एसजेवीएन के कर पश्‍चात लाभ (पीएटी) में 39% की वृद्धि

एसजेवीएन के कर पश्‍चात लाभ (पीएटी) में 39% की वृद्धि

  • एसजेवीएन जलविद्युत क्षेत्र में हर वर्ष कर रहा नई मिसालें कायम : सीएमडी नंद लाल शर्मा

शिमला: एसजेवीएन लिमिटेड ने वित्‍तीय वर्ष 2019-20 की तीसरी तिमाही के दौरान कर पश्‍चात लाभ में 39% की वृद्धि दर्ज की है।  कंपनी का कर पश्‍चात लाभ पिछले वित्‍तीय वर्ष की समतुल्‍य तिमाही के दौरान के 907.78 करोड़ रुपए से बढ़कर 1262 करोड़ रुपए हो गया है। वर्तमान वित्‍तीय वर्ष के प्रथम नौ  माह के दौरान एसजेवीएन की परियेजनाओं से 8842 मिलियन यूनिट विद्युत का उत्‍पादन हुआ है,  जबकि पिछले वित्‍तीय वर्ष की समतुल्‍य अवधि के दौरान 7656 मिलियन यूनिट विद्युत का उत्‍पादन हुआ था।

एक तरफ कंपनी का राजस्‍व 1850.20 करोड़ रुपए से 16.67 %  बढ़कर 2158.69करोड़ रुपए हो गया है, वहीं कर पूर्व लाभ (पीबीटी) 1192.50 करोड़ रुपए से 32.21 % बढ़कर 1576.66 करोड़ रुपए हो गया है, जिसके फलस्‍वरूप कंपनी का ईपीएस  1.96 रूपए से बढ़कर 3.08 रुपए हो गया है।  कंपनी के वित्‍तीय नतीजों की घोषणा निदेशक मंडल की नई दिल्‍ली में संपन्‍न हुई बैठक में की गई।

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एसजेवीएन के अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नंद लाल शर्मा ने बताया कि 1500 मेगावाट नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्‍टेशन जो देश का सबसे बड़ा भूमिगत विद्युत गृह है तथा 412 मेगावाट रामपुर जलविद्युत स्‍टेशन हर वर्ष  जलविद्युत क्षेत्र में नई मिसालें कायम कर रहे हैं।  उन्‍होंने बताया कि अपने विद्युत स्‍टेशनों के सर्वोत्‍तम प्रचालन के चलते एसजेवीएन ने 10 रूपए फेस वैल्‍यू के शेयर पर 1.70 रूपए प्रति शेयर का लाभांश घोषित किया है जो कुल 668 करोड़ रूपए में परिभाषित होगा।

शर्मा ने बताया कि एसजेवीएन की नेपाल में स्थित 900 मेगावाट की अरूण-3 जलविद्युत परियोजना का फाइनेंशियल क्‍लोजर 6 फरवरी, 2020 को प्राप्‍त कर लिया गया है। इस परियोजना पर एसजेवीएन आने वाले 5 वर्षों में नेपाल में 6959 करोड़ रूपए का निवेश करेगा। उन्‍होंने यह भी बताया कि 210 मेगावाट लूहरी जलविद्युत परियोजना स्‍टेज-I  के मुख्‍य सिविल एवं इलैक्‍ट्रो-मैकेनिकल कार्यों की टेंडरिंग प्रक्रिया शुरू हो गई है तथा हम निकट भविष्‍य में इस परियोजना की निर्माण गतिविधियां शुरू कर देंगे। उन्‍होंने यह भी बताया कि 382 मेगावाट सुन्‍नी डैम जलविद्युत परियोजना की विस्‍तृत रिपोर्ट केन्‍द्रीय विद्युत प्राधिकरण को सौंप दी गई है तथा प्राधिकरण की अनुमति जल्‍द ही प्राप्‍त कर ली जाएगी।

उन्‍होंने आगे यह भी बताया कि एसजेवीएन ने हाल ही में आठ (8) जलविद्युत परियोजनाओं के कार्यान्‍वयनार्थ हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ समझौता ज्ञापनपर हस्‍ताक्षर किए हैं। इन परियोजनाओं की कुल क्षमता 2388 मेगावाट है तथा इन परियोजनाओं के विकास में 24000 करोड़ रूपए का निवेश शामिल है।

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