वीरभद्र सिंह के जीवन पर आधारित लघु फिल्म ‘आइकन ऑफ एन ऐरा’ का दलाई लामा ने किया विमोचन

वीरभद्र सिंह के जीवन पर आधारित फिल्म का विमोचन करना मेरे लिए गर्व की बात: धर्मगुरू दलाई लामा

  • धर्मगुरू दलाई लामा ने किया वीरभद्र सिंह के जीवन पर आधारित लघु फिल्म का विमोचन
  • लघु फिल्म भारत की प्राचीनतम रियासतों में से एक बुशैहर रियासत का  दृश्य श्रव्य दस्तावेज
  •  वीरभद्र सिंह के जीवन घटनाक्रमों को उदघाटित करने वाली इस फिल्म का तिब्बतन चिल्डर्न विलेज में किया गया प्रसारण

 

 

शिमला: मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के जीवन पर आधारित एक लघु फिल्म ‘आइकन ऑफ दी ऐरा’ का धर्मगुरू दलाई लामा ने आज धर्मशाला के तिब्बतन चिल्डर्न विलेज के सभागार में विमोचन किया। स्नो लैपर्ड प्रोडक्शन के सहयोग से डा. सुनीला शर्मा द्वारा निर्मित एवं निर्देशित यह लघु फिल्म भारत की प्राचीनतम रियासतों में से एक बुशैहर रियासत का दृश्य श्रव्य दस्तावेज है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के जीवन घटनाक्रमों को उदघाटित करने वाली इस फिल्म का तिब्बतन चिल्डर्न विलेज में प्रसारण किया गया।

फिल्म के विमोचन से पूर्व डा. सुनीला शर्मा ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और धर्मगुरू दलाई लामा तथा मुख्यमंत्री के पारिवारिक सदस्यों को शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने धर्मगुरू दलाई लामा को शांति का सन्देशवाहक करार देते हुए कहा कि उनकी उपस्थिति प्रदेशवासियों के साथ देश भर के लिए गौरवमयी बात है। उनकी विनम्रता तथा गरीब व वंचित लोगों की चिंता का उनका स्वभाव प्रशंसनीय है। वीरभद्र सिंह ने कहा कि उन्हें व सभी प्रदेशवासियों को धर्मगुरू दलाई लामा का स्नेहिल मार्गदर्शन मिलता रहा है तथा उन्होंने भविष्य में भी इसी तरह के मार्गदर्शन की अपेक्षा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दलाई लामा ने जीवन में खुशी के लिए हमेशा दयाभाव को महत्व दिया है। धर्मगुरू दलाई लामा संभवतः इस बात से परिचित थे कि राजनीति में प्रसन्न रहना कठिन होता है। उन्होंने अपना जीवन गरीब लोगों की सेवा के लिए समर्पित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मगुरू दलाई लामा के साथ उनके निकट संबंध तत्कालीन बुशैहर रियासत और तिब्बत की भौगोलिक स्थलाकृति की समीपता के कारण भी प्रगाढ़ हैं। उन्होंने कहा कि वह इस निकटता को अध्यात्मिक के स्तर पर ले जाने की इच्छा रखते हैं। वीरभद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक छोटा राज्य है, लेकिन बीते कुछ दशकों में यह देश का सबसे प्रगतिशील पहाड़ी राज्य बना है। प्रदेश ने स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक कल्याण सहित अन्य क्षेत्रों में विकास के मामले में मील पत्थर स्थापित किए हैं। इसका श्रेय प्रदेशवासियों के सहयोग को देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के लोगों ने नए प्रयोग करने तथा नए विचारों एवं सोच को कार्यान्वित करने में तत्परता दिखाई है।

धर्मगुरू दलाई लामा ने इस अवसर पर कहा कि वीरभद्र सिंह उनके भी मुख्यमंत्री हैं। वीरभद्र सिंह के जीवन पर आधारित फिल्म का विमोचन करना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने वीरभद्र सिंह तथा उपस्थित सभी लोगों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह अपनी लोकप्रियता, ईमानदारी, सच्चाई, पारदर्शिता और लोगों के प्रति स्नेह के कारण छठी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं। उन्होंने बुशैहर और तिब्बत के मध्य संबंधों का भी उल्लेख किया, जो सदियां बीतने के साथ और प्रगाढ़ हुए। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह का जीवन एक सफल जीवन रहा है और उन्होंने जीवन पर्यन्त अच्छे कर्म किए हैं तथा उनका भविष्य भी अर्थपूर्ण एवं शांतिपूर्ण होगा। उन्होंने वीरभद्र सिंह को मित्र बताते हुए उनके अर्थपूर्ण भविष्य की शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा कि भारत एक महान सभ्यता एवं लोकतांत्रिक देश है और सिन्धु घाटी सभ्यता समय से ही भारत बौद्ध भिक्षुओं और प्रशिक्षकों, महान भारतीय चिंतकों एवं संतों का घर रहा है, जिनका सन्देश आज के दौर में भी प्रासंगिक है और इन उपदेशों से आने वाली पीढ़ी को अवगत करवाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बहुत सारे वैज्ञानिक भारतीय विचार, ज्ञान एवं सिद्धांतों के अध्ययन में गहरी रूचि ले रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्राचीन भारतीय ज्ञान तथा आधुनिक शिक्षा का मेल एक मजबूत मिश्रण है। उन्होंने कहा कि भारत में अभी भी ऐसे कई लोग हैं, जो ज्ञान विशेषकर हमारे प्राचीन ज्ञान और अवधारणाओं की जानकारी के अभाव में कष्ट व भय की अवस्था में जीवनयापन करते हैं। उन्होंने परम्परागत भारतीय ज्ञान के पुनर्जागरण और प्राचीन ज्ञान की अवधारणाओं व महत्व से आज की पीढ़ी को अवगत करवाने पर बल दिया।

पूर्व सांसद और मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी प्रतिभा सिंह, उनके पुत्र एवं प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह, पुत्री मीनाक्षी भी इस इस अवसर पर उपस्थित थीं। तिब्बत संसद की अध्यक्ष गैरी डोलमा तथा निर्वासित तिब्बत सरकार के अन्य मंत्रीगण भी इस अवसर पर उपस्थित थे।डा. सुनीला शर्मा ने धर्मगुरू दलाई लामा और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह फिल्म विश्व की प्राचीनतम रियासतों में एक तथा वीरभद्र सिंह के जीवन पर आधारित है।

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