हैंडराइटिंग में लिखें या टाइप कराएं कि आप अपने पूरे होशो-हवास में यह घोषणा करते हैं कि आपके बाद आपकी जायदाद का कौन-सा हिस्सा किसे मिलना चाहिए। दो ऐसे लोगों को गवाह बनाएं, जो आपकी हैंडराइटिंग या आपके दस्तखत पहचानते हों। हर पेज पर गवाहों के और अपने दस्तखत करें और अंगूठे भी लगवाएं। इस वसीयत को सब-रजिस्ट्रार ऑफिस जाकर रजिस्टर्ड कराएं और रजिस्ट्रार के रजिस्टर में इसकी एंट्री भी करवाएं। वसीयत करवाने की पूरी प्रक्रिया की विडियो रेकॉर्डिंग कराना अच्छा रहता है। वैसे, कानूनन यह जरूरी नहीं है। ऐसा हो तो क्या करें? अगर वसीयत करने वाले से पहले किसी गवाह की मौत हो जाए तो वसीयत दोबारा बनवानी चाहिए। दोबारा वसीयत बनवाते समय पहली वसीयत को कैंसल करने का जिक्र जरूर करें। वसीयत अगर खो जाए तो भी दोबारा वसीयत करवाएं और बेहतर है कि उसमें थोड़ा फेरबदल करें, ताकि पहली वसीयत कैंसल मान ली जाए। अगर वसीयत करने वाले की मौत और गवाह की मौत एक साथ हो जाए तो वसीयत करने वाले की और गवाह की हैंडराइटिंग ही उसका सबूत है। ऐसे में किसी ऐसे शख्स की तलाश करनी चाहिए, जो तीनों की हैंडराइटिंग पहचानता हो या तीनों के दस्तखत पहचानता हो।

किसे बनाएं गवाह

गवाह उसे ही बनाएं जिस पर आपको पूरा भरोसा हो। ऐसा शख्स गवाह नहीं बन सकता, जिसे वसीयत में कोई हिस्सा दिया जा रहा हो। प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से गवाह को वसीयत से कोई फायदा नहीं होना चाहिए। याद रहे, गवाह को अगर प्रॉपटी से हिस्सा मिल रहा है तो अदालत गवाही रद्द भी कर सकती है। गवाह पूरे होशो-हवास में होना चाहिए। उसकी दिमागी हालत दुरुस्त होनी चाहिए। दोनों गवाह तंदुरुस्त और वसीयत करने वाले की उम्र से कम उम्र के होने चाहिए। दोनों गवाहों में से एक डॉक्टर और एक वकील हो तो इससे अच्छा कुछ नहीं। डॉक्टर की मौजूदगी साबित करती है कि वसीयत करने वाला उस समय होशो-हवास में था और उसकी दिमागी हालत दुरुस्त थी। वकील की मौजूदगी में यह साफ हो जाता है कि वसीयत करने वाले ने कानूनी सलाह ली है।

यह भी जानें

क्या होती है वसीयत? क्या करें, कैसे करें

क्या होती है वसीयत? क्या करें, कैसे करें

भारतीय कानून के मुताबिक किसी भी धर्म और भाषा का व्यक्ति वसीयत करवा सकता है, लेकिन अगर वसीयत नहीं की गई है तो जायदाद के बंटवारे के लिए कोर्ट जाना होगा। कोर्ट इस बारे में फैसला करते वक्त उनके धर्म में मौजूद कानून को ध्यान में रखेगा। ऐसी स्थिति में हिंदू धर्म मानने वालों पर हिंदू लॉ लागू होता है, मुस्लिम धर्म मानने वालों पर शरीयत के मुताबिक लॉ लागू होता है। इसी तरह गैर-हिंदू और गैर-मुस्लिम लोगों का फैसला इंडियन सक्सेशन ऐक्ट के मुताबिक होता है। वसीयत पर अगर कोई उंगली नहीं उठाता है तो सब ठीक है, लेकिन अगर इस मामले में कोई कोर्ट का दरवाजा खटखटाता है तो कानून पूरे मामले की पड़ताल करेगा।

 

आप अपनी जायदाद की वसीयत एक ट्रस्ट के नाम भी कर सकते हैं। फायदा यह है कि इसमें डेढ़ लाख रुपये तक की रिबेट टैक्स में मिल जाती है। ट्रस्ट बनाते वक्त यह साफ करना होता है कि कौन ट्रस्टी है और कौन वारिस। ट्रस्ट के नाम वसीयत को कैंसल भी किया जा सकता है और बदला भी जा सकता है। ट्रस्ट के ट्रस्टी संपत्ति की देखभाल करेंगे और जो इनकम होगी, वह वारिसों को मिलेगी। याद रखें वारिस ट्रस्टी नहीं हो सकते। अगर कोई व्यक्ति मरते समय भी अपनी जायदाद की जुबानी घोषणा कर दे, तो भी आपसी सूझ-बूझ से जायदाद के हकदार बंटवारा कर सकते हैं। कानून को इसमें कोई ऐतराज नहीं होगा। कानून तब आड़े आता है जब किसी भी प्रकार की वसीयत पर विवाद हो।

आम गलतियां

लाइफ पार्टनर नजरंदाज

गलती : कई बार देखने में आया है कि पति अपनी वसीयत में जायदाद का बंटवारा अपने बच्चों के नाम कर देते हैं।

सलाह : ऐसा न करें वरना पति के न होने की स्थिति में पत्नी को दिक्कतें झेलनी पड़ सकती हैं। पति और पत्नी, दोनों अपनी-अपनी जायदाद की वसीयत एक-दूसरे के नाम करवाएं।

जीते जी बंटवारा

गलती : कई लोग जीते जी जायदाद का बंटवारा कर देते हैं।

सलाह : ऐसा भूलकर भी न करें। बंटवारा व्यक्ति की मौत के बाद ही होना चाहिए।

रजिस्टर्ड वसीयत

गलती : कुछ लोग वसीयत रजिस्टर्ड नहीं करवाते। उन्हें लगता है कि रजिस्टर्ड करवाने का खर्च प्रॉपटी के हिसाब से लगेगा, जो काफी ज्यादा होगा।

सलाह : आपकी जायदाद की कीमत चाहे कितनी भी हो, वसीयत रजिस्टर्ड करवाने का कुल खर्च सिर्फ 23 रुपये आता है। इस रकम को रजिस्ट्रार ऑफिस में जमा करवाना पड़ता है।

पूरा ब्यौरा

गलती : कुछ लोग अपनी जायदाद का पूरा ब्यौरा रजिस्ट्रार ऑॅफिस में देने से कतराते हैं। जहां काले धन की

गुंजाइश होती है, वहां ऐसा होना मुमकिन है।

सलाह : वसीयत में पूरी जायदाद का जिक्र करने में ही भलाई है। अधूरी जायदाद की वसीयत तब तक ही ठीक रहती है, जब तक उसे चैलेंज न किया जाए, वरना बाकी जायदाद पर विवाद हो सकता है।

अवैध वसीयत

गलती : वसीयत करने वाला इस बात का जिक्र नहीं करता कि रजिस्टर्ड वसीयत के अलावा बाकी कोई भी वसीयत अवैध होगी।

सलाह : वसीयत रजिस्टर्ड करवाते समय उसमें यह जरूर लिखा जाए कि ‘मेरी कोई भी वसीयत जो रजिस्टर्ड न हो, वैलिड न मानी जाए।’

वसीयत के बाद खरीदी गई चीजें

गलती : कुछ लोग वसीयत करने के बाद खरीदी गई चीजों का जिक्र अपनी वसीयत में नहीं करते।

सलाह : वसीयत में यह जरूर लिखें कि ‘यह वसीयत करने से लेकर मेरे मरने तक अगर मैं कोई और चीज खरीदूंगा, तो उसका कौन-सा हिस्सा किसे मिलेगा।’

परिवार को बताना

गलती : लोग वसीयत के बारे में पहले से ही अपने वारिसों को बता देते हैं।

सलाह : वसीयत के बारे में परिवार के लोगों को न बताएं। बता देने से जिसे कम मिलता है, वह नाराज हो सकता है। बहला-फुसला कर वसीयत बदलने पर भी जोर दिया जा सकता है।

दलालों के चक्कर

गलती : वसीयत रजिस्टर्ड करवाने के लिए लोग दलालों के चक्कर में फंस जाते हैं।

  • सलाह : वसीयत को रजिस्टर्ड करवाने के लिए किसी दलाल या वकील की जरूरत नहीं होती। सिर्फ 23 रूपये
  • अदा करके सब-रजिस्ट्रार के ऑफिस में वसीयत रजिस्टर्ड करवा सकते हैं।
  • बुजुर्गों को वक्त रहते अपने बाद अपनी जायदाद के बंटवारे का ब्यौरा अपनी वसीयत यानी विल में कर देना चाहिए।

 

 उत्तराधिकार कानून के अलग-अलग धार्मिक समुदायों के उत्तराधिकार के लिए अलग- कानून हैं। यहां हम उनका ब्योरा पेश कर रहे

 वसीयत के बारे में परिवार के लोगों को न बताएं

वसीयत के बारे में परिवार के लोगों को न बताएं

हैं-

हिंदुओं में उत्तराधिकार

  • किसी हिंदू की मृत्यु होने पर उसकी संपत्ति उसकी विधवा , बच्चों (लड़के तथा लड़कियां) तथा मां के बीच बराबर बांटी जाती है ।
  • अगर उसके किसी पुत्र की उससे पहले मृत्यु हो गयी हो तो बेटे की विधवा तथा बच्चों को संपत्ति का एक हिस्सा मिलेगा।
  • उच्चतम न्यायालय ने व्यवस्था दी है कि किसी हिंदू पुरुष द्वारा पत्नी के जीवित रहते दूसरी शादी कर लेने से दूसरी पत्नी को उत्तराधिकार नहीं मिलता है , लेकिन उसके बच्चों का पहली पत्नी के बच्चों की तरह ही अधिकार होता है ।
  • हिंदू महिला की संपत्ति उसके बच्चों (लड़के तथा लड़कियां ) तथा पति को मिलेगी । उससे पहले मरने वाले बेटे के बच्चों को भी बराबर का एक हिस्सा मिलेगा ।
  • अगर किसी हिंदू व्यक्ति के परिवार के नजदीकी सदस्य जीवित नहीं हैं, तो उसकी मृत्यु के बाद उसकी संपत्ति पाने वाले उत्तराधिकारियों का निश्चित वर्गीकरण होता है ।

मुसलमानों (शिया और सुन्नी) में उत्तराधिकार

शिया और सुन्नियों के लिए अलग-अलग नियम हैं। लेकिन निम्नलिखित सामान्य नियम दोनों पर लागू होते हैं

  • अंतिम संस्कार के खर्च और ऋणों के भुगतान के बाद बची संपत्ति का केवल एक तिहाई वसीयत के रुप में दिया जा सकता है ।
  • पुरुष वारिस को महिला वारिस से दोगुना हिस्सा मिलता है ।
  • वंश-परंपरा में (जैसे पुत्र-पोता) नजदीकी रिश्ते (पुत्र) के होने पर दूर के रिश्ते (पोते) को हिस्सा नहीं मिलता है ।

ईसाइयों में उत्तराधिकार

भारतीय ईसाइयों को उत्तराधिकार में मिलने वाली संपत्ति का निर्धारण उत्तराधिकार कानून के तहत होता है । विशेष विवाह कानून के तहत विवाह करने वाले तथा भारत में रहने वाले यूरोपीय, एंग्लो इंडियन तथा यहूदी भी इसी कानून के तहत आते हैं ।

  • विधवा को एक तिहाई संपत्ति पाने का हक है । बाकी दो तिहाई मृतक की सीधी वंश परंपरा के उत्तराधिकारियों को मिलता है।
  • बेटे और बेटियों को बराबर का हिस्सा मिलता है ।
  • पिता की मृत्यु से पहले मर जाने वाले बेटे की संतानों को उसे बेटे का हिस्सा मिल जाता है ।
  • अगर केवल विधवा जीवित हो तो उसे आधी संपत्ति मिलती है और आधी मृतक के पिता को मिल जाती है ।
  • अगर पिता जिंदा ना हो तो यह हिस्सा मां, भाइयों तथा बहनों को मिल जाता है ।
  • किसी महिला की संपत्ति का भी इसी तरह बंटवारा होता है

पारसियों में उत्तराधिकार

  • पारसियों में पुरुष की संपत्ति उसकी विधवा , बच्चों तथा माता-पिता में बंटती है ।
  • लड़के तथा विधवा को लड़की से दोगुना हिस्सा मिलता है ।
  • पिता को पोते के हिस्से का आधा तथा माता को पोती के हिस्से का आधा मिलता है ।
  • किसी महिला की संपत्ति उसके पति और बच्चों में बराबर-बराबर बंटती हिस्सों में बंटती है ।
  • पति की संपत्ति के बंटवारे के समय उसमें पत्नी की निजी संपत्ति नहीं जोड़ी जाती है ।
  • पत्नी को अपनी संपत्ति पर पूरा अधिकार है । उसकी संपत्ति में उसकी आय, निजी साज-सामान तथा विवाह के समय मिले उपहार शामिल हैं ।
  • शादी के समय दुल्हन को मिले उपहार और भेंट स्त्रीधन के तहत आते हैं ।
  • उच्चतम न्यायालय ने अपने एक फैसले में स्पष्ट किया है कि हिंदू विवाह कानून की धारा 27 के तहत स्त्रीधन पर पूर्ण अधिकार पत्नी का होता है और उसे इस अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता है ।

