हिमाचल प्रदेश बजट-2020-21...किसे क्या मिला जानें!

हिमाचल प्रदेश बजट-2020-21…किसे क्या मिला जानें!

शिमला: मुख्यमन्त्री जयराम ठाकुर ने आज 49,131 करोड़ रूपये का बजट, वर्ष 2020-21 के लिए पेश किया। 2020-21 में राजस्व प्राप्ति 38,429 करोड़ रुपये संभावित है और राजस्व व्यय 39,123 करोड़ रुपये सम्भावित है। वित्तीय घाटा 7,272 करोड़ रुपये होने की संभावना है। यह घाटा GSDP का 4 प्रतिशत अनुमानित है।

7,900 करोड़ रुपये की योजना बनाई गई है जिसमें अनुसूचित जाति योजना के लिए 1990 करोड़ रुपये, जन-जाति उप-योजना के लिए 711 करोड़ रुपये तथा पिछड़ा क्षेत्र उप-योजना के लिए 88 करोड़ रुपये निर्धारित है। 2020-21 के बजट में इन वर्गों/ क्षेत्रों पर ध्यान केन्द्रित हैः-

  • गरीब/अनुसूचित जाति परिवारों के लिए बड़े स्तर पर घर बनाने का अभियान शुरु।
  • शिक्षा में quality पर ध्यान।
  • प्रदेश में connectivity/पर्यटन विस्तार पर विशेष ध्यान।
  • बच्चों में कुपोषण को खत्म करने का निष्चय।
  • कृषि/बागवानी/सिंचाई और ग्रामीण विकास पर विशेश बल जिससे किसानों की आय दोगुनी हो सके।
  • आधारभूत ढाँचा/सड़कों/ऊर्जा क्षेत्र/ परिवहन/ निवेश पर बल ताकि रोज़गार के अवसर सृजित हो सकें।
  • गरीब परिवारों के लिए नई योजनायें। 50 हजार नए परिवारों को सामाजिक सुरक्षा पैंशन के दायरे में लाया जाएगा। एक लाख 25 हजार विधवा और दिव्यांगजन की पैंशन बढ़ाई गई है।
  • कार्य संस्कृति में परिवर्तन और आम जन से सीधे संवाद पर बल।

2020-21 को प्रदेश में स्वर्ण जयन्ती वर्ष के रूप में मनाया जाएगा।

बजट के प्रमुख बिन्दु निम्न हैंः-

  • (क)    गरीब और अनुसूचित जाति के निर्धन परिवारों के लिए 10 हजार घर बनाने की महत्वकांक्षी योजना
  •       स्वर्ण जयन्ती आश्रय योजना शुरू की गई है। अनुसूचित जाति के गरीब परिवारों के लिए 5,100 घर बनाये जाएंगे।
  •       सरकार 3 सालों में सभी पात्र गरीब अनुसूचित जाति परिवारों के लिए मकान उपलब्ध करवायेगी।
  •       मुख्यमन्त्री आवास योजना में अगले वर्ष 3,100 नये घर बनाये जाएंगे।
  •       शहरी क्षेत्रों में गरीबों के घरों के लिए 20,000 रुपये का अतिरिक्त उपदान 
  •      पिछले वर्ष के मुकाबले दोगुना से ज्यादा घर बनाये जाएंगे।

(ख)    Qualitiy शिक्षा केन्द्रित बजट

  •    चूंकि शिक्षा में access की प्राप्ति प्रदेश ने कर ली है, अब बल गुणवत्ता पर दिया जाएगा।

    हिमाचल बजट-2020 घोषणा के मुख्य अंश Live...

