एसजेवीएन ने किया मुख्‍यमंत्री राहत कोष में 1 करोड़ का अंशदान

एसजेवीएन ने किया मुख्‍यमंत्री राहत कोष में 1 करोड़ का अंशदान

  • एसजेवीएन के अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नंद लाल शर्मा ने सीएम से किया अनुरोध: प्रदेश सरकार एसजेवीएन को प्रदेश में अन्य परियोजनाएं भी करें आबंटित
  • मुख्यमंत्री का आश्वासन: एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक द्वारा उठाए गए मुद्दों पर अनुकूल रूप से होगा विचार

शिमला: एसजेवीएन के अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नंद लाल शर्मा ने हिमाचल प्रदेश के मुख्‍यमंत्री जयराम ठाकुर को मुख्‍यमंत्री राहत कोष में अंशदान के रूप में 1,00,00,000 (एक करोड़) का चेक आज शिमला में भेंट किया। यह चेक निदेशक (कार्मिक), एसजेवीएन, गीता कपूर, मुख्‍य महाप्रबंधक (वित्‍त), एसजेवीएन अखिलेश्‍वर सिंह की उपस्थिति में प्रदान किया गया।  इस अवसर पर एसजेवीएन तथा हिमाचल प्रदेश सरकार के अन्‍य  वरिष्‍ठ अधिकारी भी उपस्थित थे

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इस अवसर पर नन्द लाल शर्मा ने मुख्‍यमंत्री को बताया कि एसजेवीएन हिमाचल प्रदेश में 1500 मेगावाट नाथपा झाकडी जलविद्युत स्टेशन तथा 412 मेगावाट रामपुर जलविद्युत स्टेशन का कुशलता से सफलतापूर्वक परिचालन कर रहा है। उन्होंने बताया कि दोनों जलविद्युत स्‍टेशन वर्तमान वित्‍त वर्ष में अपनी डिजाइन एनर्जी से अधिक की विद्युत उत्‍पादित कर चुके हैं।

नन्द लाल शर्मा ने मुख्यमंत्री को अगवत करवाया कि हिमाचल राईजिंग सम्‍मेलन के सिलसिले में आयोजित पहली ग्राऊंड ब्रेकिंग सेरमोनी में एसजेवीएन की 02 परियोजनाएं शामिल हैं। इस ग्राऊंड ब्रेकिंग सेरमोनी की अ‍ध्‍यक्षता माननीय केन्‍द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने की थी। ये दो परियोजनाएं 210 मेगावाट की लूहरी चरण-। जलविद्युत परियोजना तथा 66 मेगावाट की धौलासिद्ध जलविद्युत परियोजना हैं।

210 मेगावाट की लूहरी चरण-। जलविद्युत परियोजना के पूरा होने पर सालाना 758 मिलियन यूनिट विद्युत का उत्‍पादन करेगी, जबकि 66 मेगावाट की धौलासिद्ध जलविद्युत परियोजना की सालाना 247 मिलियन यूनिट विद्युत उत्‍पादन करने की क्षमता है। इन दोनों परियोजनाओं के निर्माण से लगभग 2400 करोड़ का निवेश होगा तथा लगभग 3500 व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा। 

नन्द लाल शर्मा ने  राईजिंग हिमाचल सम्‍मेलन के दौरान हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा एसजेवीएन के साथ 6 अन्‍य परियोजनाओं पर किए समझौता ज्ञापनों के लिए मुख्यमंत्री का हार्दिक धन्‍यवाद किया। उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि प्रदेश सरकार एसजेवीएन को प्रदेश में अन्य परियोजनाएं भी आबंटित करें, जोकि प्रदेश तथा एसजेवीएन दोनों के पारस्परिक हित में होगा मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक द्वारा उठाए गए मुद्दों पर अनुकूल रूप से विचार किया जाएगा

 

 

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