नोट- किसी फंड या बीमा पॉलिसी में नामांकन हो जाने से नामांकित व्यक्ति के नाम संपत्ति हस्तांतरित नहीं हो जाती है ।वह तो किसी की मृत्यु के बाद इन रकमों का केवल ट्रस्टी है ।

वसीयत के अर्थ के मुख्य बिंदु :

  • जो व्यक्ति स्वस्थ दिमाग का हो और वयस्क हो यानी उसकी आयु 18 साल से अधिक की हो, वह वसीयत स्वयं बना सकता है।
  • वसीयतनामा लिखने के लिए किसी भी स्टाम्प पेपर की जरूरत नहीं होती।
  • वसीयतनामा कानूनी और तकनीकी भाषा में हो यह जरूरी नहीं है। वसीयतनामा से लिखवाने वाले की मंशा जाहिर होती है कि किस तरह से वह अपनी मृत्यु के बाद अपनी संपत्ति का वितरण चाहता है। यदि वसीयत लिखवाने वाले की मंशा स्पष्ट है तो फिर कोई तकनीकी शब्द या व्याकरण की शुद्धता मायने नहीं रखती है।
  • इसकी वैधता के लिए इसे रजिस्टर्ड कराने की भी जरूरत नहीं होती है, फिर भी इसे रजिस्टर कराना बेहतर होगा।
  • जो व्यक्ति वसीयतनामा लिख रहा है उसे उस पर हस्ताक्षर करना होते हैं। इसमें दो गवाहों के प्रमाण भी लगते हैं, यानी उन्हें भी हस्ताक्षर करने होते हैं। इसका अर्थ यह है कि इस दस्तावेज में किए गए हस्ताक्षर सच में उसी व्यक्ति के हैं, जिसने वसीयतनामा बनाया या बनवाया है।
  • यदि किसी संपत्ति के मामले में एक से ज्यादा बार वसीयत लिखी गई है और वसीयतनामा लिखाने वाले की मृत्यु हो जाती है तो अंतिम बार जो वसीयतनामा लिखाया गया है वही सही माना जाएगा।
  • इसी प्रकार से यदि किसी वसीयत में एक से ज्यादा दो बार एक ही संपत्ति का विवरण और वह दो लोगों को दी गई है तो इसमें अंतिम नियम प्रभावी होगा।
  • वसीयतनामा इसे लिखाने वाले के शब्द माने जाते हैं।
  • यदि वसीयतनामा या इसका कोई हिस्सा जिसमें धोखाधड़ी प्रतीत होती है तो उसे बेकार मान लिया जाता है।
  • वसीयतनामा सशर्त भी हो सकता है। यह घटनाओं के होने या न होने पर बनाया जा सकता है। फिर भी यदि कोई हालात अवैध या अनैतिक है तो इसे निष्प्रभावी मान लिया जाता है। यदि किसी स्थिति में यह कानून के किसी प्रावधान के विपरीत है और नीतियों के खिलाफ है तो इस वसीयतनामे को अवैध मान लिया जाता है।
  • जिस व्यक्ति के नाम वसीयत लिखी गई है, यदि वह लिखवाने वाले के पहले ही चल बसता है तो ऐसे में वसीयतनामा निष्प्रभावी हो जाएगा। इसलिए यह सुझाव दिया जाता है कि एक की बजाय दो नाम वसीयतनामा में लिखाए जाएं। इसे इस उदाहरण से समझें- मेरे गुजर जाने के बाद संपत्ति रमेश के नाम की जाएं और यदि रमेश भी न रहे तो संपत्ति दिनेश को दें।
  • यदि वसीयतनामा में लिखी चीजें बदलें- उदाहरण के लिए यदि वसीयतनामा लिखने वाले ने दस्तावेज में सोने की अंगूठी लिखाई है और यदि यह अंगूठी चेन में तब्दील हो चुकी है तो इसकी वैधता सही नहीं मानी जाएगी। यह प्रभावशील नहीं मानी जाएगी।
  • कोडसिल यानी कोडपत्र यानी वसीयतनामा में कुछ जोड़ना या कुछ बदलाव करना होता है। कोडसिल से वास्तविक वसीयतनामा बदला जाता है। कोडसिल के जरिए ही वसीयतनामा लिखवाने वाला इसमें किसी का नाम जुड़वा पाता है या हटा लेता है। कोडसिल में वही सारी अनिवार्यताएं रहती हैं, जो वसीयतनामा में रहती हैं। कोडसिल को वास्तविक वसीयतनामा की तरह ही माना जाता है।
  • वसीयतनामा प्राधिकृत और अप्राधिकृत रहता है। अप्राधिकृत वसीयतनामा सामान्य लोगों द्वारा लिखवाया जाता है, जबकि प्राधिकृत वसीयतनामा, सैनिक, वायुसेवा और नौसेना में काम करने वाले लोग उस समय लिखवाते हैं, जिस समय ये लोग वास्तव में जंग जैसे हालात से रूबरू होते रहते हैं।
  • दो या दो से अधिक लोग भी संयुक्त वसीयतनामा लिख सकते हैं। यदि वसीयतनामा संयुक्त है और यदि लिखने वाले दोनों लोगों की मृत्यु के बाद प्रभावशील होना है तो इस प्रमाण-पत्र को किसी भी एक सदस्य के रहने तक नहीं सौंपा जा सकता। यहां तक कि दोनों में से कोई भी एक यह लिखा हुआ वसीयतनामा निरस्त भी कर सकता है।
  • दो या उससे अधिक लोग मिलकर एक परस्पर सहमति वाला वसीयतनामा लिखवा सकते हैं। इसमें वसीयत बनवाने वाले एक-दूसरे के नाम संपत्ति कर जाते हैं।
  • वसीयतनामा लिखवाने वाला एक एग्जीक्यूटर नियुक्त कर सकता है। यदि वसीयत में लिखा है कि बकाया वसूलना है, या कर्ज चुकाना है या प्रॉपर्टी की साज-संभाल की जाना है तो यह काम एग्जीक्यूटर/ एडमिनिस्ट्रेट करेगा। यदि वसीयत में एग्जीक्यूटर का नाम नहीं है तो एडमिनिस्ट्रेटर कोर्ट नियुक्त कर सकती है।
  • प्रोबेट (वसीयतनामा की सर्टिफाइड कॉफी) ही वसीयत का साक्ष्य होता है। प्रोबेट की एप्लीकेशन कोर्ट में की जाती है और कोई भी रिश्तेदार आपत्ति होने पर, उसे चुनौती दे सकता है। प्रोबेट के बारे में स्थानीय समाचार-पत्र में जानकारी देना जरूरी होती है।
  • वसीयतनामा लिखवाने वाले की मौत पर वसीयतनामा एग्जीक्यूटर या फिर कोई उत्तराधिकारी प्रोबेट की मांग कर सकता है। अदालत इस तरह के मामलों में उत्तराधिकारियों से पूछती है कि क्या उनको इस वसीयतनामे पर कोई आपत्ति है। यदि कोई आपत्ति नहीं रहती है तो अदालत उनको उक्त प्रोबेट सौंप देती है। प्रोबेट कोर्ट द्वारा प्रमाणित किया जाता है। प्रोबेट ही वसीयतनामा की प्रामाणिकता सिद्ध करता है। इसके बाद ही वसीयत प्रभावशील होती है।

किसी व्यक्ति द्वारा अपनी संपत्ति के बंटवारे में (अपनी मृत्यु के बाद ) अपनी इच्छा की लिखित व वैधानिक घोषणा करना।

मुसलमानों के अलावा हर समुदाय के लिए भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम 1925 में वसीयत का कानून है। मुसलमान अपने निजी कानून से नियंत्रित होते हैं । हिंदुओ और मुसलमानों को छोंड़कर अन्य समुदायों के लोगों को विवाह के बाद नई वसीयत करनी पड़ती है , क्योंकि विवाह के बाद पुरानी वसीयत निष्प्रभावी हो जाती है ।

  • अगर व्यक्ति विवाह के बाद नई वसीयत नहीं करता है , तो संपत्ति उत्तराधिकार कानून के अनुसार बांटी जाती है ।
  • नई वसीयत करते समय उल्लेख करना होता है कि पुरानी वसीयत रद्द की जा रही है ।
  • अगर संपत्ति साझा नामों में हो , तो भी व्यक्ति अपने हिस्से के बारे में वसीयत कर सकता है ।
  • वसीयत करने वाले व्यक्ति को दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने चाहिए अथवा अपना अंगूठा लगाना चाहिए।
  •  दो गवाहों द्वारा वसीयत सत्यापित की जानी चाहिए।
  • वसीयत के अनुसार जिन्हें लाभ मिलना है , वे तथा उनके पति/पत्नियां, वसीयत के गवाह नहीं होने चाहिए।
  • अगर वे ऐसी वसीयत पर गवाही देते हैं, तो वसीयत के अनुसार मिलने वाले लाभ या संपत्ति उन्हें नहीं मिलेंगे, लेकिन वसीयत अमान्य नहीं होगी ।
  • वसीयत को पंजीकृत अवश्य करा लेना चाहिए ताकि इसकी सत्यता पर विवाद ना हो, इसके खोने की आशंका ना रहे अथवा इसके तथ्यों में कोई फेरबदल ना कर सके।
  • मुसलमान जुबानी वसीयत कर सकता है । अगर उसके वारिस सहमत नहीं हों तो वह अपनी एक तिहाई से ज्यादा संपत्ति (अंतिम संस्कार के खर्च तथा कर्जों के भुगतान के बाद बची संपत्ति का एक तिहाई) का वसीयत के जरिए निपटारा नहीं कर सकता।
  • मुसलमान की वसीयत अगर लिखी हुई है तो उसे प्रमाणित करने की जरुरत नहीं है । वह हस्ताक्षर के बिना भी वैध है।लेकिन अगर उसके वसीयतकर्ता के बारे में साबित कर दिया जाय।
  • किसी अभियान या युद्ध के दौरान सैनिक या वायुसैनिक ‘खास वसीयत’ कर सकता है । इसे विशेषाधिकार वसीयत भी कहते हैं।
  • खास वसीयत का अधिकार हिंदुओं को नहीं प्राप्त है।
  • खास वसीयत लिखित या कुछ सीमाओं तक मौखिक हो सकती है।
  • खास वसीयत अगर किसी अन्य व्यक्ति ने लिखा है तो सैनिक के हस्ताक्षर होने चाहिए।लेकिन अगर उसके निर्देश पर लिखा गया है तो हस्ताक्षर की जरुरत नहीं होती है ।
  • कोई सैनिक दो गवाहों की उपस्थिति में मौखिक वसीयत कर सकता है । लेकिन खास वसीयत का अधिकार ना रहने पर वसीयत एक महीने के बाद खत्म हो जाती है ।
  •  नाबालिग या पागल व्यक्ति को छोड़कर कोई भी व्यक्ति वसीयत कर सकता है ।
  • अगर वसीयतकर्ता ने इसे लागू करने वाले का नाम नहीं दिया है या लागू करने वाला अपनी भूमिका को तैयार नहीं है तो वसीयतकर्ता के उत्तराधिकारी अदालत में आवेदन कर सकते हैं कि उन्हीं में से किसी को वसीयत लागू करने वाला नियुक्त कर दिया जाय।
  • अगर न्यायालय द्वारा नियुक्त व्यक्ति (निष्पादक,executor)अपना कार्य नहीं करता है, तो उत्तराधिकारी न्यायालय से वसीयत लागू करवाने का प्रशासन पत्र हासिल कर सकते हैं ।
  • वसीयत लागू करने वाले को अदालत से वसीयत पर प्रोबेट(न्यायालय द्वारा जारी की गयी वसीयत की प्रामाणिक कापी) अर्थात प्रमाणपत्र हासिल करना चाहिए।
  • किसी विवाद की स्थिति में संपत्ति पर अपने कानूनी अधिकार के दावे के लिए , लाभ पाने के इच्छुक वारिस के पास प्रोबेट या प्रशासन पत्र होना जरुरी है ।
  • वसीयतकर्ता जब भी अपनी संपत्ति को बांटना चाहे वह वसीयत में परिवर्तन कर सकता है या उसे पलट सकता है ।
  • अगर वसीयतदार, वसीयतकर्ता से पहले मर जाता है तो वसीयत खत्म हो जाती है और संपत्ति वसीयतकर्ता के उत्तराधिकारियों को मिलती है ।
  • अगर दुर्घटना में वसीयतकर्ता और वसीयत पाने वाले की एक साथ मौत हो जाती है, तो वसीयत समाप्त हो जाती है ।
  • अगर दो वसीयत पाने वालों में से एक की मौत हो जाती है तो जिंदा व्यक्ति पूरी संपत्ति मिल जाती है ।