    हिमाचल बजट-2020 घोषणा के मुख्य अंश Live…

  •   प्रारम्भिक, उच्च तथा कॉलेज के लिए स्वर्ण जयन्ती ज्ञानोदय, स्वर्ण जयन्ती उत्कृष्ट विद्यालय और Excellence in Colleges योजनायें शुरु – बजट प्रावधान- 54 करोड़। योजना का लक्ष्य स्कूलों और कालेजों में बेहतर क्लासरूम, बेहतर शौचालय, पानी व्यवस्था, स्मार्ट क्लास रूम, खेलों/जिम की व्यवस्था इत्यादि है।
  •  पर्याप्त अध्यापकों की व्यवस्था की जाएगी।
  • स्वर्ण जयन्ती सुपर 100 योजना की शुरुआत जिससे व्यवसायिक कोर्स में प्रदेश के बच्चे बेहतर perform करें।
  • 50 स्कूलों में गणित प्रयोगशालाएं शुरू।
  • 106 और स्कूल/कालेज में CV Raman Virtual  Classrooms शुरू किए जायेंगे।
  •    NCC का विस्तार, और कम्पनी/बटालियन खोली जाएंगी।

(ग)    कनेक्टीविटी/पर्यटन विकास

  •    काँगड़ा/शिमला हवाई अड्डों के विस्तार के लिए भू-अधिग्रहण आरम्भ किया जाएगा।
  •    मण्डी हवाई अड्डे का कार्य शुरु करने की योजना।
  •    5 हैलिपोर्टस बनाने का प्रस्ताव है।
  •    इन कार्यों के लिए 1,013 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
  •    भानुपल्ली-बिलासपुर और चण्डीगढ़ बद्दी रेल योजनाओं पर कार्यों को गति दी जाएगी।
  •     जल परिवहन को बढ़ावा देते हुए तत्ता-पानी-सलापड़ के बीच 2020-21 बोट सेवा शुरु की जाएगी।
  •     सोलंग वैली, अटल सुरंग, दक्षिण और उत्तर (सिस्सू) को नये पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा दो नये टूरिस्ट सर्किट विकसित किये जाएंगे।
  •    बगलामुखी(मण्डी) और नारकण्डा-हाटू मन्दिर में रोपवेज़ निर्माण कार्य शुरू करने की योजना ।

(घ)    पौष्टिक आहार पर बल-‘स्वर्ण जयन्ती पोशाहार योजना’

  •   आँगनबाड़ी बच्चों को 30 करोड़ रुपये की लागत से स्वर्ण जयन्ती बाल टॉप-अप पोषाहार योजना के तहत अतिरिक्त पौष्टिक आहार जैसे फल, दूध दिया जाएगा।  प्री-प्राथमिक कक्षा के बच्चों को भी पौष्टिक मिड डे मील, ‘स्वस्थ बचपन योजना’  के तहत दिया जाएगा। मिड डे मील योजना में बच्चों को अतिरिक्त पौष्टिक आहार।
  •   प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि पौष्टिक आहार के इन कदमों से प्रदेश से कुपोषण की समस्या जड़ से खत्म कर दी जाए।

(ङ)    किसानों, बागवानों, पशुपालकों और ग्रामीण क्षेत्रों पर बल

  •    Farmer Producer Organisation (FPOs) के लिए 20 करोड़ रुपये का कृषि कोष स्थापित। किसानों/ बागवानों/दूध उत्पादकों की क्षमता बढ़ेगी।
  •   हींग/केसर की खेती को बढ़ावा।
  •     प्राकृतिक खेती योजना का विस्तार किया जाएगा।
  •    Command Area Development का विस्तार।
  •     Helnet structure के लिए KUSHY योजना शुरु। Anti Hailnet के अलावा structure का भी प्रावधान ।  
  •     मधु पालन के लिए 7 करोड़ की MUPY योजना षुरु। Aromatic Plant के लिए ‘महक’ स्कीम षुरु।
  •    शिमला के गुम्मा, जरोल टिक्कर और रोहड़ू में ब्। CA Store स्तरोन्नत किए जाएंगे।
  •    प्रदेश में गौ-अरण्य और गौ-सदन बनाये जाएंगे।
  •     मोबाईल पशु चिकित्सा सेवा (MOVES) शुरु की जाएगी।
  •    दूध की खरीद मूल्य में 2 रुपये की बढ़ौतरी।
  •  भू-जल स्त्रोत बढ़ाने के लिए पर्वत धारा कार्यक्रम के तहत Water Conservation Structure बनाये जाएंगे। पर्वत धारा योजना वन क्षेत्रों में भी लागू की जायेगी और वहां भी ेजतनबजनतम बनाये जायेंगे । 
  •   2,000 लोकमित्र केन्द्रों की स्वीकृति।
  •   जल से जीवन मिशन के अन्तर्गत 1 लाख नल कनैक्षन दिए जायेंगे ।

