पावंटा साहिब : राजपुर पंचायत में कागजों में सिमटी “प्रधानमंत्री आवास योजना”, 21वीं सदी में भी फत्तू को आवास नहीं

पावंटा साहिब : राजपुर पंचायत में कागजों में सिमटी “प्रधानमंत्री आवास योजना”, 21वीं सदी में भी फत्तू को आवास नहीं

  • सरकार के आदेशों को दिखाया जा रहा है ठेंगा
  • कई पंचायत प्रधान आए व गए, सरकारें आई व गई परन्तु गरीब का आवास ज्यूं का त्यूं
  •  गरीब फत्तू बिजली, मकान, शौचालय जैसी सुविधाओं से वंचित

पांवटा साहिब / डॉ. प्रखर गुप्ता  : देश के प्रधानमंत्री ने वर्ष 2022 में सभी को आवास देने का लक्ष्य रखा है।  परन्तु देश के प्रधानमंत्री के आदेशों को सरेआम ठेंगा दिखाया जा रहा है इसका जीता-जागता उदाहरण राजपुर पंचायत के अन्तर्गत रामनगर में रहने वाले फत्तू का परिवार है। यह परिवार गरीबी रेखा से नीचे रह रहा है। आज तक इसे आवास, विद्युत व शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया है। यहां गरीब के साथ सीधा-सीधा अन्याय हो रहा है। 21वीं सदी में भी सरकार द्वारा उन्हें आवास देने के लिए कोई भी विकल्प नहीं है। फत्तू का परिवार इतना गरीब है कि इनके घर में अभी तक रोशनी तक नहीं पहुंची है, न ही उक्त गरीब के घर पर शौचायल बना है। हर पांच वर्ष में कई राजनैतिक पार्टियां आती हैं और इन्हें लुभावने प्रलोभन देकर चली जाती है। इनके घर का निर्माण कोई भी सरकार व राजनैतिक पार्टियां करने में विफल है।

बताते चलें कि फत्तू ने पिछले करीब 15 वर्षों से पंचायत व अन्य विभाग के चक्कर काटे हैं। उन्हें सम्पूर्ण दस्तावेज भी दिए है। परन्तु उन्हें आवास दिलाने में सिर्फ आश्वासन मात्र ही दिया गया है। कई पंचायत प्रधान आए व गए, सरकारें आई व गई परन्तु गरीब का आवास ज्यूं का त्यूं बना हुआ है।

गौरतलब है कि राजनीति में ऊँची पकड़ रखने वाले इस सारे खेल में अपने चेहतों की गोटियां फिट कर जाते हैं और फत्तू जैसे गरीब आवास, विद्युत व शौचालय की सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं।

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