वसीयतनामा जमा करने की सुविधा

  • भारतीय पंजीकरण अधिनियम 1908 के अंतर्गत रजिस्ट्रर के नाम वसीयतनामा जमा किया जाता है ।
  • वसीयतनामा रजिस्टर कराना या जमा करना अनिवार्य नहीं है ।
  • वसीयतनामा जमा कराने के लिए रजिस्ट्रार उसका कवर नहीं खोलता है । सब औपचारिकताओं के बाद उसे जमा कर लेता है ।
  • जबकि पंजीकरण में जो व्यक्ति दस्तावेज प्रस्तुत करता है , सब रजिस्ट्रार उसकी कॉपी कर , उसी व्यक्ति को वापस लौटा देता है।

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168 Responses

Leave a Reply
  1. amit
    Mar 15, 2016 - 03:21 PM

    वसियत करने वाले कि मौत कै बाद रजिस्टर कैसे कराऐ क्या कराना जरुरी है

    Reply
    • मीना कौंडल
      Mar 18, 2016 - 06:01 PM

      अमित जी
      कानून कॉलम में हमने अपने नए लेख “उत्तराधिकार का अधिकार” के लिए अलग धार्मिक समुदायों में अलग-अलग कानून को लेकर हमने विस्तार से जानकारी दी है। उम्मीद है आपको आपके सवाल का जवाब हमारे इस कॉलम में मिल गया होगा।

      Reply
      • मीना कौंडल
        Mar 18, 2016 - 06:39 PM

        अमित जी
        आपके सवाल का जवाब हम यहाँ भी दे रहे हैं, हाँ वसीयतकर्ता की मृत्यु हो जाने के बाद भी आप वसीयत को पंजीकृत करवा सकते हैं। इसके लिए आपको उप रजिस्ट्रार के समक्ष वसीयत, वसीयतकर्ता की मृत्यु सम्बन्धी दस्तावेज, दो गवाहों के शपथ पत्र इत्यादि पेश करने होंगे।
        कानून में वसीयत के पंजीकरण के लिए कोई समय सीमा निरधारित नहीं की गयी है इसलिए वसीयत किसी भी समय पर पंजीकरण के लिए प्रस्तुत की जा सकती है।
        धन्यवाद

        Reply
        • मनीषा सिंह
          Mar 29, 2016 - 04:06 PM

          मेरी नानी के नाम नानी के पिताजी ने वसीयत लिखी उसके दो गवाह थे, 1961 की बात है गवाह एवं मेरी नानी के पिताजी एवं मेरी नानी दोनों का देहांत हो चुका है वसीयत रजिस्‍टर्ड नहीं है, गवाह का भी देहात हो गया है । क्‍या अब भ्‍ी रजिर्स्‍टड करायी जा सकती है।

          Reply
          • मीना कौंडल
            Apr 03, 2016 - 08:59 PM

            आप वसीयत को किसी भी समय पर रजिस्टर करवा सकतें हैं,हालाँकि अगर दोनों गवाहों की मृत्यु हो चुकी है तो आपको वसीयत सिद्ध करने के लिए किसी अन्य गवाह को पेश करना होगा जो वसीयतकर्ता के हस्ताक्षर की पहचान कर सके। इसके लिए न्यायालय में प्रोबेट की एप्लीकेशन फाइल कर सकतें हैं।

        • राकेश त्रिपाठी
          Jan 14, 2017 - 10:25 AM

          यदि वशीयत कर्ता के तीन बेटे हों और इसमें बड़ा बेटा का स्वर्गवाश हो गया हो,और वशियतकर्ता ऐसी हालात में अपने विधवा बहू व उसके परिवार को (जिसकी सादी लगभग 16 वर्ष पहले हो चुकी हो) छोड़कर वशियत करता हो तो बहू को संपत्ति में क़ानूनी हक़ कैसे प्राप्त होगा।

          Reply
          • हरि
            May 06, 2017 - 09:12 AM

            कृपया सुझाव दे

        • Deepak yadav
          Mar 13, 2017 - 01:30 AM

          Mam aapse mai ek baar baat karna chahta hu
          Plzz help me
          My nu is 09454626076

          Reply
        • सुनील साहु
          May 20, 2017 - 01:21 PM

          मैरै दादा. जी के दो लड़के है और वो अपन वसियत् अपने एक. लड़के के नाम कर गए और यह् दूसरो के बह्काबे में कर गए अब कुछ हो सकता है क्या

          Reply
      • अमित शारस्वत
        Sep 30, 2016 - 10:30 PM

        रजिस्टर्ड वसीयत का क्या मतलब है यह क्यो कराया जाता है ! मौत के बाद बटवारा तो हो ही जाता है क्योकि आज का हर काम बड़े वोगो के सीभारीस और पैसे से होता है!
        please tell me about will

        Reply
      • vijay kumar
        Jan 29, 2017 - 11:43 PM

        mai student hu mai bachpan se apne bare bhai ka business me sath diya mere pita jee bhi unhi ki madad karte hai.aur unhone apne aur apne patni ke naam se jameen kharida.kya mera usme hisa ho sakta hai

        Reply
      • Shailesh Srivastav
        Nov 03, 2017 - 08:28 AM

        नमस्ते मैडम जी मै आपसे १ सुझाव लेना चाहता हु

        मेरे नाना& नानी अपने जायजाद का बीना कीसी को वसीयत कीये मर गये
        मेरे मामा धीरे धीरे पुरा जमीन बेचकर कम पैसे मे ही पी गये
        अब उनका लडका बालीक हुवा है क्या उसका हीस्सा उसमे मील सकता है की नही

        Reply
    • Suraj Kumar
      Jun 20, 2016 - 10:59 PM

      Mere Dada Jee ne ek vasiyat likhe the or us vasiyat ko koi mere family ke log us vasiyat ko torna chahte h kya vo tut skta h..

      Reply
    • Deepesh kumar
      Nov 05, 2016 - 07:45 PM

      SIR hamne 1995 Me ak harjan admi ne mere name apni agriculture land basiyat kar di thi aur uska ladka usme gbaha tha bo jamin 1998 Me mere name a gyi aur usk ladk ki deth 2008me ho gyi hamne bo jamin 2015me bech di ab uski wife ko lalach A gya to usne sdm Court Me Case kiya kya bainama cancil ho jayega

      Reply
    • satindar sharma
      Dec 29, 2016 - 12:25 AM

      Dir.sir mere Nana Ji ne ek wasiyat rajistard Banai hai meri maa bashmati bevi ke name 11/5/2016kojisme Nana Ji ki.do.bati Ar bhi.hai Nana Ji ke daihh 1/7/2016/ko ho gai dono beti he rajswkarmchri ko rupay de kar khatawni me teeno beti Ka name hai do beti me jameen beach di jab bashmati devi ko malom huw too uspar apati la hai hai. Sir Ji wasiyat meri maa me phach me hoga meri bashmati divi hai koe.kanon i upay batay

      Reply
    • महिमा चौधरी
      Mar 07, 2017 - 01:07 AM

      माँ ने वसियत बेटे के नाम बटवारा करके लिखी उसके बाद बेटे की मृत्यु हो गई उसके दो बच्चे होने पर भी दादी अपनी सारी सम्पति दूसरे बेटे के नाम करती है तो क्या पोते का हक रहेगा या नही

      Reply
    • Raju kumar
      Jun 05, 2017 - 02:20 PM

      Sir mere Nana ji ne hum do bhaiyo ke nam se wasiyat ki aur mere Nana ji ke mare hue 22 sal ho gaye ab mai uska dakhil kharij karana chahta hu kaise hoga plz Help me mera contact no 7761905909

      Reply
  2. सागर
    May 10, 2016 - 05:35 PM

    मुझे वसीयत को लेके कुछ जानकारी चाहिए

    Reply
    • Raj
      Dec 16, 2016 - 11:32 PM

      My mother is died, she had a house . And my father is live who is the owner of the property there is no bill

      Reply
  3. Ashok Kumar yadav
    May 12, 2016 - 10:50 PM

    कया वसीयत मे नाम न रहने से बेटा को जायजात मिलेगी

    Reply
  4. shrikant patel
    Jun 07, 2016 - 03:19 PM

    मैं आपसे नम्र निवेदन होकर जानकारी चाहता हूं मेरे दादा जी दो महीने पहले शांत हो चुके हैं उनकी अंतिम इच्छा थी कि मेरे नाम से वसीयत जमीन की लिखना चाहते थे पर बीमारी के कारण नहीं लिख सके और समय निकल गया और शांत हो गए और उनकी जमीन पर मेरी वसीयत नहीं लिख पाए अब मेरी दादी अभी मौजूद है दादी के नाम की जमीन दादी अपनी स्वेच्छा अनुसार मुझे रोकना चाहती है अब दादी के पास अंतिम समय 1 महीने का है और 8 दिन बाद भी गुजर सकती है डॉक्टर ने बताया अब मुझे समझ नहीं आ रहा है कि मैं 8 दिन का समय है मैं क्या करूं और वसीयत लिखवाना है मुझे तो दादी तहसील कार्यालय तक नहीं जा सकती अब आप मुझे प्लीज बताए कि मुझे क्या करना अनिवार्य होगा वसीयत लिखवाने के लिए

    Reply
    • मीना कौंडल
      Jun 07, 2016 - 06:27 PM

      आप अपने स्थानीय वकील से सलाह करके उन्हें अपनी दादी के पास ले जाएँ। इसके लिए आपको स्थानीय 2 गवाह भी चाहिए होंगे। इस बारे में आपको सारी जानकारी आपका वकील दे देगा।
      धन्यवाद।

      Reply
      • Chetan
        Jul 22, 2017 - 11:30 PM

        Jamin jo ki meri dadi.k naa. Haii..mere dada g expire ho gye hai…unk 2 ladke or 1 ladki hai..mere papa or mamy expire ho chuki hai…..ab mere uncle hai unka ek ladka haii……mere father jo ki expire ho chuke hai ..unk 3 ladk hai…..or meri bua hai….ham apna hissa kaise le sakte hai

        Reply
  5. shrikant patel
    Jun 07, 2016 - 03:22 PM

    सॉरी क्षमा चाहता हूं शब्द गलत लिखा गया दादी मुझे जमीन dena चाहती है मुझे वसीयत लिखवाना है दादी अपअपनीswecsha अनुसार मुझे जमीन देना चाहती है अब क्या करूं उपाय बताएं 9993356411

    Reply
  6. P k mishra
    Jun 07, 2016 - 09:54 PM

    1 – क्या पैतृक चल व अचल सम्पति की कोई वसीयत कर सकता है जो की उसने खरीदी नहीं ?
    2- क्या पैतृक चल व अचल सम्पति को कोई अपने पुत्रो को छोड़ कर , अपने पोतों मे कर सकता है ( जब क़ि सम्पति उसके द्वारा खरीदी नहीं गई है ) ?
    3- रजिस्टर्ड वसीयत कोर्ट में कितने दिनों बाद दाखिल करना चाहिए यदि वसीयतकर्ता मर गया हो ?
    4- यह मरने के कितने वर्षो बाद तक कोर्ट में दाखिल की जा सकती है ?

    Please tell me.

    Reply
  7. chandan
    Jun 08, 2016 - 04:11 PM

    Ji mera problem yeh hai ki mere father ki death 7saal pehle hochuki hain main mera do bhai or 3 behen hai tino behen ka saadi hochuka hai aur mera bahi ka bhi or mere bade bhai apni patni ke pass rhta hai…aur mera bhai or uski patni dono mere maa se apna share chahte hain…kya woh aisa chahe to kar skte hain plz reply….

    Reply
    • Madhu mala kumari
      Jun 18, 2017 - 10:41 AM

      Hi mera problem the ki mere Pati ke bade Bhai Sara sampati apni Patni ke naam kar diye h dono Bhai ke paisa se jammen h our kahte h ki kahi hissa nahi milega

      Reply
  8. पुरुषोत्तम
    Jun 13, 2016 - 08:17 AM

    मेरे जीवित ससुरजी के 3 पुत्र और एक पुत्री है। सभी का विवाह हो चूका है। किन्तु दो पुत्रो की मृत्यु हो चुकी है। दोनों मृत पुत्रो के क्रमशः 1 पुत्री व् एक पुत्र हैं। मेरे ससुरजी के पास पुश्तैनी सम्पत्ति कुछ भी नही है। अपितु उनके स्वयं द्वारा अर्जित आय से एक मकान है जिसकी वर्तमान कीमत 60 लाख रु.है। क्या उनकी अर्जित सम्पत्ति पर उनके पुत्रो का कानूनन बराबर का अधिकार है अथवा यह उनकी इच्छा पर निर्भर है कि जिसे चाहें उसके नाम से वसीयत कर दे?

    Reply
    • SHAHNAWAZ HUSSAIN
      Jul 27, 2016 - 10:23 AM

      Mugh se registered office me register karne ke liye 10000 rupya mag rhe h main kya krun right solution plz

      Reply
  9. Akash
    Jul 21, 2016 - 07:51 AM

    Medam g mere dada ji ki deth huye 20 saal ho gye hai.meri dadi g abi hai.mere dada g ke 5 bete hai sbse bde expire ho gye hai.mere dada g ki jo property hai uspe mere 3 chacha rehte hai or dadi bhi hum.hamara koi ghar nahi h hum 30 saal se rent pe rehte h.mere papa ko shadi ke bad lad jhgad k bahr nikal dia tha.ab hum jab bhi apni proprty ke bare me unse bat krte hai to vo log ladne lgte hai or bolte hai tera koi hissa nahi hai yha.plese aap mere ko btaiye mere ko kya karna chaiye.

