हिमाचल : जल जीवन मिशन के तहत केंद्र से अब तक 148 करोड़ रुपए की राशि प्राप्त

हिमाचल : जल जीवन मिशन के तहत केंद्र से अब तक 148 करोड़ रुपए की राशि प्राप्त

  • जनजातीय क्षेत्रों में बर्फ के कारण रुके कार्य गर्मी के दिनों में होंगे पूरे : जल शक्ति मंत्री
  • जल जीवन मिशन के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

शिमला : पानी एवं स्वच्छता सहायता संगठन हिमाचल प्रदेश द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत आज यहां पीटरहाफ में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता जल शक्ति, बागवानी एवं सैनिक कल्याण मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने की।

उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत भारत सरकार से अब तक 148 करोड़ रुपए की राशि प्राप्त की जा चुकी है, जिसकी 90 करोड़ की पहली किस्त खर्च की जा चुकी है तथा बकाया राशि का कार्य प्रगति पर है, जो 20 फरवरी से पूर्व खर्च कर दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन की प्रगति में हिमाचल प्रदेश देश भर में अव्वल आंका गया है, जिसके तहत केंद्र सरकार से अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि मिलने की संभावना है।

जल शक्ति मंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार को मिशन के तहत केवल 10 फीसदी राशि ही वहन करनी होगी बाकि राशि केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि जल जीवन योजना से पूर्व प्रदेश में 56 फीसदी घरेलू जल कनैक्शन थे, जो अब योजना के कार्यान्वयन के बाद 60 फीसदी हो गए हैं।

उन्होंने बताया कि 1066 स्कीमों के तहत करोड़ों रुपए की अनुमानित राशि को राज्य चयन समिति द्वारा मंजूरी प्रदान कर दी गई है, जिसका कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि मिशन के तहत वर्ष 2024 तक केंद्र सरकार से प्रदेश को 3200 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020-21 में मिशन के तहत 1800 करोड़ रुपए की राशि खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे प्रदेश भर की विभिन्न स्कीमों में तेजी आएगी।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 अगस्त, 2019 को लाल किला से जल जीवन मिशन का शुभारंभ किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य मार्च 2024 तक प्रत्येक घर को नल के माध्यम से पानी को उपलब्ध करवाना है ताकि पानी से होने वाली बीमारियों को कम किया जा सके। मिशन के तहत देशभर में 3.5 लाख करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी।

उन्होंने बताया कि जनजातीय क्षेत्रों में बर्फ के कारण कार्य रुके हुए हैं, जिसे गर्मी के दिनों में पूरा कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के दिशा निर्देशानुसार हमें काम करने की आवश्यकता है, ताकि केंद्र से मिल रही राशि का प्रयोग बेहतर तरीके से गांव-गांव में किया जा सके।

उन्होंने बताया कि काम के मामले में अधिकारी किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।

इस अवसर पर मंत्री ने जल शक्ति विभाग का वार्षिक कैलेंडर का विमोचन तथा विभाग द्वारा वर्षा जल दोहन का महत्व एवं जन मंच कार्यक्रम के पोस्टर का विमोचन किया।

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