केन्द्रीय पूंजी निवेश उपदान के लिए पर्यटन इकाइयों का पूर्व पंजीकरण अनिवार्य

शिमला: आयुक्त पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मोहन चौहान ने कहा कि भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने केन्द्रीय पूंजी निवेश उपदान योजना, 2013 (सी.सी.आई.एस.) को 31 मार्च, 2017 तक बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि उद्योग एवं पर्यटन विभाग के साथ पूर्व पंजीकरण वाली पर्यटन इकाइयां ही योजना के अन्तर्गत उपदान के लिए पात्र हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन इकाइयों को संबंधित जिला उद्योग केन्द्र और पर्यटन विभाग के उप-निदेश के कार्यालय में अपना पंजीकरण करवाना आवश्यक है।

चौहान ने कहा कि सभी नई एवं मौजूदा पर्यटन इकाइयां अपने विस्तार के लिए प्लांट और मशीनरी में 50 लाख तक के निवेश पर 15 प्रतिशत की दर से उपदान के लिए पात्र होगी। उन्होंने कहा कि हितधारकों को पर्यटन इकाइयों के क्रियाशील होने की तिथि से एक वर्ष के भीतर निर्धारित प्रपत्र पर उपदान के लिए दावा प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पर्यटन इकाइयां ही योजना के अन्तर्गत उपदान के लिए पात्र हैं और विश्राम गृह इस श्रेणी में शामिल नहीं हैं।

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