“कोरोना” को हराने के लिए देश के हर नागरिक को ईमानदारी से निभानी होगी अपनी जिम्मेदारी

“कोरोना” को हराने के लिए देश के हर नागरिक को ईमानदारी से निभानी होगी अपनी जिम्मेदारी

  • कोरोना की लड़ाई में हम कितने सहयोगी हैं इस सवाल का जवाब हमारी अंतर्रात्मा से बेहतर कोई नहीं जान सकता..!
  • खुद हम कितने मुस्तैदी से प्रशासन और सरकार के साथ खड़े हैं…!

प्रशासन और सरकार अपना काम कर रहे हैं। लेकिन हम “कोरोना” को हराने की इस लड़ाई में खुद कितने मुस्तैदी से प्रशासन और सरकार के साथ खड़े हैं इस सवाल का जवाब हमारी अंतर्रात्मा से बेहतर कोई नहीं जान सकता! दूसरों पर आरोप-प्रत्यारोप लगाना हम सबकी आदत बन चुकी है। खैर हालात काफी हद तक संभल सकते हैं, लेकिन देश का हर नागरि1584754969087क अपने कर्तव्य को समझे तब ना…! हम सबको कोरोना के इस महायुद्ध में जीत हासिल करनी है। यह तभी संभव है जब लोग सिर्फ और सिर्फ अपने घर पर रहें। विश्वभर के इस मह्मारी के परिणाम हमारे सामने हैं। अगर ईमानदारी से हम लॉक डाउन का पालन करेंगे तो हमारा ईमानदार प्रयास हमें इस लड़ाई में जरुर कामयाब करेगा। आज के समय में इस कोरोना वायरस से बचाव का अगर कोई उपचार है, तो वो ये कि घरों में रहकर लॉकडाउन के नियमों का सही ढंग से पालन किया जाए क्योंकि इस वायरस से बचने का सबसे कारगर तरीका अभी तक सुरक्षित बचाव के उपायों पर अमल करना ही हैं। इसलिए कोरोना वायरस के संक्रमण से खुद को व अपने सभी परिजनों को सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह से जिम्मेदारी के साथ बचाव के लिए सरकार के द्वारा जारी किये गये दिशा निर्देशों का सही ढंग से समय से पालन करें।

हमें सुरक्षित रखने के लिए अस्पताल के कर्मचारी, डॉक्टर, नर्स और सड़कों पर पुलिस से लेकर प्रशासन के अधिकारी तथा हर वर्ग का कर्मचारी अपना फर्ज निभा रहा है। इस गुजारिश के साथ कि आप हम घर पर सुरक्षित रहें। हमें इस कोरोना नाम के चक्रव्यूह को भेदना है। ये तभी संभव होगा जब हम घर पर रहेंगे। दूसरी अहम बात यह कि हाल ही में तबलीगी जमात के लोगों ने जाने अनजाने इस कोरोना जैसी महामारी से देश को आपातकालीन स्थिति में ला खड़ा कर दिया है। उस पर आलम ये कि ये भाई लोग जगह-जगह छुप गए हैं और इस महामारी को खत्म करने के बजाए बढ़ाने में अहम भूमिका अदा करने में जुटे हैं, जो सही नहीं है। आप जैसे ही और लोग भी हैं जिनके लिए आप मुसीबत खड़ी कर रहे हैं। आप देश के लोगों का विश्वास खो रहे हो अपने परिवार को इस बीमारी की चपेट में ले रहे हो। आखिर क्यों? देश में रहने वाला हर व्यक्ति भारतीय है तो आप क्यों खुद को इससे अलग समझते हैं। रहना भी इसी देश में खाना भी इस देश में, बसना भी इसी देश में और छलना भी इसी देश को। ऐसा कहां लिखा….! कौन से ग्रन्थ में।

हम सब एक हैं। आपके भी ऐसे भाई-बहन बच्चे और बड़े बुजुर्ग हैं जो आप की तरह हैं जो हर सुख-दुख में एक साथ हर मजहब के लोगों के साथ खड़े होते हैं। हिन्दू-मुस्लिम, सिखकोरोना-ईसाई ये सब धर्म हैं जिनका सबको सम्मान करना चाहिए। लेकिन हर धर्म से पहले हम इंसान हैं और अच्छे इंसान के हर धर्म की यही पहचान है कि हम हमेशा कभी किसी का बुरा न करें, किसी को गलत न कहें। किसी को चोट न पहुंचाएं। सबका सम्मान करें आदर करें। हर दुख तकलीफ में एक दूसरे का सहारा बनें। आज पूरा विश्व कोरोना जैसी भयानक महामारी से जूझ रहा है। आइए ऐसे वक्त में हम अपने भारत देश की एक नई मिसाल पेश करें। इस कोरोना नाम की महामारी के खिलाफ एकजुटता के साथ लड़े। सरकारप्रशासन को अपना हर सहयोग दें। ताकि हमारे देश के वो हीरो जो हमें सुरक्षित रखने और बचाने के लिए पुलिस प्रशासन, अस्पतालों में डॉक्टर्स, नर्स से लेकर हर वर्ग के अधिकारी और कर्मचारी दिन रात जुटे हुए हैं, हम उनके परिवारों को ये विश्वास दिलाएं कि हम सब एकजुट हैं और कोरोना जैसी महामारी को फैलने से रोकने के लिए अपने घर में रुके हुए हैं। तब तक, जब तक ये लड़ाई खत्म नहीं हो जाती। देश को हर एक घर के व्यक्ति से सहयोग की जरूरत है और यह हमारी अपनी सुरक्षा और बचाव के लिए है। देश हमारा है हम सब देश के हैं। आइए अपने लिए अपने देश के लिए एक साथ अपना फर्ज अदा करें। जो हमारी सुरक्षा के लिए अपने घरों से बाहर हैं उनके इस योग

और दान में हम भी अपना कर्तव्य निभाएं। घर पर रहें सुरक्षित रहें। सरकार और प्रशासन और उस हर व्यक्ति से विन्रम आग्रह है जो किसी भी जरूरत मंद का सहयोग रखने की क्षमता रखता हो वो इस कठिन घड़ी में हर कोई भी भूखा न रहे इस बात का ध्यान रखे और मदद जरुर करें।

जय हिंद, जय भारत।

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