    Reply
  10. Puneet yadav
    Jul 29, 2016 - 11:49 AM

    Dear madam,
    Mere papa ji teen bhai hai. Mere papa ke pass mere bade tau ji rhte h unke koi bi baccha ni tha.aur mere sabse bade tau ji ke sirf 2 girls h.abhi sudden june2016 me mere tau ji aur july 2016 me meri tayi ji dono log expire ker gye h.mere tau and tayi ji jo mere sath last 20yrs se sath rahte the wo log apni property mere papa k naam krna chahte the par aisa kuch ker nhi paye aur chal base.so app ye btaye ki unki property muje kaise milegi ya nahi milegi.ab registerd wasiyat kaise banegi.ye prooerty bade tau ji ke pass na ja paye .koi solution btaye.
    puneet yadav
    9532469955

    Reply
  11. R.K.Singh
    Aug 02, 2016 - 01:07 AM

    हेलो मैडम.
    नमस्कार.
    मेरे पिताजी पांच भाई हैं मेरे दादाजी 28 साल पहले सारे जमीन के 80 परसेंट जमीन को पांच भाइयों में बंटवारा कर दिया था गोटी गिराकर जिसका कोई लिखित प्रमाण नहीं है बाकी के 20 परसेंट जमीन में से 10 परसेंट मेरे पापा को दिया गया था क्योंकि मेरी दादी मेरे पापा के पास थी 10 परसेंट मेरे पांच में अंकल को दिया गया था दादा जी उनके पास थे मेरी दादी 2 साल पहले स्वर्गवास हो च*** है 2 महीने पहले मेरे दादाजी 20 परसेंट जमीन जो कि दादा के नाम का क्या वाला था दादा जी के नाम कथा वह बाकी के मेरे पिताजी के चार भाइयों को नाम से लिख दिया जोकि मेरे पिताजी को 2 दिन पहले मालूम हुआ मालूम होने के बाद बाकी के अंकल गुप्त रुप से बोले की मैं जमीन मेरे पापा के हिस्से का तब वापस करुंगा जब दो जमीन 28 साल पहले बंटवारा हुआ था वह फिर से batwara की जाए लेकिन लेकिन आज आज का गुप्त सूचना है वह लोग जमीन भी वापस नहीं करना चाहते हैं और बाकी के 80 परसेंट जमीन है उसमें से बेचने का प्रयास कर रहा है मेरे दादाजी मेरे पापा के संपर्क में नहीं है फिलहाल ढाई महीने से जो जमीन दादाजी 20 परसेंट उन लोगों को लिख दिया है उनमें से मेरे पापा के हिस्से का जमीन कैसे वापस किया जाए????? और जो जमीन 28 साल पहले बटवारा हो चुका है क्या यह मान्य नहीं है???? ? यह बहुत ही अर्जेंट है कृपया मदद करें आपका आभारी आर के सिंह यह मामला बिहार का है कृपया अपना कांटेक्ट नंबर मुझे द* मेल के जरिए धन्यवाद

    Reply
  12. yagyanarayan soni
    Aug 03, 2016 - 11:18 AM

    मेडम जी,
    स्व. आत्मा राम सोनी वल्द स्व.बिसाहू राम सोनी निवासी वार्ड नं. ६ (नया) चाम्पा जिला- जांजगीर-चाम्पा के निवासी थे ! वे मेरे दादा ( परिवार) है ! उनका स्वयं का कोई संतान नही है ! उनके द्वारा कोई वसीयत नही लिखे थे ! वे अपनी पैतृक संपत्ति मकान को सार्वजनिक भवन बनाना चाहते थे ! इसके लिये वसीयनामा लिखा गया है ! दादा की मृत्यु के बाद दादी ने २००९ में अपने रिश्तेदार भतीजा एवं भतीजा के पुत्र के नाम वसीयत लिख दी है ! उक्त मकान संपत्ति नजूल रिकार्ड में दादा के नाम ही दर्ज है ! क्या दादी मकान की स्वामी बने बिना लिखी वसीयत वैधानिक है !

    Reply
  13. mobeen
    Aug 20, 2016 - 02:26 AM

    me aap se salha lena chata hu place help me / mere dada ne apne pas wale ko 45 gaj jagha bechi thi ab 40 sal ke bad ak masla bana to pata chala ki jagha wo 100 gaj hai to ham ab lena chate hai jo jayada hai wo kya karna hoga

    Reply
  14. saied ahmad
    Aug 20, 2016 - 02:09 PM

    Sorry हमारी अम्मा ने 2 स्टाम पर जो रजिस्टर्ड नहीं है उस पर 90 गज जगह बेच दी खरीदने वाले का नाम सही नहीं है और अम्मा की रजिस्ट्री है झगड़ा चल रहा है जिसमें हमें सलाह चाहिए stam सन 1965 के हैं सन 1965 की वैल्यूएशन क्या है यह stam माननीय है या नहीं

    Reply
  15. akhtar jamal
    Aug 23, 2016 - 12:47 AM

    मेरे दादाजी ने 1965 मे जमीन खरिदी जिसपर मेरे पिताजी ने मकान बनवाया आज दादाजी उम्र 98 साल के है मेरी बुआ ने मकान का 1/2 हिस्सा दो बहनो व दादी के नाम वसीयत कर दीये रजिस्टरड वसीयत कर दीये जब की मकान मेरे पिताजी बनवाया है 6 बहन 1 भाई है वसीयत मे गवाही 17 साल का एक 29 साल का क्या कोर्ट मे चैलेंज किया तो वसीयत खारिज होगी

    Reply
  16. pawan
    Aug 23, 2016 - 02:33 PM

    Property mera name per hai mera 3 ladke hai or 2 ladkiya Sabhi ki sadhi hu gai 1 ki nahi hui mera pehle bada ladka peheli patni ka hai pehli patni ki death hu gai 2 ladke dusri patni ke hai or m property 2 ladko ke name karbana chahata hu tu pehli patni ka ladka hak tu nahi jamayega

    Reply
  17. sandeepmokhdale
    Aug 27, 2016 - 11:01 AM

    me didi aapse jankari chata hu ki mere dadag ne mere nam ragestad vill kari thi or unki death bhi ho gaei h or mene vasiyat namntaran ke leya thsiloofis m smbit kar di chuki vasiyat ki jamin khandani h jisme thsildar mhody g duvra mere dada g ke baccho mere pitag buag ki gavahi bhi karvaei gaei fir aagey ki pesi m thsildar mhody g duvara kha gya ki mere dada ki vasiyat ki proprty samil sirkat me h unke va unke chotey bhei ka bhi us proprty me hissa 1/2 -1/2 yni rakaba 0.50 h jisme dada g ne keval apne ansh ki jydad ki vasiyat kari h thsil dar mhoday g ne kha ki mere chotey dada g jenki bhi date ho gei h unkey baccho ko bhi palti bnaya jay unki bhi gvahi karvaei jay kya yha shi h kpya kuch uchit salh de
    danyavad

    Reply
  18. पिन्टु चौधरी
    Aug 30, 2016 - 09:44 PM

    मेरे चाचा जो निःसंतान है,उनके बीमार रहने पर मेरी सेवा से खुश् हो के मझे रजिस्टर्ड वसियत निबंधन कार्यालय में जा के कर दिए,वसियत में अपनी पत्नी को कुछ नहीं दिए।मैडम जी क्या उनकी पत्नी को अदालत से कुछ मिल सकता है।और मुझे प्रोबेट कराने में कोई दिक्कत तो नहीं होगी।चाचा की मृत्यु वसियत करने के 6 महीने बाद हो गौई है।

    Reply
  19. Manoj barnwal
    Sep 01, 2016 - 08:50 PM

    मेरे दादा जी १९८० के पहले ही मर गये है और मेरे पिता जी ४ भाई है जमीन का बटबारा कुछ दिनों पहले हुआ तथा हम तीन भाई है और मेरे पिता उस खानदानी जमीन को मेरे २ भाइयों की मदद से बेचना चाहते हैं जबकि मै नही चाहता।।।। मै कया कर सकता हुू ????

    Reply
  20. kamlesh
    Sep 02, 2016 - 11:49 PM

    mera nana ke 2 ladkiya ha jinme meri maa ki deth 1987 me ho gai thi meri maa ki sister nana ki proparti lene chahati ha kya mera bhi proprty me huk banta ha please meri madad karo

    Reply
  21. kumarsujeet
    Sep 13, 2016 - 10:21 PM

    Nmaste madam -madam g apse ek slah chahiai
    hmare dada g ke 5 bete or 1 beti hai savi ka sadi ho gyahai or dadi hai av savi log jiwit hai
    hmare papa 5 bhai jisme 1 bhai biklang hai (gunga )yani bol nhi pate hai
    jmin 3bigha hai agar jamin jayjad btwara hoga to 5 beta ka hisa barabar brabar hoga
    hmare dada g ka khna hai ki 4 ka babar hisa hoga or 1 beta yani biklang ko jyada hisa dena chahte hai
    es bat ko lekar dada g se jhagra krte hai 4ro log ki nhi sbka brabar ka hisa hona chahiai
    aaphi btaeai sbka brabar hona chahiai ya 1 ko jyada help me

    Reply
  22. Mohd Arshad
    Sep 18, 2016 - 01:37 PM

    Mera nam mohd Arshad mai U P es hu mere abbu ki mausi pahle mere abbu aur mere chacha aur mere abbu ke dusri mausi ke ladke ( abbu k cusin) ke nam wasiyat ki thi bad me mere abbu ke cusin ne jb mansik rup se thik nahi thi to unse apni patni ke na wasiyat kara liye….. lekin nai wali wasiyat me purani wasiyat ka koi jikr nahi hai ( radd nahi hai)…. to kaun wali wasiyat sahi mani jaegi…. plz batane ki kripa kare

    Reply
  23. Mohd Arshad
    Sep 18, 2016 - 01:41 PM

    Mere abbu ke mausi ki age 80 years thi ab wah mar chuki hai…..dono wasiyat me ek gawah common hai…

    Reply
  24. Pushpendra kumar
    Sep 19, 2016 - 09:16 PM

    Mera name Pushpendra kumar hai. Hamare sath ek bujurg baba g the .unka hamare parivar se koi sambandh nhi tha. Unho ne 1993 me hamare pita g me naam registered vashiyat kr bye the. 2004 me hmare chachao me naam kr gye .Jo ki unki vashiyat me vashiyatkarta ka naam galat hai.aur Jo unki taraf se 2 gawah the.WO gawahi dene ko raaji nhi hai.mukadma chalte 2 year ho gye hai. Pls ouch sujhav dene ki kripa kare to mahan day hogi.

    Reply
  25. mandeep shergill
    Sep 22, 2016 - 07:53 PM

    Sir,i am a farmer.mere papa ne kareeb 1955 mein jmeen kharidi thi par vo self aquired property ka proof maang rhe h jo hmare pass nhi h kyonki ya to registry kho gyi ya fat gyi aaj ki jamabandi aur proof h.sir please tell me the solution ?

    Reply
  26. Vishal tiwari
    Oct 01, 2016 - 08:31 AM

    Mere baba ji ki do saadi h, pahle Saadi se ek ladke h Jo ki mere pita ji h, Aur doosri Saadi se do ladkiya hi h, Mere baba ji apni puri jayjat apni patni Yani Daadi k naam Rajistard vasiyat kar diye h, aur abhi baba ji ka Halat kharab rah raha h , udhar unki dono ladkiya aur unke damad unke Marne ka intazar kar rahe h, Taki saari jayjat Jo Daadi ke naam h WO apne naam se kara lenge, Meri Daadi bhi unhi logo ko dena chahti h, Koi upay ho to Plz bataye….Plz…

    Reply
  27. Uogesh
    Oct 17, 2016 - 08:16 AM

    Namaskar

    Reply
  28. Yogesh
    Oct 17, 2016 - 08:20 AM

    NAMASKAR MERE PAPA KO GAYE 7 SAAL HO GAYE AB MERI MAA KO MERI TINO BHAI AUR BHABI GALI GALOJ KARTI HAI YAHA TAK KE MAAR PEET BHI KYA MERI MAA UNKO GHAR SE BAHAR NIKAL SAKTI HAI HAM CHARO BHAIYO NE PAPA I MOT KE BAAD MAKAN MAA KE NAME KARA CHUKE HAI

    Reply
  29. narendra jangir
    Oct 20, 2016 - 02:27 PM

    Mere pardadaji ne ek wasiyat likhi Jo ki mere Papa or uncle Ke Naam likhi

    Reply
  30. Arfat inamdar
    Oct 21, 2016 - 03:34 PM

    Mare bête k Nam porosity hai par v 14 sal ka hai kucch karan o property bachni hai .

    Reply
  31. Kavita
    Nov 03, 2016 - 04:50 PM

    Hi kavita mere papa ki main ek beti hu .or mere papa ne apni patni or apni beti ko jamin jaydad se bedkhal KR diya hai.Jo mere Dada ki thi. Unhone news paper me nikalwa diya h or.meri sadi ho chuki hai. Aap Hume ye btaye ki unki patni or beti mil KR case KR sakti h kya un PR.

