सूचना प्रौद्योगिकी के बेहतर कार्यान्वयन में हिमाचल प्रदेश अग्रणी राज्य बनकर उभरा :सीएम

 

  • मुख्यमंत्री ने किया ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल का शुभारम्भ
  • प्रदेशवासियों को बेहतर एवं त्वरित सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए इस कार्यक्रम की पहल: मुख्यमंत्री
  • यूपीए की महत्वकांक्षी राष्ट्रीय फाईबर आप्टिकल परियोजना से हो पाया संभव: मुख्यमंत्री
  • हिमस्वान नेटवर्क के तहत जोड़े जा चुके हैं अभी तक 1800 सरकारी कार्यालय
  • प्रदेश विधानसभा का लोगों की विकास प्रक्रिया में सहभागिता सुनिश्चित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका: बुटेल
सूचना प्रौद्योगिकी के बेहतर कार्यान्वयन में हिमाचल प्रदेश अग्रणी राज्य बनकर है उभरा : सीएम

सूचना प्रौद्योगिकी के बेहतर कार्यान्वयन में हिमाचल प्रदेश अग्रणी राज्य बनकर है उभरा : सीएम

शिमला: मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मौजूदा परिपेक्ष्य में सूचना प्रौद्योगिकी का पूर्ण उपयोग कर लोगों को सभी मूलभूत सेवाएं उपलब्ध करवाने पर बल दिया है। वीरभद्र सिंह ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के अन्तर्गत ‘सरकार से नागरिक’ (जी 2 सी) ई-डिस्ट्रिक्ट सेवा, स्थायी आधार पंजीकरण केन्द्र और डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के अन्तर्गत विधानसभा सदस्यों के लिए डिजिटल लॉकर्स के शुभारम्भ अवसर पर बोल रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने गत दिवस डिजिटल इंडिया सप्ताह का शुभारम्भ किया है और यह डिजिटल इंडिया कार्यक्रम इससे जुड़ा है। सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग से प्रदेशवासियों को बेहतर एवं त्वरित सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए इस कार्यक्रम की पहल की गई है। उन्होंने इसका श्रेय पूर्व यूपीए सरकार को देते हुए कहा कि यूपीए की महत्वकांक्षी राष्ट्रीय फाईबर आप्टिकल परियोजना से ही यह संभव हो पाया है। इस परियोजना से ग्राम पंचायत स्तर तक हाई स्पीड इंटरनेट सुविधा उपलब्ध हुई है।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि सरकारी सेवाओं में सूचना प्रौद्योगिकी के बेहतर कार्यान्वयन में हिमाचल प्रदेश अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। प्रदेश सरकार लोगों को बेहतर सेवाएं प्रदान करते हुए ई-सुशासन के माध्यम से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित बनाने के लिए प्रयासरत है। इसके लिए प्रभावी एवं ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती तकनीकी के दृष्टिगत आज अद्यतन रहने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विकास का श्रेय यहां अधिकांश समय तक सत्ता में रही कांग्र्रेस सरकारों को जाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में इंटरनेट सेवा का विस्तार घर-घर तक संभव हुआ है और अब प्रदेश सरकार इन सेवाओं का विस्तार प्रत्येक व्यक्ति से लेकर दूर-दराज क्षेत्रों के निवासियों तक करने के लिए प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तक 1800 सरकारी कार्यालय हिमस्वान नेटवर्क के तहत जोड़े जा चुके हैं। राज्य के प्रत्येक क्षेत्र में लगभग 2000 सार्वजनिक सेवा केन्द्रों के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न सरकारी सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने प्रसन्नता जताते हुए कहा कि वर्तमान में राज्य के 18 साल की आयु से ऊपर के 96 प्रतिशत नागरिकों को आधार योजना के तहत लाया जा चुका है।

उन्होंने इस बात पर भी खुशी जताई आज राज्य के प्रत्येक घर में बैंक खाता धारक है और हिमाचल को बैंक सुविधा से संतृप्त राज्य घोषित किया गया है, जो कि इस पहाड़ी एवं भौगोलिक दृष्टि से दुर्गम राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष बी.बी.एल. बुटेल ने इस अवसर पर कहा कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा का लोगों की विकास प्रक्रिया में सहभागिता सुनिश्चित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया सप्ताह के आयोजन से प्रदेश के लोगों को तीव्रता से सेवाएं उपलब्ध होगी।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा देश की ऐसी पहली ई-विधान है, जिसने ई-विधान को अपनाया है। यह सुविधा 4 अगस्त, 2014 को आरम्भ की गई थी। उन्होंने कहा कि यह देश की पहली पेपरलैस विधानसभा है, जिससे प्रतिवर्ष 15 करोड़ रुपये के व्यय की बचत हुई है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य सभी विधायकों को सूचना प्रौद्योगिकी के विभिन्न यंत्र उपलब्ध करवाना है। विधायकों को सर्फिंग के लिए इंटरनेट डोंगल प्रदान किए गए हैं। अन्यों राज्य कर्नाटक, असम, मेघालय, उत्तराखंड के दलों ने प्रदेश का दौरा किया है। इसके अलावा अन्य कई राज्य भी इस प्रणाली को अपनाने के लिए तत्पर है और इसके लिए वे प्रदेश विधानसभा से लगातार सम्पर्क में है। उन्होंने कहा कि सभी मीडिया कर्मियों और विभागों द्वारा जबाव शीघ्र ऑनलाईन दिया जाएगा, जिससे कागज़ व अन्य सामग्री की बचत होगी। उन्होंने कहा कि इससे सम्बन्धित विभागों के लिए उप मण्डल स्तर पर ई-विधान प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे।

सूचना प्रौद्योगिक विभाग के निदेशक प्रियंका बसु ने मुख्यमंत्री तथा अन्यों का स्वागत किया। उन्होंने इस अवसर पर मुख्यमंत्री तथा विधानसभा के अध्यक्ष को सम्मानित किया। उन्होंने ई-डिस्ट्रिक्ट मिशन के अन्तर्गत दी जाने वाली सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डिजिटल कार्यक्रम के अन्तर्गत 11 विभागों की 51 सेवाएं आएगी। उन्होंने कहा कि विभिन्न सेवाएं जैसे जन्म तथा मृत्यु पंजीकरण, बीपीएल प्रमाण पत्र और मनरेगा के अन्तर्गत डिजिटल पंजीकरण उपलब्ध होंगे।

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