कोरोना महामारी में सरकार की तरफ़ से जो कदम उठाए जाने थे,  उनमें ग़लत नीतियों की वजह से मिली विफलता और ख़ामियाज़ा जनता को भुगत रही : सुधीर शर्मा

जहां घर-घर राशन देना चाहिए था, वहाँ मुँह से निवाला छीनने वाली सरकार पहली बार देखी : सुधीर शर्मा 

धर्मशाला: प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री व भारतीय कांग्रेस के सचिव सुधीर शर्मा ने विपदा की इस घडी में जय राम सरकार पर गलत निर्णय लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्मय से कहा कि मुख्यमंत्री का फैसला जिस में आयकर देने वालों लोगों की सब्सिडी बंद कर दी जाएगी। यह सरकार का फैसला न्यायसंगत व तर्कसंगत नहीं है।  आयकर देने वाले गैर वेतनभोगी व निजी क्षेत्र में काम करने वालों पर दोहरी मार है। एक तरफ लॉकडाउन के चलते लाखों गैर वेतनभोगी पिछले 51 दिनों से घरो में बैठे हैं और उनको सरकार की तरफ से कोई भी वितीय मदद नहीं दी रही। उल्टा सरकार ने उन से यह हक़ भी ले लिया।  यह हाल निजी क्षेत्र में काम करने वाले लोगों का है जिन्हें इस विपिदा में अपनी नौकरी से हाथ धोने पड़े या फिर उन के वेतन में कटौती करणी पड़ी। इन दोनों क्षेत्र के लाखों लोगो को सरकारी राशन का सहारा था जो भाजपा सरकार ने इस घडी में छीन लिया। यह मौजूदा सरकार की जनता के प्रति संवेदना को दर्शाता है।

APL परिवारों की सब्सिडी में 50% कटौती की मार इस महामारी के समय में उनके जीवन यापन पर कुठाराघात है। माध्यम वर्गीय परिवारों पर ऐसे निर्णय बिजली बन कर टूटे हैं।
भाजपा सरकार के गलत फैसलों के कारण आज प्रदेश में कोविद 19 के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। सब से पहले  दो संसद अपने नेता व प्रधान मंत्री के आग्रह को ठुकराते हुए दिल्ली से अपने अपने चुनाव क्षेत्रों में वापिस आ गए और साथ ही में पुलिस के एक आला बेटे को दिल्ली से वापिस लेकर आ गया। देश के प्रधानमंत्री ने जनता से यह आग्रह किया था कि जो जहाँ है वहीँ रहे, लेकिन इस क्रम को तोड़ने वाले बीजेपी के अपने सांसद व सरकार के ऊँचे ओहदे पे बैठे लोग ही निकले।
सरकार को फिर आम आदमी के दवाब में आ कर देश के अन्य अति संवेदन राज्यों से भी हिमाचल के लोगों को लाने के लिए आदेश देने पड़े, जिस से इस महामारी जो की नियंत्रण में थी एक विकराल रूप लेने पर अमादा हो चुकी है।
अभी तक सरकार के पास इस इस महामारी से निपटने का कोई रोड्मैप नहीं है। उल्टा जनविरोधी फ़ैसलों से घरों में बैठे लोग मानसिक रूप से उत्पीड़ित हो रहे हैं। जहां घर घर राशन देना चाहिए था वहाँ मुँह से निवाला छीनने वाली सरकार पहली बार प्रदेश में देखी है।

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