    Reply
  32. अविनाश
    Nov 07, 2016 - 12:23 PM

    क्या हिन्दू परिवार में यदि वसीयत करता ने लिखा है कि मेरे उत्तराधिकारियों को सम्पति बेचने जा अधिकार नही होगा और वो पूर्ण मालिक होंगे तो क्या होगा

    Reply
  33. Kanhaiya kumar
    Nov 09, 2016 - 10:59 PM

    Ji mera problem yeh hai ki mere father ki death 7saal pehle hochuki hain main mera do bhai or 3 behen hai tino behen ka saadi hochuka hai aur mera bahi ka bhi or mere bade bhai apni patni ke pass rhta hai…aur mera bhai or uski patni dono mere maa se apna share chahte hain…kya woh aisa chahe to kar skte hain plz reply….

    Reply
  34. Dev Raj
    Nov 10, 2016 - 12:38 AM

    मेरे दादाजी की मौत हो चुकी है लेकिन मकान का बटवारा नही हुआ उनकी पत्नी जो अभी जिन्दा है और उनके तीन बेटे और चार बेटीयाँ है सबकी शादी हो चुकी है मकान तीन मंजिला है जिसमे तीनो बेटे अपने परिवार के साथ रहते लेकिन हमारी दादी अपने सबसे छोटे बेटे के साथ रहती है…… तो प्लीज़ ये बताइए की बटवारा कैसे होगा??????

    Reply
  35. Manish Doshi
    Nov 20, 2016 - 09:06 AM

    Kya huf ki property (land)kisi dusari vyakti ko Vasiyat kar sakte hai ?

    Reply
  36. Sudhir
    Nov 23, 2016 - 05:37 AM

    क्या खुश्की वसीयत की वैदता अभी भी है
    मेरी दादी ने एक वसीयत की थी 1992 में क्या वह वैद है वह रजिस्टर्ड नहीं है और गावह सब जीवित है

    Reply
  37. veer kaushal
    Nov 27, 2016 - 07:53 PM

    सर
    मेरी ससुराल की 40 विघा भूमि है, जो की दादा लाही है ,ओर दादा के मृत्यो हो जाने के बाद आधी भूमि 20 बीघा दादी के नाम दर्ज हो गई और 20 बीघा ससुर के नाम दर्ज हो गई।
    ससुर की मृत्यु हो जाने के बाद ससुर की हिस्से की 20 बीघा भूमि उनकी पत्नी के नाम दर्ज हो गई।

    अब दादी की हिस्से की 20 बीघा भूमि उनकी 4 बेटियो ने धोके से रजिस्ट्रार ऑफिस ले जाकर अपने नाम। गिप्ट डिड करा ली परंतु
    दादी ने अपने जीते जी धोके से की गई गिप्ट डिड को केंसल
    करने के लिए कोर्ट जाकर केस दायर कर दिया ।

    लकिन दादी ने अपने जीते जी अपनी बहू ( पुत्र वधु ) के नाम से एक
    यादास्त नामा बनाया है, जिसमे लिखा गया है कि उनकी मृत्यो के बाद उनकी पुत्र वधु ही उनके केस की पैरवी करेगी।

    अब दादी की मृत्यो हो जाने के बाद पुत्र वधु ( बहू ) ने दावा किया है

    आज भी केस चल रहा है।

    में जानना चाहता हु की इसका निर्णय किसके हक़ में होगा।

    Reply
    • SATISH KUMAR
      Jun 23, 2017 - 12:28 PM

      SIR MARE DADI KO 6 BIGA JAMIN PATTE KI 1993 MAI MILE THI OR 6 SALE BAD MARE DADI NE BINA SANKARMADI KIYE BINA MARE PAPA KE NAME RAGISTERD VASIYAT KAR DI JISME MARE PAPA KE BHAI 2 GAVAH HA LAKIN DADI KE MARNE PAR UNHONE DAVA KIYA HAI KI JAMIN 5 BHAI MAI BATNE CHAYE KIYA VO JAMINE MARE PAPA KE HAKE MAI HOGE YA NAHI

      plz anwer

      Reply
  38. Subodh sharma
    Nov 30, 2016 - 04:34 PM

    Mere pita g khatm ho gaye he hum Do Bhai he dono alag alag ho gaye he ab unaki jameen jayedaad hum dono ko milani thee lekin mere Bhai ne apane hisse me dukaan leli he jo jameen ke barabar ki keemat ki he or unhone mujhe Se saari jameen lene ko kaha he ab wo mere naam kese hogi bataya

    Reply
  39. Kamal Misra
    Dec 01, 2016 - 02:15 PM

    Meri ma ki 8-6-1956 ko death ho gai ma de 3 santan thi unke Nam property h jisme Bhai sister ko part dekar bech rahe h .kiya1956 m larki ko hissa diya jata tha.

    Reply
  40. Kamal Misra
    Dec 01, 2016 - 02:17 PM

    Meri ma ki 8-6-1956 ko death ho gai ma de 3 santan thi unke Nam property h jisme Bhai sister ko part dekar bech rahe h .kiya1956 m larki ko hissa diya jata tha.
    ?

    Reply
  41. Lalit
    Dec 06, 2016 - 12:19 AM

    Medam ji namsty meri nani ne vasiyat ki hy meri mata ji ky naam or baki sabhi mama ji ky naam par nani ji ne apni ek vidhva bahu ko kuch bhi nahi dena likha hy or us bahu ny aapati bhi lagadi hy or kari 4,5 sall se khich rha hy par ek samasya hy meri nani ji naam jamen nahi ho pai thi or nani ne vasiyat kar di hy aap kirpya kar koi sujhav bataiye ki yha kesh meri mata ji or mama ji ky kitny paksh me hy or jeetny ky liye koi salaha deny ki kirpa kary,

    Reply
  42. SANDEEP
    Dec 13, 2016 - 06:10 PM

    KYA REGISTERD VASIYAT KO VASIYAT KARTA KE MRITYU KE BAD APNE NAM KARANE KE LIYE FIR SE GAWAHO KI JARURAT PADTI HAI JO WASIYAT KERTE SAMAY THA

    DADA JI NE PITA JI KE NAM SE REGISTERD VASIYAT KI THI AB DAD JI KI MRITYU HO GAYI
    AB VASIYAT KO LAGU KERNE KE LIYE HUME FIR SE UNHI GAWAHO KO BULANA PADEGA GAWAHI KE LIYE

    HUMARE YAHA NAGAR PANCHAYAT OFFICE ME AISA KAH RAHE HAI

    Reply
  43. anu
    Dec 15, 2016 - 12:00 AM

    mere pati ki death 12 Oct ko hui thi….uske baad se mere sasuralwaley bahut zada violent ho gaye they…meri jaan lene ki bhi koshish ki main apni 3 saal ki beti ko lekar apne parents k paas aa gayi hu….main janna chahati thi kya unki paitrek sampati mai meri beti ko hissa milega…aur Kya main unse apne beti ki parvarish k liye unse bhatta maang sakti hu…agar wo dene k liye mana karte h to main kya kanoni karwayi karu ….please meri help kariye please

    Reply
  44. Raamjii Upadhyay
    Dec 15, 2016 - 04:38 PM

    Agar washiyatnama me washiyat karne wale ka naam galat darj kiya gaya hain tho kya woh washiyatnama manya hoga…….????

    Reply
  45. aman kunar
    Dec 19, 2016 - 12:29 PM

    Hmara ghar asr me hai abhi hum chd rent pe hain to asr wale ghar ki vasiyat pita k naam thi unki death ho gye ab maa ko hmare naam pe asr ja k vaseeyat bnaani hogi ya chd se be banva sakte hain plz reply

    Reply
    • satindar sharma
      Dec 29, 2016 - 12:28 AM

      Dir.sir mere Nana Ji ne ek wasiyat rajistard Banai hai meri maa bashmati bevi ke name 11/5/2016kojisme Nana Ji ki.do.bati Ar bhi.hai Nana Ji ke daihh 1/7/2016/ko ho gai dono beti he rajswkarmchri ko rupay de kar khatawni me teeno beti Ka name hai do beti me jameen beach di jab bashmati devi ko malom huw too uspar apati la hai hai. Sir Ji wasiyat meri maa me phach me hoga meri bashmati divi hai koe.kanon i upay batay

      Reply
  46. Rohan
    Dec 21, 2016 - 11:13 PM

    मेरे नाना की खेति मे मेरी माँ का नाम है । मेरे नाना नानी का देहाँत हो गया है। खेति मै मेरे मामा और माँ का नाम है मेरी माँ के बाद हमे खेती मिलेगी कया ? Plese help mi

    Reply
  47. deepak
    Dec 27, 2016 - 05:02 PM

    my grandfather dead after write the wasiyat and my wasiyat last 3 year old I would like to apply in thesil Please confirm me how much money is required to pay to lawyer and what is the role of witness in this case.

    Reply
  48. Martha bagchi
    Jan 02, 2017 - 02:29 AM

    Mere pati ki moat k baad mere sasural wale mujhe our mere Bachhon ko sasural nahi aane dete our nahi koi bhi Prakar ki madat dete hai nahi koi hissa meri 3 nande hai vo sari jajad apne naam karwana chahti hai ese me mujhe Kya karna chahiye please mujhe koi rasta bata he

    Reply
  49. तुषार कुमार
    Jan 02, 2017 - 04:06 AM

    नमस्ते
    मुझे जानकारी चाहीए कि मेरे पिता जी ने मेरे चाचा को गांव की जमीन के हिस्से के अलावा दुसरे राज्य मे घर के लिए जमीन खरीदने के लिए अपने हिस्से के पैसे मेरे चाचा को दिए थे ।
    मेरे चाचा ने दो जमीन भी खरीदी लेकिन दोनो अपने नाम पर, और बाद मे एक जमिन बिना बताए बेच दिए।गाव के हालात सही नही थे इस लिए उन्होने हम सब को गांव से बुलवा लिया । और बाद मे काम भी साथ मे शुरू किए ।दो ट्रक लिए लेकिन ट्रक भी चाचा के नाम से लेना पड़ा क्योंकि हम शहर मे न ए थे । जब अन्तिम की किशती बची तो हमारा ट्रक चोरी हो गया । और इनशयोरेनस के जब पैसे आए तो उन्होंने उसमे से भी पुरे पैसे नही दिए। अब हमे घर से ने कोई हिस्सा दे रहे है और उपर से कह रहे है के सबूत दिखाओ अगर पैसे दिए है तो।
    कया भारत मे ऐसे कोई कानून है जो हमे इन्साफ दिलवा सके।

    Reply
  50. Ramakishan sharma
    Jan 03, 2017 - 12:00 PM

    किसी की वसीयत का हक पाने के लिए नी दी गई 4 डोकोमेन्ट मे से 3 है जेसै कि
    (1) POWER OF ATTORNEY FROM THE HIGH COURT OF SENEGAL.
    (2) AFFIDAVIT OF OATH FROM THE HIGH COURT OF SENEGAL.
    (3) A DEPOSIT CERTIFICATE OF THE DEPOSITOR.
    (4) A CERTIFIED DEATH CERTIFICATE OF THE DEPOSITOR.
    ईसमें 1नम्बर नहीं है इसके लिए मैने lawyer accictent of senegal.
    तो उन्होने कहा काम हो जायेगा अब मैं आपसे यह पुछना चाहता हूँ कि मेरी उम्र 01-06-1996(20)पू, क्या मैं वसीयत नामा पा सकता हूँ।
    mr.ramakishan sharma

    Reply
  51. lukysingh
    Jan 03, 2017 - 07:47 PM

    सर नमस्ते मेरा आपसे निवेदन है कि वसीयत ग,हीता की मृत्यु होने पर उसके सौतेले वारिसदारो को जमीन में हिस्सा मिलेगा या नहीं। हिन्दू धर्म में

    Reply
  52. Jahid Khan
    Jan 07, 2017 - 12:34 AM

    Hello Sir
    मेरे पापा के इन्तेकाल के बाद मालुम हुआ कि उनकी प्रॉपर्टी परिवार में एक के नाम है इसी प्रॉपर्टी से और प्रॉपर्टी बनाली है अब परिवार में किसी को नहीं देना चाहतें मेरे पापा बहुत सीधे थे और मां को समझाते रहते है कि सबका हक दूँगा जो खरीद ते है वो अपनी बीबी के नाम करा देते है पापा की प्रॉपर्टी ही इस्तिमाल कर कार्य करते है
    कहते है कि चार-चार लाख पाँचो भाई लेलो और अपना-अपना देखो मार्केट की कीमत लगभग एक-करोड़ से ज्यादा है |
    Sir- हम अब किया कर सकतें है

    Reply
  53. niraj
    Jan 09, 2017 - 10:37 AM

    Madam
    Please meri help kijiye. Mere nana ki sirf ek beti h meri maa. And mere nana n registred vasihat kr diya h apne bhai k ladko ko. And vasihat m gawah m meri mummy ka sign le liye h. To kya m vasihat ko challenge kr skta hu.mere nana ka death hue 4 years ho gya h ..plzzz mam help and suggest me .

