किसान-बागवान समृद्धि एवं दूध गंगा योजना ने किसान-बागवान व पशु पालकों की नकद आमदन बढ़ाई : प्रो. धूमल

किसान-बागवान समृद्धि एवं दूध गंगा योजना ने किसान-बागवान व पशु पालकों की नकद आमदन बढ़ाई : प्रो. धूमल

  • करियर पॉइंट यूनिवर्सिटी में आयोजित 9वें राष्ट्रीय सेमिनार में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 तक किसानों की आमदन दोगुनी करने का लक्ष्य निश्चित रूप से होगा प्राप्त

हमीरपुर/भोरंज: भोरंज में स्थित करियर पॉइंट यूनिवर्सिटी में 2022 तक किसानों की आय दोगुणी करने के विषय पर आज (शनिवार) को  9वें राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल बतौर मुख्यातिथि उपस्तिथ रहे। भारत सरकार में सेक्रेटरी एवं आई०सी०आर० के डायरेक्टर जनरल डॉ त्रिलोचन दत्त महापात्रा भी इस कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहे।

सेमिनार को सम्बोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने विस्तार पूर्वक उन सभी योजनाओं पर चर्चा की जो बतौर मुख्यमंत्री उन्होंने प्रदेश के किसानों, बागवानों एवं  पशु पालकों की समृद्धि के लिए चलाई थी।  प्रो० धूमल ने कहा कि वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री रहे जिन्होंने एग्रीकल्चर, हॉर्टिकल्चर, पशु पालन एवं मत्स्य विभाग को अपने पास रखा और किसान बागवानों की समृद्धि से जुड़े पहलुओं पर विचार कर उनसे जुड़ी योजनाएं चलाई। छोटे से प्रदेश में कृषि योग्य भूमि की कमी को समझते हुए कैसे किसानों को समृद्ध बनाया जाए, इस बात को ध्यान में रखते हुए पँडित दीन दयाल उपाध्याय किसान बागवान समृद्धि योजना चलाई, जिससे किसानो ने पॉली हाउस लगा कर बेमौसमी सब्जी ऊगा कर और उसे अच्छी कीमत पर बेच कर अपनी समृद्धि का मार्ग प्रशस्त किया, सोलन और आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने बड़े पैमाने पर मशरूम का उत्पादन किया और अपनी आय के स्त्रोत्र बढ़ाये। फ्लोरीकल्चर को बढ़ावा मिला और भिन्न भिन्न किस्म के फूलों का उत्पादन बड़े स्तर पर कर किसानों ने दिल्ली सरीखी बड़ी मंडियों में अपना उत्पाद बेच कर कमाई बढ़ाई।

प्रो. धूमल ने कहा कि उन्होंने बतौर मुख्यमंत्री इस बात पर ज्यादा बल दिया कि कैसे किसानों को नकद आमदन हो और वह समृद्धशाली हों। उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल में लैवेंडर का तेल निकाल कर उसे बेच कर अच्छी खासी कमाई प्राप्त करने हेतु चम्बा के किसान बागवानों को उपयुक्त मदद दी गयी। लाहौल स्पीति का किसान बागवान हॉप्स की खेती कर नकद आमदन कर समृद्ध हो इसलिये सरकारी विभागों की मदद दिला कर किसानों को प्रोत्साहित किया गया। पशु पालक अपनी आमदन बढ़ा सकें इसके लिए दूध गंगा योजना प्रदेश में चलाई गई। उन्होंने कहा कि आदरणीय नरेन्दर मोदी उस समय प्रदेश के प्रभारी थे और उन्होंने तब सुझाव दिया था कि प्रदेश के प्रत्येक ज़िले का कोई ऐसा उत्पाद हो जो वहां के किसानों को स्मृद्धिनकी ओर ले जाये।

सम्बंधित समाचार

अपने सुझाव दें

Your email address will not be published. Required fields are marked *