मंत्रियों ने कहा, हिमाचल को विकास व समृद्धि की नई ऊंचाईयों पर ले जाएगा बजट

मंत्रियों ने कहा, हिमाचल को विकास व समृद्धि की नई ऊंचाईयों पर ले जाएगा बजट

शिमला:विधानसभा में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा प्रस्तुत बजट की सराहना करते हुए कहा जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर, शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज और कृषि मंत्री डा. रामलाल मारकंडा ने कहा कि इस बजट में समाज के सभी वर्गाें के हितों का ध्यान रखा गया है और यह प्रदेश को विकास और समृद्धि की नई ऊंचाईयों की ओर लेकर जाएगा।
उन्होंने कहा कि बजट में युवाओं के लिए रोज़गार व स्वरोज़गार के अपार अवसर सृजित करने के उद्देश्य से कौशल विकास और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने पर विशेष बल दिया गया है। इसी प्रकार, किसानों, बागवानों, निर्धन व कमज़ोर वर्गांे, महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गांे, पेंशनधारकों और कर्मचारियों के लिए कई प्रावधान किए गए हैं, जो अभूतपूर्व हैं।
मंत्रियों ने कहा कि आगामी वर्ष में 50 हजार और पात्र लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन के दायरे में लाने का प्रस्ताव है। विधवाओं और विकलांगजनों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाकर एक हजार रुपये करने तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी सहायिकाओं के मानदेय में भी वृद्धि का प्रस्ताव किया गया है। दिहाड़ीदारों की न्यूनतम दिहाड़ी 250 रुपये से बढ़ाकर 275 रुपये की जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020-21 में विभिन्न आवास योजनाओं का लाभ 10 हजार नए पात्र लोगों को दिया जाएगा, जिनमें 5100 आवास अनुसूचित जाति के पात्र लोगों के लिए बनाए जाएंगे।
महेंद्र सिंह, सुरेश भारद्वाज और डा. मारकंडा ने कहा कि सरकार के सामाजिक सरोकारों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने पंचायत सिलाई अध्यापिकाओं और पंचायत चैकीदारों के मानदेय में 500 रुपये, आउटसोर्स आईटी शिक्षकों के मानदेय में 10 प्रतिशत, शिक्षा विभाग में जलवाहकों को छह साल के बजाय पांच साल की सेवा के बाद नियमित करने, आशा वर्कर को मिलने वाले राज्य अंशदान में 500 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि का प्रस्ताव भी किया है।  
उन्होंने कहा कि कृषक उत्पादक संगठन को सुदृढ़ करने के लिए 20 करोड़ रुपये का कृषि कोष बनाना प्रस्तावित किया गया है जिससे आगामी तीन वर्षांे में प्रदेश के हजारों किसान लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि यह बजट वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने में सहायक होगा। इस वित्त वर्ष में 20 हजार हैक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र को प्राकृतिक कृषि के अंतर्गत लाने तथा पचास हजार और किसानों को इस प्राकृतिक खेती से जोड़ने का प्रस्ताव है जिससे किसानों की उत्पादन लागत में कमी आएगी और आमदनी में वृद्धि होगी। इसी प्रकार, एंटी हेलनेट के लिए बांस या स्टील के स्थायी ढांचे बनाने पर किसानों व बागवानों को 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।