    Reply
  54. MANGAL
    Jan 09, 2017 - 02:16 PM

    sir mere pita ji ne hum dono bhaio aur bhano ke naam vasiyt ki h jisme 1 witness humare gaion ka numberdar h aur duara alag gaion ka witness h jo typest ka kam karta h kya uski gahavai chaligi vasiyat ho gai h koe dikat to nahu ayegi

    Reply
    • Sachin kumar
      Apr 11, 2017 - 05:38 PM

      Shar patte ki zameen ki vashiyat kab karba sakte h

      Reply
  55. rakesh
    Jan 12, 2017 - 07:01 PM

    Mere dada ne jiteji khet ki jmin mere name vasiyat kr di to ab isme kisi bhi trike se koi dikkat to nai aayegi na plz bta do

    Reply
  56. गुडिया
    Jan 19, 2017 - 07:10 AM

    मेरे माँ बाप का इंतेक़ाल हो गया मेरी माँ दो बहने थी भाई कोई नही जो नानी का माकन था वो
    नानी नाना खलु खाला ने मिलकर मुछे धोका दिया मुछे बहाने से ले जाके वसीयत अपने नाम लिख बाके मेरे साइन भी करबालिया अब मुछे हिस्सा नहीं दे रहे है वसीयत इस प्रकार थी मेरे नाना नानी खाला खालू और मै मेरा भाई हमें रिस्तेदारी के बहाने से कोट ले गए बहा वकील से लिखबया ये मेरी बेटी की बेटी हैं और या मेरी बेटी है खाला को जिस पर खाल खालू उनके 3 बेटो का नाम लिखा और निचे मेरे साइन करबलिय मैंने कुछ दिनों के बाद चाचा से कहा तो उन्होंने कहा तुम हमें साथ लेके जाती अब मै आपसे ये जानकारी चाहती हु की मुछे मेरा हिस्सा कैसे मिले प्लीज मेरी मदत करो मेरी कोई नही सुनता मैं क्या करू क्या हो सकता है और क्या नही
    मेरा नाम गुड़िया फोन 8791821082

    Reply
  57. Mohammed Aamir
    Jan 22, 2017 - 01:04 PM

    Namaste mera naam Mohammed aamir he mujaye aap ki salah ki bohot zaruraz he pls pls meri help kijiye warna mera pura pariwar barbad ho jayega meri par dadi ne ek wasihat ki thi mere papa ne naam oar woh haweli mere par dada ne apni shadi me tofe me woh haweli meri par dadi ko zubani kari thi oar bad me mere papa ne meri do beheno ke naam hiba nama kiya tha us ke bad mere chacha ne us haweli pe apna labza jama liya kiyu ki mere papa ka per katne ki wajese woh jaipur hospitals me ilaj ke liye aaye the oar yeh haweli tonk states me he us ke bad mere papa ne kes kiya par pehli peshi ke bad dat ho gai us ke bad meri mammi ne kes larti rahi bad me meri behno ne kes wapas leke 1-5 lakh rupee le liye par hum baki 3 benen oar hum 2 bhai ko kuch nahi mila kya hum us haweli ke hakdar he kya suprim court home insaf de sakta he kya hom kabhi apne ghar japayege krpa kar ke koi marg de me aap ka aabhari rahuga mera no pls mujay koi upay bataye 7095822870/8032925710 pls meri madat kare kiyu ki hom log bohot taklif me ji rahe he na homre pass koi ghar he nahi homare pas koi job hom pare likhe bhi nahi he kroa kare mera gmail id mohdamirhyd786@gmail ek mazbur jo insaf ko taras raha he mere chacha ka beta mujay jan se mar ne ki dham ki bhi deta he pls pls meri madat kare

    Reply
  58. kishan
    Jan 22, 2017 - 10:17 PM

    hello sir meri dadi ne apni vasiyat apne 3 ladko ke naam kardi hai aur 1 bete ko sirf kuch hissa hi diya hai…lakin khatoni jo beta chod diya hai unka naam to hai.. kya ye vasiyat manya hogi..

    Reply
  59. sonu
    Jan 27, 2017 - 10:00 PM

    Pehli vasiyat cancel hui h PR dusri me Jo new h usme nahi likha h ki pehle bhi vasiyat hui h to kya ye valid h or dono vasiyat register karayi thi

    Reply
  60. Meena
    Feb 03, 2017 - 09:56 PM

    meena
    Hi I m meena him teen bhaney hai teeno ki SHAADI ho chuki hair papa ki pro party pur do bjaney apnaa huk chaati hai 9 bheega dadaa ki hai Bhai koi nahi hai papa ye property bari bhano ko denaa chatey yaa beach dena chatey hai Jo Petrak hai zammen key naam pur lakho main paisaa bhi ley liyaa hai patti ko dive pause kaa pataa nahi hai kyaa pap yeah property beach yaa dono bheno ko dey saktey hai yaa nahi plzzz gave me sagetion mai apki abhri rahungi

    Reply
  61. Deepankar kumar
    Feb 07, 2017 - 04:06 PM

    मेरे दादा जी के दो पत्नी है पहली पत्नी में एक पुत्र तीन पुत्री और दूसरी पत्नी में तीन पुत्र एक पुत्री है इसमें सम्पति का बटवारा कैसे होगा। यह भी बताए दो पत्नी के बीच बटवारा हो सकता हैं

    Reply
    • jahangir baba
      Feb 12, 2017 - 09:54 PM

      Mere walid ne apni jaidath mere do Bhaiyo ke nam kardi aur muje kuch nahi diya, meri shadi ke 2 saal badh muje ghar se bahar bhagadiya tha kyun ki mere shadi me kuch bi rakham nahi mila (katnam) tab se meri biwi pasand nahi garib log the meri maa gujar gai, kya my Cort me case daal sakhta hu please bathaiye muje my kya Karu

      Reply
  62. sonu Patel
    Feb 13, 2017 - 10:49 AM

    Plz help me sir…
    Mere papa ka swargwas ho chuka hai, Mai 3 bhaiyo me sabse chhota hoo. Mai apni pustani jmin se milne Wali anpi niji hisse ki jmin ka kuchh bhag bech Kar ya girwi de Kar ek auto APNE BIBI AUR BACHCHE ki jiwan nirwah ke liye lena chahta hoo.
    Kintu Mera bai mujhe na to jmin bechne de rha hai or na hi auto khridne ka paisa de rha hai…
    Mai apna nij ansh sho kr ke jmin kis prakar se bechhu, kripya meri madad Kru… Kyoki mai Do Or Dai ki halat me jee rha hoo…

    Please kindly halp me sir

    Reply
  63. Deepak yadav
    Mar 13, 2017 - 01:32 AM

    Mam plz meri help kare ya to aap apna nu de de ya phir mere nu pe call kar de
    Plzzz
    My nu is 09454626076

    Reply
  64. ANUJ SHARMA
    Mar 14, 2017 - 10:44 AM

    MAM NAMASTE, KYA KOI VASIYAT ME MILE HISSE KE BAAD ME BHI SAMPATTI SE OR HISSA LE SAKTA HAI ?

    Reply
  65. दीपक राजपूत
    Mar 17, 2017 - 09:35 PM

    मेरे दादा जी अपनी वसीयत अपने बड़े बेटे के नाम कर दिया है जबकि उनके दो लड़के और है उन दो लड़कों को उस वसीयत से एतराज है उन के लड़कों को वशियत की फोटो कॉपी निकलवानी है वो कॉपी दुबारा कैसे निकलेग तहसील ऑफिस से वो कॉपी निकल जायेगा क्या प्लीज मेरी सहायता करो बहुत जरुरी

    Reply
  66. Mohd sahil khan
    Mar 18, 2017 - 12:02 PM

    Property mere dadi ke father k name h. Meri dadi 7 sister nd brother me sbse bdi thi. Or meri dadi ki ab death ho chuki h kya meri dadi ko property me se hissa milega..unke son ka dadi ke hisse me haq hoga kya..
    Plz…comment on this matter.

    Reply
  67. दुर्गा प्रसाद
    Mar 18, 2017 - 02:28 PM

    सर क्या गुप्ता ,चमारों की ज़मीन ले सकते !और ज़मीन ग्राम समाज की है
    क्या इस पर केश कर सकते है !

    Reply
  68. Himanshu vishwakarma
    Mar 19, 2017 - 08:17 PM

    Mera property mere grandmother ke naam per he or unka death ho gaya he or mere grandfather avi he mere pass tho mere grandfather ka haq bantha he uske bats ka PR mere grandfather jamin sell ker sakthe he.Ye Sab question ka replay dijiye please

    Reply
  69. Himanshu vishwakarma
    Mar 19, 2017 - 08:20 PM

    Mera grandmother ka death ho gaya he tho or jamin grandmother me hi naam per he tho ye batiye grandfather WO jamin sell ker sakthe he

    Reply
  70. ANUJ SHARMA
    Mar 20, 2017 - 09:53 PM

    [1]MAM NAMASTE, KYA KOI VASIYAT ME MILE 1/3 HISSE KE BAAD ME BHI SAMPATTI SE OR HISSA LE SAKTA HAI ? JAISE MERE CHACHA JI. 1/3 OR LENA CHAHTE HAI……..

    [2]मेरे दादा जी अपनी वसीयत अपने sabse chhote बेटे के नाम 1/3 कर दिया है जबकि उनके दो लड़के और है उन दो लड़कों को उस वसीयत से एतराज है उन के लड़कों को वशियत की फोटो कॉपी निकलवानी है वो कॉपी दुबारा कैसे निकलेग तहसील ऑफिस से वो कॉपी निकल जायेगा क्या प्लीज मेरी सहायता करो बहुत जरुरी hai……………

    Reply
  71. Ashok Sharma
    Mar 21, 2017 - 03:49 PM

    Kya vasiyat ke baad apni jamin Ka bhag bech de aur uski mrityu ho jay tab vasiyat mannya hogi ya kuchh aur hoga.

    Reply
  72. SHARIQ ZARIF
    Mar 23, 2017 - 05:31 PM

    sir mujhe apki advice ki bht zarurt h sir plz help me i need ur advice sir plz cll me sir 8445347119 shariq

    Reply
  73. Ashok kumar
    Mar 23, 2017 - 07:56 PM

    Sir mere dadi ki ma n ek vasiyat m ek makan h Jo mere Papa or meri dadi k name kiya h or us time meri dadi k koi or santan NAHI thi or kuch sal bad unke 5 ladki or 1ladaka or hua fir bad m bad wale ladke ko mere Dada k Bhai ko god dey Diya kanuni say to us makan m us god Jane wale ladke ka Haq banata h ya NAHI jankari dey

    Reply
  74. Pooja vinay singh
    Mar 25, 2017 - 05:14 PM

    Sir,
    Mera name Pooja vinay Singh hai me jabalpur Madhya Pradesh she hu .mere sasural me sabhi property vivadit hai an property ke hisse hone hai sasur ji Ki 3 property hai 1-school Ki building ,2-3000s.f.ka plot ,3-shop .1- Jo school Ki building mere jethji ke naam hai Jo Ki bade sasur ne unke janm ke time kharidi thi balig hone ke baad hi unhe mili hai or to kya saas sasur property ka aadha hissa mere pati ke naam karna chahte hai to ho sakta hai 2- hamari Jo shop hai vo hamare sasur or unke Bhãï partnership me chalate the an unke Bhãï Ki death ho or sasur chal nhi paate ab shop partner ke bete or mere husband chalate hai unka aaye din vivad hota hai kisi karan se shop ke beech ke hisse ka case chal rha hai jisko Na to sell kar sakte hai Na nayi shop dal sakte hai ye vivadit shop hamko property me sasur dena chahte hai iska kya future hoga mere pati jobless hai or apne parants Ki seva bhi do beti meri jimmedari bhi hai or jeth Ki job hai 50’000 income hai parents ko rakhna nhi chahte hissa bhi maang rhe hai April 2017 me hi hissa hona hai pls hopeful decision dijiy

    Reply
  75. rabindra
    Mar 28, 2017 - 10:24 PM

    sir meri dadi ki dusri sadi hui thi .aur us samay hamare papa 6 month ke the jiske karn dadi ke sath aa gai to keya janha meri dadi ki sadi hui wanha mere papa ka hinsa mil sakta h

    Reply
  76. Ramesh Verma
    Apr 04, 2017 - 03:55 PM

    Sir Hmare Yha Sub Tahsil hai or hum Head TAHSIL ME VASIYAT KRVANA CHATE H JB HUM VHA GYE TO TASILDAR NE MNA KR DIYA BOLA JHA UP PANJIYAK H VHA VASIYAT VHI HOTI H….plz sir agr Head Tahsil m vasiyat ho sakti ho to with rule dhara k reply kre

    Reply
  77. Jitendra Kumar
    Apr 05, 2017 - 08:23 AM

    Sir mera jamin ke document me jamin Ka baundari Thik hai lekin uska number glat hai to jamin kiska hoga.

    Reply
  78. Sachin kumar
    Apr 10, 2017 - 05:38 PM

    Shar hamari 6 bhige zameen thi uski vashiyat meri dadi mere pita ke naam kar gai thi jab thi or 2 chacha ne gawahi bhi di thi lakin chacha ne jab dadi Mar gai uske bad chacha mukadma kar diya or vah 5 me bat gai jab hamne lawyar se baat ki thi vo kaha raha tha ki ye vashiyat 10 year bad hoti to pakki hoti lakin ap ne 4 year bad kara li ye galat h
    Shar please fast reply

    Reply
  79. Sachin kumar
    Apr 11, 2017 - 05:37 PM

    Shar patte ki zameen ki vashiyat kab karba sakte h

    Reply
  80. Nasir Ansari
    Apr 11, 2017 - 11:19 PM

    Mere papa ki death ho gayi. Mere papa k panch bhai h. Phir mere Dada ji ne ek hissa meri vidhwa Maa aur dono beto k naam Kar diya. Lekin mere uncle ko manjoor nhi h. To kya hamare Dada k hath sign Kiya Hua Stamp hamare liye kafi h na. Reply and hamari help kijiye. Please.