(च)    आधारभूत ढाँचा-सड़कें/बिजली/उद्योग/परिवहन

  •   सड़कें : 2,598 करोड़ रुपये की लागत से केन्द्र सरकार की सहायता से दो राष्ट्रीय उच्च मार्ग पांवटा साहिब-गुम्मा-फीडस पुल तक और हमीरपुर-मण्डी ग्रीन नेशनल हाईवे विकसित किए जाएंगे।
  •   35 करोड़ रूपये की लागत से कीरतपुर-मनाली, शिमला- परवाणू और धर्मशाला-गगरेट सड़क का National Highways Saftey System के तहत रख-रखाव बेहतर किया जाएगा।
  •  विश्व बैंक की राज्य सड़क परिवर्तन परियोजना के तहत 4 सड़कों का उन्नयन कार्य शुरु किया जाएगा।
  •  49 और पंचायतों को सड़कों से जोड़ा जाएगा।
  •   PMGSY में 1,000 कि.मी. नई सड़कें और 650 कि.मी. का उन्नयन का लक्ष्य रखा गया है।
  •  भवनों और पुलों को बनाने के लिए EPC Tender  प्रक्रिया शुरु की जाएगी।
  •  National/ State Highways के लिए Way Side Amenities नीति बनाई जाएगी । 
  • 925 किलोमीटर वाहन योग्य कच्ची सड़कों, 900 किलोमीटर सड़कों पर cross drainage, 1,800 किलोमीटर पक्की सड़कों, 75 पुलों का निर्माण तथा 90 गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
  1. बिजली क्षेत्र
  •  515 मैगावाट क्षमता की परियोजनाएं जिसमें 180 मैगावाट की बजोली होली, 24.6 मैगावाट की वांगर होमते और 100 मैगावाट की सोरंग, 111 मैगावाट की सावड़ा कुड्डु  और 100 मैगावाट क्षमता की ऊहल शामिल है, अगले वर्ष चालू कर दी जाएगीं।
  •    2020-21 में लूहरी-I, धौलासिद्ध, चान्जू-III, दियोथल चान्जू और रेणुका डैम का कार्य शुरु किया जाएगा।
  •      अधर में लटकी बिजली परियोजनाओं को शुरु करने के लिए नई नीति लाई जाएगी।
  •    वोल्टेज़ की समस्या दूर करने के लिए 158 करोड़ रुपये की परियोजना शुरु जिससे Low Voltage की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी।
  •    65000 लकड़ी के खम्भे बदले जायेंगे।
  •      सौर परियोजनाओं (250-500 kw) के शीघ्र कार्यानवयन के लिए रूपये 2000 प्रति kw उपदान दिया जाएगा। 
  1. उद्योग/परिवहन
  • निजी निवेश को बढ़ाने के लिए HP Investment Promotion Agency का गठन जो निवेशकों को शीघ्र वाँछित क्लीयरेंस दिलाएगा।
  •  हथकरघा और हस्तशिल्प प्रोत्साहन के लिए 58 करोड़ की परम्परा योजना के अन्तर्गत हर जिले में क्लस्टर स्थापित करेंगे जिससे चर्मकारों, बुनकरों, दस्तकारों के उत्पादों को उचित बाजार मिले।
  • सरकार Investors meet के MOUs को धरातल पर लाने के लिए अगली Ground Breaking मीट जून 2020 में करवाएगी।
  •      कोटखाई, बरछवाड़, थुनाग, करसोग, बंजराड़ू, ठियोग, अम्ब, दाड़लाघाट, ननखड़ी और बालीचौकी में नए बस स्टैंड का निर्माण। मौजूदा बस स्टैंड के उन्नयन पर 10 करोड़ खर्च किये जाएंगे।
  • 250 नई बसें खरीदी जाएंगी जिसमें 100 E-buses भी शामिल हैं। 