मंत्रियों ने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए एक नई योजना के अंतर्गत 100 क्लस्टर स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इसी तरह, नौ महाविद्यालयों को उत्कृष्ट महाविद्यालयों के रूप में विकसित करने, 50 स्कूलों में गणित प्रयोगशालाएं स्थापित करने और 106 नए शिक्षण संस्थानों में वर्चुअल क्लास रूम शुरू करने का प्रस्ताव है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे गए हैं जिनसे प्रदेश की जनता को और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं अपने घरों के नजदीक उपलब्ध होंगी। प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में इसी वर्ष मेमोग्राफी मशीनें उपलब्ध करवाई जाएंगी जिससे महिलाओं में बढ़ रहे ब्रेस्ट कैंसर को शुरूआती अवस्था में पहचानने में सहायमा मिलगी और उनका पूर्ण उपचार संभव होगा। सहारा योजना के अंतर्गत गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को मिल रही आर्थिक सहायता दो हजार से बढ़ाकर तीन हजार रूपये की जाएगी। बजट में सभी वर्गांेे के लोगों को 56 प्रकार के निःशृल्क परीक्षण की सुविधा देने का महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी रखा गया है। प्रदेश सरकार ने बेसहारा लोगों के निःशुल्क उपचार और 60 वर्ष से अधिक आयु वाले वरिष्ठजनों को निःशुल्क आयुर्वेदिक दवाईयां देने का प्रस्ताव किया गया है।
मंत्रियों ने कहा कि 2024 तक प्रदेश के सभी घरों को नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल देने का प्रस्ताव किया गया है। जल गार्डो, पैरा फिटर्ज और पम्प आपरेटर्ज के मानदेय में प्रतिमाह 300 रुपये की वृद्धि की जाएगी। प्रदेश में सड़क सुविधा से वंचित शेष 88 ग्राम पंचायतों में से 49 पंचायतों को सड़को से जोड़ने का कार्य प्राथमिकता पर होगा।   उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए कई प्रस्ताव रखे गए हैं जिनमें पांच नए हेलीपोर्ट का निर्माण, हवाई अड्डों का विस्तार और रोप-वे का निर्माण शामिल हैं।
  • बजट प्रदेश के विकास में नया अध्याय लिखेगा :डॉ. बिन्दल
आज हिमाचल प्रदेश विधान सभा में  जय राम ठाकुर मुख्य मंत्री द्वारा वर्ष 2020-21 के लिए बजट अनुमान प्रस्तुत किए गए।  जय राम ठाकुर  का यह तीसरा बजट हिमाचल प्रदेश के विकास को नई उड़ान देता हुआ दिखाई पड़ता है। जहां वर्ष 2020-21 को स्वर्ण जंयती वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय किया गया अर्थात हिमाचल प्रदेश पूर्ण राज्य के रूप में 50 वर्ष पूर्व अस्तित्व में आया था। इस वर्ष अनेक प्रकार से हिमाचल प्रदेश के सामान्य जनमानस को लाभ देने का बजट घोषित किया गया है। वो निर्धन व्यक्ति जो मकान बनाने में अक्षम है उनके लिए ऐसे 10 हज़ार मकान इस वर्ष बनाए जाएगें, जिसमें नल से जल व बिजली उपलब्ध करवाई जाएगी । यह वर्ष गरीब के कल्याण के लिए बढ़ता हुआ दिखाई देता है। विधवाओं एवं अक्षम व्यक्तियो की पेंशन में 150 रूपये की बढ़ौतरी की गई है व कुल पैंशन के लाभार्थियों में 50,000 लाभार्थियों का इजाफा प्रस्तावित किया गया है। गत वर्ष 70 साल से ऊपर के बुजुर्गो के लिए 1500 रूपये प्रतिमास की पैंशन का निर्धारण करते हुए प्रदेश के बुजुर्गों को सम्मान दिया गया था और इस साल निर्धन, विधवा, अपंग के जीवन को खुशहाल बनाने की दिशा में बेहतरीन प्रयास किया गया है।
 जय राम ठाकुर को व भारतीय जनता पार्टी की सरकार को बधाई देते हुए डा0 राजीव बिन्दल ने कहा है कि इस वर्ष के बजट में हिमाचल के शिल्पियों , बांस का काम करने वालों, मिट्टी के बरतन बनाने वालों, पत्थर का कार्य करने वालों, बुनकरों, चरमकारों व हस्तशिल्प में दस्तकारी का काम करने वालों के लिए विशिष्ट योजनाएं बना कर उन्हें स्वावलम्बी बनाने का बेहतरीन प्रयास किया गया है। इसके अलावा परमपरा नाम से नई योजना पर 50 करोड़ रूपये व्यय करते हुए हिमाचल के शिल्पकारों को नया आधार दिया जाएगा।