    Reply
  81. Kanhyalal
    Apr 12, 2017 - 11:03 AM

    सर एक औरत की सादी हुई कुछ सालों बाद पति का एक्सीडेंट रोडवेज बस से 1999 में हो गया क्लेम के पैसे भी नहीं मिले गांव में जमीन थी उसमें से भी कुछ नहीं मिला एक मकान है उसमें भी देवर अपना हक जताता है कि यह वशियत मेरी है उसने ससुर के मरने पर भी इस औरत को सुचना नहीं दी और वशीयत अपने नाम करवा ली है सर अब ईस औरत को न्याय केसे मीलेगा

    Reply
  82. Rajendra singh Rathore
    Apr 15, 2017 - 09:17 AM

    सर अगर पिता ने अपने पुत्रों को जायदाद से बेदख़ल कर दिया ह तो
    क्या माता की जायदाद पर पुत्रो का हक़ होगा ?

    Reply
  83. Amar mishra
    Apr 16, 2017 - 12:11 AM

    Sir. mere privar me ek Dada ji the (mere real Dada ji nahi lekin mere khandaan ke hi) wo do Bhai the aur Dono ko do do ladki thi koi bhi ladka nahi tha. Dada ji ke bade Bhai ka dehant ho gaya aur unhone kisi ko koi wasiyat nahi kiye . Fir kuchh saalo ke bad jab Chhote Dada ji bhi bimar range lage to unhone mere pitaji ko bulaya aur gao walo ke Samne bole ki mere Marne ke bad tum mera antim Sanskaar karna aur aaj se tum mere bête ho us time unki sabhi beti aur damad waha moujud the.usi time unhone sabke Samne ye kaha ki unki sampati ka ek mere pitaji ko bhi diya jaay ye baat 1991 ki hai. wo itna bol kar apni beti ke yaha chale gaye.thik eight day ke bad unka wohi par dehant ho gaya mere pitaji ko waha bulaya

    Reply
  84. Md Arman Mokarram
    Apr 17, 2017 - 09:16 AM

    Sir mera problem ye h ki mere uncle father dono mer gye h aur Dada dadi kinda h aur kahne ka Matlab ye h ki dadi ke bhatije log mere dadi ke naam ka jamin harapna chahte h aur mere gher me sab anpadh h aur meri dadi ro rahi h ki aisa Na ho ki wah le lenge sir iska kya upay ho sakta h

    Reply
  85. sangeeta soni
    Apr 17, 2017 - 10:26 AM

    Sir agar ek pati ke do patni ho or pati ne apni poori jayjat apne Pahli patni ke nam kr di ho to kya Pahli patni ke jayjat me dusri patni Ka adhikar banta hai ya nahi

    Reply
  86. prashant pandey
    Apr 18, 2017 - 11:22 AM

    Mai Ek Jamin kharidne ja rha hu to Mai kaise pata Karu ki Yah Jamin ka Malik koan hai plz mere help Karo.. .jaldi

    Reply
  87. मनीषा
    Apr 20, 2017 - 01:26 PM

    वसीयत किसी दूसरे जाति को लिखी जा सकती है

    Reply
  88. sandeep kumar
    Apr 20, 2017 - 08:12 PM

    Hello mam / sir. Me ye janna chata hu ki mera mata pita jivit h or me apni name jaydat me hissa Lena chata hu abhi kya much hissa mujhe mil jayga WO hissa mujhe pita ki jamin she milaga ya baap ki jamen se

    Reply
  89. suraj chanwariya
    Apr 20, 2017 - 09:55 PM

    bade bhai ke nam sari jameen ho to chota bhai apna hissa kese leve

    Reply
  90. sachin singh
    Apr 21, 2017 - 08:16 AM

    नमस्ते मेम मुझे ये पूछना हैं कि पैतृक संपत्ति से पोते ओर पोते के बेटे को बेदखल करना हैं तो किस आधार पर कारवाही कर सकते हैं।

    Reply plz

    Reply
  91. Chhering Mingyur Negi
    Apr 22, 2017 - 10:32 AM

    नमस्कार जी मेरे दादा जी के देहांत के बाद घर में कोई कमाने वाला नहीं होने के कारण मेरे पिताजी की कम आयु होने के बावजूद भेड़ बकरी पालक के काम करके अपने गुजर पसर के लिए घर से बाहर चले गए उस समय पिताजी के गैर मौजूदगी में मेरे गाँव के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अपनी कुर्सी का गलत इस्तेमाल करके हमारी जमीन पर विला सिफ्त काश्तकारी कब्जा कर लिया है और इस जमीन कच्चा मकान बनाया है मेरी इस जमीन छुड़ाने बारे में कोई राय दे

    Reply
  92. gagan
    Apr 22, 2017 - 01:44 PM

    Mare papa ki dath ho chuki hai aur mere mummy aur mare bhai ne milkar mujhe mummy ke dwara bedhakal kar dia hai kya muje ya mere bate ko mere papa ki sampate mai koi adhikar nhi milega aur mere bhai ab khata hai ki papa ne sari sampte mummy ke naam kardi thi jabki mere papa ne koi vashiyat nhi ki hai

    Reply
  93. Sadip
    Apr 25, 2017 - 01:50 PM

    Mere pitaji ne Bhaiya ke dawab me akar unke nam pe first floor kr dia h Abhi we zinda h par Bhaiya Bhabhi uske bad se bht bura bartav kr rhe h Kya we apni basiyat phir se change kr skte h????

    Reply
  94. chaya kudwe
    May 03, 2017 - 01:53 PM

    mere pita ki daith ho gai hai our ghar mere mammi k nam pr hai to mammi jinda hai to kya muse praparty me hak milega ya nahi mmai bete ki taraf se hai to kya kanunu hak milega please jankari dedo mai bahut preshan hu

    Reply
  95. pankaj sharma
    May 03, 2017 - 10:49 PM

    kisi ne meri property dusre ko likh diya hai but mere papa ne nahi likha hai aur vasiyatnama ab bana hai .aap bataye me kya karu ,thanks

    Reply
  96. सर जय माता दी में पूछना चाहता हूँ की मेरे दादा ने 5/12/2002 को लिखित बंटवारानामा मेरे पापा और चाचा के बीच कर दिया और दोनों भाई अपने अपने अलग अलग घरो में र रहे है पूरी जमीन 800 दरगज है जिसमे 400 मेरे पिताजी के पास और 400 मेरे चाचा के पास है दोनो वषोँ ररहे है उसके बाद मेरे चाचा ने धोखे से 27/1/2011 को फर्जी तरीको से वसीयत बना ली और पूरे 800 दरगज की बनाली जिसमे गवाह को धोखे में रखकर दस्तक करवालीय तो इसमें में किया करो और बंटवारा हमारे सभी के सामने राजी रजा किया गया था और 2009 में मेरे चाचा ने अपनी हिसे में आई दुकान को 2009 में बेच दिया फिर उसी दुकान सहित पूरे 800 गज भूखण्ड की वसीयत बना ली जबकि उसी हिसे का 1/4 कोना मेरे चाचा ने अपने हिसे का 2009 में किसी और को बेच दिया फिर 27/1/2011 को वसीयत बना ली और मेरे दादा को पता चला तो उनकी साजिस के तहत मोत कर दी और वह दादा जी अगूठा धोखे में रखकर करवा लिया वह तो जानते भी नही थे की वसीयत किया होती है तो प्लीज सर आप मुझे सही राह दे

    Reply
    • Sameer
      May 08, 2017 - 04:20 PM

      Dear. Mam me ye Janna chata Hun ke agar kise ke Father ke death ho jaye or Mother khar or dukan (dada, pad dada ke khareede huee ho) ke waseyat apne teen bacho me se sirf dow bacho ke name karde. jabke sab sath he rahte he to qya karna cahiye. Please Help me

      Reply
  97. Girish verma
    May 06, 2017 - 10:16 AM

    सर सर मैं अपने परिवार कि मैं माता पिता के साथ नहीं रहता हूं और मेरे 6 भाई बहन हैं मैं जहां रहता हूं वहां की रजिस्ट्री मेरे भाई के पास है छोटे भाई के पास है जब भी मैं मांगता हूं रजिस्ट्री वो देता नहीं है सर मैं क्या करूं क्या

    Reply
  98. narendra koli
    May 07, 2017 - 10:22 AM

    Jamin apne naam karwane me kitna paisa lagta hai
    26 gaj ka pilot hai

    Reply
  99. Mahesh kushwah
    May 10, 2017 - 08:41 AM

    सर व्यक्ती कि मत्यु के बाद उसकी सम्पती पर पत्नी का अधिकार रहता है या उसके भानेज का..।।।

    Reply
  100. Ganpat
    May 12, 2017 - 07:55 PM

    Sir mujhe agriculture land ko residential land me convert karwane ka Hindi me jankari chahiye, rajasthan me

    Reply
  101. ravinder mehra
    May 16, 2017 - 12:34 PM

    Mujhe ye pta kerna hai ki main delhi se hu but meri wife himachal se to main himachal main Jameen kharid skta hu ya nhi ager ha to thick hai but nhi to kyon nhi kharid skta reason.

    Reply
  102. भागवत श्रीवास
    May 17, 2017 - 07:46 PM

    मेरी मां की सम्पती है और मेरे भाई मुझे सम्पती का बटवारा नही दे रहा है क्या करू

    Reply
  103. Ajit singh
    May 19, 2017 - 10:17 AM

    Agar pita apna zamin apne beto ke rhte kisi dusre ko ker de to kya kre

    Reply
  104. Imtiyaz Ahmad
    May 22, 2017 - 04:09 PM

    Mere Bhai 5 hai mere hisse ki jamin hame nahi de rahe
    Hai kya Karu.

    Reply
  105. Prateek
    May 23, 2017 - 11:07 PM

    Sir mere papa ke tau ke ladke ki jamen naam kase hu sakkthe hai tau ki ladke ki died hu gayi hai Un ki ek bhaan hai ye jamen mere papa ki naam hu jayege kya plz share reply plz sir send me answer

    Reply
  106. Kumar
    May 24, 2017 - 11:27 AM

    Mam / sir ager koi pita apne beto ko btawara nhi dena chahta h to kya yesa ho skta h..

    Reply
  107. Tousif
    May 26, 2017 - 04:06 AM

    Madam Mae Muslim hu mare pita marne se pahly hum do bhaiyo me naam wasiyat Kar gay the ab Mari bahne mughse zabran haq mang rahi he kiya unka haq ab bhi banta hae

    Reply
  108. अभिमन्यु यादव
    May 26, 2017 - 09:17 PM

    मेरी माता जी दो बहनें हैं उनके कोई भाई नहीं है और मेरी मौसी जो बड़ी है वह नाना जी के घर ही रहती है और उसने नाना जी की पुश्तैनी जमीन अपने नाम करा लि है अब न तो नाना जी है न नानी जी आैर मौसा जी भी नहीं रहे तो क्या मेरी माता जी की जमीन में हक मिलेगा या नहीं
    घन्यवाद

    Reply
  109. सुनिल
    May 26, 2017 - 11:51 PM

    50 साल पहले खरीदी गई हमारी जमीन मेरे पापा के नाम हैं बेचने वाला बोलता है हमारी तो जमीन किसकी हैं

    Reply
  110. Devilal Meena
    May 27, 2017 - 10:54 AM

    Mere uncle mere papa ko jamin ka hissa barabar nhi de rhe h ese main kya karna chiye .
    Plese reply must

    Reply
  111. समरथ चौधरी
    May 27, 2017 - 05:26 PM

    मेरे पास 20बिघा जमीन है और मेरी दो लड़कियां है और दो बहने है तो जो दो बहने है वो मेरी जायदाद से हिस्सा लेना चाहते हैं औरमेरे लडका की मौत हो गई है तो मेरी दो बहनौ का हक कितना है और मेरी एक माँ भी है तो हिस्सा कैसेहोगा मुझे इसकी जानकारी चाहिए

    Reply
  112. Mahendra
    May 28, 2017 - 01:22 PM

    Mere pita ji ne eak typist se type kara kar vashiyat likhi hai usme 3 gawaho ke hatakshar hai lekin gawaho ke aur pitji ke anguthe ka nishan nahi hai

    Kaya ye manya hoga

    Reply
    • Mahendra
      May 28, 2017 - 01:26 PM

      Pls jankari deve unki death ho chuki hai
      Kripya aage kaya kare kaha ja kar keshse mele
      Jankari dijiye

      Reply
  113. अर्जुन पाल
    May 28, 2017 - 11:43 PM

    मै अर्जुन पाल मेरे पापा३भाई है २भाई मेरे बाबा से खेत बेचवा रहे है और मेरे पापा नहीं चाहते बेचाए लेकिन वो लोग जबरदस्ती से बेचवा रहे है वो बोलते है दूसरे जगह चले जाएगें हम लोग बहुत गरिब है सर अब आप ही बताईए क्या करे

    Reply
  114. मुकेश कुमार
    May 29, 2017 - 09:17 AM

    क्या वशियत दे दीं जाय और वशियत देने वाला का मृत्य हो जाय तो रजिस्ट्री पेपर्स नही होने पर वसियत पाने वाला क्या कर सकता है उसे प्रोपर्टी मिलेगी

    Reply
  115. Aajad
    May 31, 2017 - 03:45 PM

    Hello ji , मेरा नाम आजाद हैं . जी मे आप से यह जानना चाहता हु . की हमारी दादी की जमिन पर विवाद चल रहा है, जो की जमिन हमारी दादी के पिता की है . दादी जी अपने यानी की मेरे पापा और ताऊजी दोनो को जमिन बराबर दे दी है , जी अब विवाद यह है की मेरी यानी दादी की तीन बेटियाँ है , जिनकी मेरे पिताजी ने हर समय में सहयोग किया. उन तीनों की शादी की सब कुछ किया ,वो आज जमिन लेना चाहती हैं . जिन्मे दो हरियाणा से है और एक राजस्थान से है .तो आप यह की वो किसी बी तरीकों से जमीन नहीं ले सकती क्या जी. Please please help me

    Reply
  116. इन्दल चौहान
    May 31, 2017 - 04:57 PM

    मेरे पिता जी ने पहली पत्नी की मृत्यु के बाद के दुसरी शादी की. जिससे एक बेटा और दो बेटिया हैं. तथा पहली पत्नी से तीन बेटे व एक बेटी है .पिता जी की मृत्यु 18.3.1999 को हुई. सवाल ये है कि पति जायदाद के खेत मे किस प्रकार बट्वारा होना चाहिये.

