पूर्व वीरभद्र सिंह सरकार के कार्यकाल में हुए शिलान्यासों पर अपनी पटिका लगा रही जयराम सरकार : विक्रमादित्य

मुख्यमंत्री से मिलना चापलूसी नहीं, विधायक होने के नाते लोगों की समस्या को सरकार के समक्ष रखना मेरा दायित्व : विक्रमादित्य सिंह

शिमला: शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह ने सूरत नेगी उपाध्यक्ष, वन निगम के आरोपों को लेकर कहा है कि एक शुभचिंतक होने के नाते उन्होंने सूरत नेगी को चापलूसी ना करने की सलाह दी थी जबकि व्यक्तिगत तौर पर वे उनका सम्मान करते हैं। जिस तरह से वीडियो में बर्फबारी को लेकर सूरत नेगी जयराम सरकार का जाप कर रहे हैं वह सबके सामने है। वीडियो को लोगों ने खुद देखा है किस तरह से सूरत नेगी अंधभक्त हो कर जयराम का गुणगान कर रहे हैं। वे जनता के प्रतिनिधि है सरकार ने जो दायित्व उन्हें सौंपा है उस दायित्व को निभाये और तरह के ब्यानों से उनका बचना चाहिए।

विक्रमादित्य ने कहा कि उनका मुख्यमंत्री से मिलना चापलूसी नहीं है बल्कि विधायक होने के नाते लोगों की समस्या को सरकार के समक्ष रखना उनका दायित्व है जिसे वे कर रहे हैं। मुख्यमंत्री किसी एक पार्टी के नहीं होते है बल्कि समस्त प्रदेश के होते हैं। विक्रमादित्य ने कहा कि उनको हिंदी और इंग्लिश की बहुत अच्छी समझ है और जिस स्कूल से वे पढ़े है उसी स्कूल से 6 बार के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भी पढ़े है जिन्हें जनता ने सबसे ज्यादा प्रदेश की कमान सौंपी है।

साथ ही उन्होंने कहा है कि भाजपा में अन्धभक्तों का कुनवा दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है जो सार्वजनिक लोगों के हितों को आगे ले जाने में कोई काम नहीं कर रहे हैं।  उन्होंने ऐसे लोगों से आग्रह किया है कि उन्हें बेतुकी बातें न करके जन सेवा में अपना ध्यान लगाना चाहिए।

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