डा0 बिन्दल ने कहा है ‍कि किसान की आमदनी को दुगना करने के लिए बजट में अनेक प्रकार की नई योजनाओं का समावेश किया गया है। हींग व केसर की खेती को प्रोत्साहन, प्राकृतिक खेती के अन्तर्गत 1 लाख किसानों को लाना, जल संरक्षण के लिए नए विभाग का गठन करना, सिंचाई के लिए 338 करोड रूपये की नई योजनाएं प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना के अन्तर्गत घोषित करना, फिना सिंह नहर के लिए 70 करोड रूपये का प्रावधान करना, 87 करोड़ रूपये की 4 नई सिंचाई योजनाएं स्वीकृत करना, और सी.ए.डी के अन्तर्गत अनेक योजनाओं से खेतों तक पानी पहुंचाना, इस प्रकार 1 हजार 24 करोड़ रूपये किसानों को सिंचाई सुविधा उपल्बध करवाने के लिए दिया जाना अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धी है।
वर्षों से बागवानों की सुरक्षा के लिए एंटी हेलनेट पर सबसीडी दी जाती थी परन्तु पहली बार एंटी हेलनेट को स्पोर्ट देने वाले बांस व एंगल आयरन के उपर 50 प्रतिशत सबसीडी देना, मधु उत्पादन पर 60 करोड़ का प्रावधान करना, सुगन्धित पौधों की खेती के लिए महक योजना शुरू करना, पशु पालन व डेयरी के लिए नई योजना, कुक्कुट पालन के लिए नई योजना बनाते हुए किसानों-बागवानों की आमदनी को दुगना करने के लिए अपार सम्भावनाएं तैयार की गई हैं अर्थात यह बजट किसानों के लिए समर्पित बजट है और कृषि से रोज़गार उत्पन्न करना इस बजट की दिशा है ।
डा0 बिन्दल ने कहा कि पर्यटन से रोजगार इस बजट का लक्ष्य दिखाई देता है । फोरलेन और राष्ट्रीय उच्च मार्ग व अन्य सड़क मार्गों का विकास करते हुए जहां पर्यटन का विकास करने की योजना बनाई गई है वहीं शिमला हवाई अड्डा, कांगडा हवाई अड्डा और 6 अन्य हेलीपोड के निर्माण हेतु 1 हजार 13 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है जोकि हिमाचल के इतिहास में पहली बार श्री जय राम ठाकुर की सरकार में सम्भव हुआ है। हम विश्वास कर सकते हैं कि पर्यटन से रोजगार सम्भव हो पाएगा। सूरज कुंड मेले की तर्ज पर क्राफ्ट मेले लगाना और ट्रैकर्स की ट्रेनिंग के लिए संस्थान खोलना, फूड क्राफ्ट संस्थान खोलना, यह सभी टूरिज्म के विकास की दिशा में हिमाचल प्रदेश के बढ़ते हुए कदम दिखाई दे रहे हैं।
डा0 बिन्दल ने कहा है कि कर्मचारी वर्ग हिमाचल प्रदेश के विकास की रीढ़ है और वर्ष 2020-21 में एक मुश्त 20 हज़ार कर्मचारियों की भर्ती करने की घोषणा करना हिमाचल प्रदेश के इतिहास में एक नया अध्याय रच रहा है।
49 हज़ार 131 करोड़ रूपये के इस बजट अनुमान में गरीब का कल्याण, किसान का विकास, बागवान की चिन्ता, बेरोजगार के लिए संसाधन, अधोसंरचना के लिए प्रावधान करते हुए, शिक्षा में गुणवता और शिल्पकारों के लिए संसाधन जुटाने का एक सक्षम प्रयास किया गया है।
मैं ध्यान करवाना चाहूंगा कि वर्ष 2010 में 25 दिसम्बर को अटल बिहारी वाजपयी जी के नाम से शुरू की गई अटल स्वास्थ्य योजना जो बाद में चल कर 108 के नाम से प्रचलित हुई की 100 पुरानी गाड़ियों को बदलकर नई एम्बुलैंस उपलब्ध करवाने की घोषणा की गई है जो स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम है। सभी मेडिकल कॉलेजों में टी.बी. और एच.आई.वी. उन्नमूलन के केन्द्र स्थापित करने की घोषणा भी महत्वपूर्ण कदम है।
डॉ. बिन्दल ने कहा कि यह बजट प्रदेश के विकास में नया अध्याय लिखेगा और हिमाचल प्रदेश को नई उंचाईयों पर पहूंचाने के लिए महत्पवपूर्ण पड़ाव साबित होगा।

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