    Reply
    • vicky
      Jun 05, 2017 - 10:18 PM

      .. Mera Naam mera naam विक्की सिंह चौहान है मेरा गांव ओसियां जिला जोधपुर है मेरे पिताजी की मृत्यु हो चुकी है और मेरे चाचा जी ने उनके नाम का फर्जी पट्टा बना चुके हैं आज वह हमें हिस्सा नहीं देना चाहते हमारे मकान के चार हिस्से हैं जिनमें मेरे पिता जी का नाम शामिल नहीं है और वह परिवार में सबसे बड़े हैं आप बताएं हम क्या करें जिससे हमें हमारी जाति और हमारे पिताजी का नाम और हमारे दादा जी का नाम मिल सकता है धन्यवाद

      Reply
  117. शाहरूख आलम
    Jun 07, 2017 - 12:38 AM

    मेरे मॉ बाप कि मृत्यु हो चुकी है लेकिन जमिन का बटवारा अभी तक नही हुआ है आैर जमीन का सारा कगज मेरे बडे़ भाई के पास है जब उससे बटवारा लगाने कि बात करता हु तो वह बोलता है मै तुम्हे हिस्सा नही दूंगा अब आप बताव मुझे क्या करना चाहिए।

    Reply
  118. सुमन
    Jun 07, 2017 - 12:46 AM

    मेरे पिता जी की दो शादी हुई है मेरी माँ की मृतु हो चुकी है फिर उसने दुबारा से शादी की उस घर से 1 बेटा ओर दो बेटी है
    ओर में 1 भाई और 1 बहन है सबसे बड़ा बेटा उस घर का में हु में बेराजगार हु
    वो मुझे न घर मे ओर न जमीन में हिस्सा देना चाहते} है
    किया करु

    Reply
  119. आदर्श
    Jun 10, 2017 - 05:17 PM

    सर मुझे ये जानना है की कोई पिता जिसके दो पुत्र है वो अपनी मर्जी से जिसको जीतना जमींन देना चाहे दे सकता है

    Reply
  120. SANTU YADAV
    Jun 14, 2017 - 10:58 PM

    हरखू महतो ने अपनी जमीन का एक प्लॉट बेच दिया जिसमें मेरा भी जमीन था लेकिन मेरा दादाजी गवाही है तो मेरा जमीन की बिक्री हो सकता है क्या

    Reply
  121. Jitender Kumar
    Jun 16, 2017 - 06:34 PM

    Mere Nana ne zammen meri maa. Ke naam ki hui hai kiya usme mujhe hissa miles sir

    Reply
  122. sher singh
    Jun 20, 2017 - 11:26 AM

    mere father ki achank thath ho gayi hai or hum 3 brother hai or father ne kisi bhi ke nam jayedad nhi ki thi to ap muje btaye ki ma bade bhai se chota hu to ma apna huq lena chata hu .ap meri help kr plz ans jaror dena

    Reply
  123. N singh
    Jun 25, 2017 - 10:37 AM

    Namskar sir Mera Jamin mere bare papa ke Nam se hai jo 8Sal ke the to hmara baba ki bhan ne likhi thi but jmin ka batwara 60Sal ho gya hmlog jot rhe hai lekin ab unka lrka log bolte hai ki hmara jmin hai please koi upay btaiye o jmin kiska Hoga

    Reply
  124. Pooja gupta
    Jul 03, 2017 - 10:16 AM

    Mujhe ye puchna h ki mere dada ji ke 3 bete h or wo mera papa mtlb ( apne bade bete )ko apni jayejaad me hiss nhi dene ka jikr bar bar krte h kyuki unki 3 ladkiya h h to kya kisi bhi kanun me ye h ki wha apne bade bete ko jayejad na de or isi ki wjha se meri anti ghr me roj roj bwala krti rhti h or bhot preshan krti h hr jgha lock lga kr rkha h or kuch bhi use krne nhi deti h krpya meri help kre mai apki abhari rahungi…

    Reply
  125. सुब्रत
    Jul 06, 2017 - 12:38 PM

    मैम नमस्ते
    मैं ये जानकारी चाहता हूँ घर मेरी माताजी के नाम पर है और उनका देहांत हो गया है पाच वर्ष पहले हम दो भाई और दो बहनें हैं और मेरे जो बडे भाई हैं उनको पिता की जगह सरकारी नौकरी मिली है और वो अपना अलग घर बनवाया है मेरी दोनों बहनें एन ओ सी के लिए तैयार है अब मैं क्या करूं।

    Reply
  126. अमित शर्मा
    Jul 12, 2017 - 12:08 AM

    आदरणीय महोदय,
    मेरे पिता स्व.रमेशचंद्र जी द्वारा उनके जिवनकाल मे ही वसीयत मेरे तथा मेरी पत्नी कै नाम कर दि गई है।जैसा की आपने अपने वसीयत संबंधित जानकरी मे लिखा है—“कि जो संपत्ति वसीयतकर्ता को पुरखो से मिली है जिसपर उसका नाम हो “……इस प्रकार कि संपत्ति कि भी वसीयत वसीयतकर्ता कर सकता है….।

    यह किस नियम या कानून मे दिया है….
    प्लिज सर बताने कि अनूकंपा करे…।
    मे इस तरह के ही उलझन मे हू..।

    Reply
  127. nilesh dubey
    Jul 18, 2017 - 05:12 PM

    mere dada ji ne ghar banwaya aur thodi si jameen kam pad jane ke karan thodi si jameen dusre ne dedi apne se bagal me to ab jab dada ji log nahi hai to ab unke pote log jameeb hamse khali karwa rahe hai to isme koi kanoon hai ki jisne li aur jisne di to ab usme kya ho sakta hai

    Reply
  128. prahlad
    Jul 18, 2017 - 07:06 PM

    सर मेरे दादा जी के नाम से मुम्बई मे एक फ्लैट है । मेरे पिताजी 3 भाई है । मेरे छोटे चाचा मुम्बई मे ही रहते है ।मेरे पिताजी और एक चाचा गांव मे है । मेरे दादाजी कोई वसीयत नही किये है ।दो महीने पहले ही उनकी मृत्यु हो गयी हैं ।अब फ्लैट को मेरे पिताजी और दोनो चाचा जी के नाम करवाना है ।तो कैसे होगा ।कितना खर्च होगा ।कृपया पूरा विस्तार से जानकारी देने का कष्ट करे।

    Reply
  129. Ashok
    Jul 18, 2017 - 09:37 PM

    Mere Papa ki death ho gai hai unke account me koi bhi nomination nhi hai
    Toh nomination ke liye Kiya documents page he

    Mere last person hu apni family ka

    Reply
  130. nitin patel
    Jul 28, 2017 - 02:39 PM

    mere dada ne 50 sal pehle jami li thi or vo jamin mere dada ke naam pe nahi he or mera ghar usi jamin he or ghar ke bane huve 25 sal ho gaye or mere dada ne jisse jamin li thi vo gujar chuke he or is jamin ka mehsul hum salo se bharte aa rahe he to is jamin ko hamare naam pe kaisse karge

    Reply
  131. rajveer singh
    Aug 04, 2017 - 12:19 AM

    Mere pita ji ne ek basiyat karayi thi…. Vasiyat mai kuch jaruri detail bhi di h jaise ki east aur west mai kiska ghar h….. Par ye galti se galat type ho gayi h… Aur vasiyat refistred ho chuki…. Kya vasiyat correct mani jayegi… Please advise

    Reply
  132. vaibhav nagar
    Aug 04, 2017 - 02:05 AM

    Sir humara purana makan h jo ki cantt area m hai jo humre dada ji n plot leke banwaya tha uski sirf notri hui thi us time registery ni hui thi kya ab registery karwane m koi problm ayegi or registry kese hogi us makan ka koi pappr ni h ab sirf tax ki slip k alava plz sir help me

    Reply
  133. Jaimin
    Aug 04, 2017 - 10:43 AM

    Mere papa ka hamse banta nahi to ham vasiyat me name kese dakhil kare

    Reply
  134. Salman khan
    Aug 04, 2017 - 11:17 PM

    Medam.
    main ye kahna chahta hoo ki mere father died ho gai hai or unho ni seif kah kar sab ko hissha diye hai main chahta ho ki land register of jaye mere father ki 3 son hai or problem ye hai ki mere bhai sahe insan nahi hai para meti karte hai jiski karan main unse bolta nahi ho kya main kiwan main register office main apna land register kara sakta ho? plz reply me……. Thank You

    Reply
  135. Annu Gupta
    Aug 13, 2017 - 08:42 AM

    Sr meri Sadi 2002m Hui.m 2014tk pati K sath thi. But Mera 2ladka hy. Sr Jb s Sadi hui. Mera pati Mujhe Bahut Marta tha gali deta tha or Achha s hmra or ladka khrcha v nahi deta tha. Jeske karn m job krne lgi or ladka ko sath m rakhne lgi. 3sal s Koi khrcha nahi dey or bacha ko v kuchh nahi. Sr Koi upay Aap bray plz Sr o dusre Sadi v ky hy.

    Reply
  136. Deepak
    Aug 21, 2017 - 02:46 PM

    Hello Mam/sir Mera naam deepak hain aur main hindu hun
    Mera ek bhai hain jo mujhse bara hain aur uski shaadi ho gaye hain
    aur vo Alag rhene lga hain to aur mujhe ye dar hain khahi
    property ke hisse ko lekar na kahe to aur jo bhi property hain vo sab mummy ke naam par hain to
    to property kisko mul sakti hain jite ji aur gujar jane ke baad.
    Please Reply jaru de Mam Please

    Reply
  137. Amit Patel
    Aug 23, 2017 - 07:16 PM

    mere papaji 4 bhai hai
    mere dada ji ne kuch time phle bua ki shadi ke liye kuch acre zameen bech di thi or unke bich yah baat hui ki jab paise bapis kar dogey to zameen bhi bapis mil jayegi hum logo ne paise bapis kr diye hai
    lekin jinko jameen di thi unhone hamari jameen bapis kr di thi or mere papaji sahit sabhi ke name bo jameen ho gayi but kisi karanbas computer operator ne mere papa ji ka naam per jameen ki entry nhi kar payi or mere papa ji 3 bhaiyo k naam jameen naam ho gayi h apne apne hisse ki
    ab baat yah ki jinke liye mere dada ji ne jameen girbi rakhi thi bo expire ho gaye h or bo jameen unke betey ko mil gayi h mere papa ke hisse ki jameen or mere dada ji bhi expire ho gaye h
    mere papa ji ne tahsildaar ji ke yaha caish lagaya hai but samne bale ne aapatti laga di hai
    iss condition me hum log pareshan hai aap kuc tarkeeb bataiye plss..

    Reply
  138. sudhir
    Sep 17, 2017 - 08:48 PM

    maine apni vasiyat apni patni or beti ko chod kar apni maa ke naam karva di hai. kya meri death ke baad meri beti or meri patni ko meri property ka hissan milegaa?

    Reply
  139. Achary govind
    Nov 05, 2017 - 08:47 AM

    Plz hume bhi kuch sujhav de. Mere pita ji ne apni kamai ki pahli jameen apne pita ke naam li thi khush hoker lakin mere chacha ji or dada ji ab usme batware ki mang kar rahe hai or jameen ke real paper hamare pass me hi hai to hume plz koi rasta batay ki ye property me batwara n ho pay hamare pita ji ko mil sake unke mahnat ka fal unhe hi mile aisa koi rasta batay plz

    Reply

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