(छ)    सामाजिक क्षेत्र/स्वास्थ्य

  •  50,000 अतिरिक्त सामाजिक सुरक्षा पेंशन मामलों को स्वीकृति। एक लाख पच्चीस हजार (125000) विधवाओं और दिव्यांगजनों की पैंशन राशि में 150/-रूपये की बढ़ौतरी । कुल एक लाख 75000 लोगों को पैंशन योजना का लाभ। सरकार इसके लिए 100 करोड़ रूपये अतिरिक्त खर्च करेगी ।
  •  Menstrual hygeine के लिए जागरूकता कार्यक्रम की शुरुआत।
  • अनुसूचित जाति/जन-जाति निगम में One time settlement की नीति।
  • ‘गृहिणी सुविधा योजना’ के तहत 2 लाख 76 हजार परिवारों को अब तक गैस कनेक्षन दिए गए हैं।  नये परिवारों को भी LPG गैस कनेक्षन दिया जाएगा।
  • अटल पेंशन योजना में प्रदेश सरकार द्वारा दिए जा रहे अंशदान की तिथि 2021 तक की गई जिससे 86,000 से ज्यादा लोगों को लाभ मिलेगा।
  • सहारा योजना की सहायता राशि बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रतिमाह की गई।
  • 108 सेवा के लिए 100 नई ऐम्बुलेंस की खरीद।
  • 5 जिलों में नशा पीड़ित व्यक्तियों के पुर्नवास के लिए Integrated Centres for Rehabilitation of Addicts की स्थापना।

(ज)    अन्य/कर्मचारी कल्याण/अन्य श्रेणियों का कल्याण

  •  10 Dedicated Mining Check Posts की स्थापना।
  •  पुलिस विभाग का सुदृढ़ीकरण। पुलिस वाहनों में कैमरा, 500 Body Worn Cameras और 500 CCTVs लगाए जायेंगे। Cyber सुरक्षा Forensic शाखा को सुदृढ़ किया जाएगा ।
  •  सिलाई अध्यापिकाओं, मिड डे मील वर्कर, वाटर कैरियर, आशा कार्यकर्ता, जल गार्ड, पैरा फिटर/पम्प आपरेटर, पंचायत चौकीदार, आंगनवाड़ी/मिनी आंगनवाड़ी वर्कर, आंगनवाड़ी सहायिका, राजस्व पार्ट टाईम के मानदेय में वृद्धि।
  • IT शिक्षकों के मानदेय में बढ़ौतरी।
  •  दिहाड़ी 250 रुपये से बढ़ाकर 275 रुपये प्रतिदिन की गई। पार्ट टाईमर की दिहाड़ी भी बढ़ेगी।
  • 2017 से पहले के NPS के सेवानिवृत 5,500 कर्मचारियों को gratuity का लाभ।
  •  अनुबन्ध कर्मचारियों के वेतन में बढ़ौतरी।
  • व्यक्तिगत समूह दुर्घटना बीमा योजना के तहत बीमा राशि 5 लाख रुपये और आंशिक क्षति में 2 लाख बीमा राशि की गई।
  • आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर, मिड डे मील वर्कर, सिलाई अध्यापिकाएं, वाटर गार्ड, पैराफिटर/पम्प आपरेटर, पंचायत चैकीदार जैसी श्रेणियों के लिए बीमा योजना।
  • 25 जनवरी, 2020 को घोषित 5 प्रतिशत DA/ DR से 3 लाख पचास हजार कर्मचारियों/पैंशनरों को वित्तीय लाभ।
  •  HRTC, HPSEB पुलिस में आरक्षी, अध्यापक वर्ग, पार्ट टाईम मल्टी टास्क वर्कर, डॉक्टर, पैरा मैडिकल, राजस्व, लोक निर्माण, पशुपालन विभाग और अन्य विभागों में लगभग 20,000 पद भरे जायेंगे।

 

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