बैंकों में दूसरे दिन भी रही हड़ताल, लोगों को करना पड़ा परेशानियों का सामना

बैंकों में दूसरे दिन भी रही हड़ताल, लोगों को करना पड़ा परेशानियों का सामना

  • मांगे नही मानी तो 1 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

शिमला : बैंक कर्मचारी व अधिकारी आज दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। बैंकों में लगातार दूसरे दिन भी हड़ताल रहने से कई जगह एटीएम खाली होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बैंक कर्मियों की हड़ताल का असर हिमाचल में भी देखने को मिला। हड़ताल से हिमाचल में दो दिन में लगभग 300 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है । शनिवार को भी राजधानी शिमला सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने हड़ताल की। बैंक कर्मियों ने आज भी शिमला के उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बैंक कर्मियों ने मांगे न मानने पर केंद्र सरकार को चेताते हुए कहा अगर उनकी मांगें न मानी गई तो 11 से 13 मार्च तक तीन दिन की हड़ताल की जाएगी। प्रदेश में करोड़ों रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। अब बैंक सोमवार को खुलेंगे। दो दिवसीय हड़ताल समाप्त करते हुए बैंक यूनियनों ने मार्च में तीन दिनों तक हड़ताल करने की चेतावनी देते हुए केंद्र सरकार को उनकी मांगों पर जल्द विचार करने की मांग की।

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के प्रदेश संयोजक गोपाल शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार एक माह के भीतर यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है तो 11 से 13 मार्च को एक बार फिर बैंक कर्मी हड़ताल पर जायेंगे। मांगे फिर भी पूरी नहीं हुईं तो पहली अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल होगी। उन्होंने कहा कि बीस फीसदी बढ़ोतरी के साथ वेतन को रिवाइज किया जाए।

सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग होनी चाहिए। स्पेशल अलाउंस को बेसिक पे में शामिल करना चाहिए। अधिकारियों के लिए काम करने के घंटे तय होने चाहिए। अनुबंध कर्मियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देना चाहिए। नई पेंशन स्कीम की जगह पुरानी योजना लागू होनी चाहिए। पेंशन का दोबारा निर्धारण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई बार केंद्र सरकार और आईबीए के समक्ष वे अपनी मांगे उठा चुके हैं,वर्ष 2017 से वह वेतन अपडेशन की मांग कर रहे है। आईबीए के साथ 24 बैठकें हो चुकी है जो अभी तक बेनतीजा रही है।

 

 

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