मुख्य सचिव ने की मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन की समीक्षा, बोले: शिकायतें लम्बित पाई गई तो होगी कार्रवाई

मुख्य सचिव ने की मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन की समीक्षा, बोले: शिकायतें लम्बित पाई गई तो होगी कार्रवाई

  • 63 विभाग हेल्पलाइन में शामिल
  • 16 सितंबर से 15 अक्टूबर तक 63805 कॉल प्राप्त
  • 17065 शिकायतें और 3221 मांगें व सुझाव मिले और 60 प्रतिशत का किया गया समाधान

शिमला: मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन की सभी संबंधित विभागों के साथ मुख्य सचिव डॉ. श्रीकान्त बाल्दी ने आज यहां समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि इस हेल्पलाइन को प्रभावी तरीके से कार्यान्वित करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर शिकायतों को कम करने के लिए नीतियों में सुधार और संशोधन किए जा सकते हैं। यदि विभागों में शिकायतें लम्बित पाई गई तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।

डॉ. श्रीकांत बाल्दी ने हेल्पलाइन के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करते हुए कहा कि शिकायत व सुझाव दर्ज करने या जानकारी प्राप्त करने और प्रतिक्रिया देने के लिए एक केंद्रीय शिकायत प्रणाली बनाने के लिए मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन शुरू की गई है। यह हेल्पलाइन कई चैनलों के माध्यम से प्राप्त शिकायतों को दर्ज करने के लिए एकल मंच है, जो विभागों में नीचे से ऊपर तक आम जनता को पहुंच प्रदान करता है, जिसके परिणामस्वरूप त्वरित प्रतिक्रिया होती है।

उन्होंने कहा कि कुल 63 विभागों को हेल्पलाइन में शामिल किया गया हैं और 16 सितंबर से 15 अक्टूबर, 2019 तक 63805 कॉल प्राप्त हुई हैं। 17065 शिकायतें और 3221 मांगें व सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 60 प्रतिशत का समाधान कर दिया गया है। लोक निर्माण विभाग को अधिकतम शिकायतें मिली हैं, जिसके बाद ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य और राजस्व विभाग आदि शामिल हैं। समाधान की गुणवत्ता के संदर्भ में आईटी पहले स्थान पर है, जिसके बाद राजस्व, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक मामले आदि शामिल हैं।

उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को हेल्पलाइन के कार्यान्वयन के लिए बधाई दी और विभिन्न विभागों के सक्रिय सहयोग और फीडबैक के लिए सराहना की। उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन लोगों के लिए वर्तमान में एक प्लेटफार्म के रूप में काम कर रही है, जो लोगों में विभाग की वर्तमान कार्यप्रणाली को दर्शाता है। हालांकि कुछ शिकायतों में स्वीकृतियों के कारण थोड़ा समय लग सकता है। यह हेल्पलाइन जनजातीय क्षेत्रों के लोगों की समस्याओं के समाधान में भी सहायक सिद्ध होगी, जो अपनी समस्याओं के निवारण के लिए शिमला आते थे। बैठक में बताया गया कि हेल्पलाइन में नई विशेषताएं शामिल की गई हैं, जिनमें विभाग प्रमुख, उपायुक्त तथा नोडल अधिकारियों के लिए नया विभाग डैश बोर्ड, अधिकारियों के लिए एंड्रायड पर मोबाइल ऐप, नोडल अधिकारियों का सक्रिय वाट्सऐप ग्रुप तथा अधिकारी हेल्पडैस्क नम्बर 0177-2801200 को शुरू करना शामिल है। हेल्पलाइन के सुचारू क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

बैठक में प्राप्त शिकायतों, विभिन्न स्तरों पर लंबित शिकायतों, समाधान की गुणवत्ता, विभागाध्यक्षों, उपायुक्तों और नोडल अधिकारियों द्वारा समीक्षा, प्रमुख विभागों की एसक्लेशन मैट्रिक्स की समीक्षा और प्राप्त शिकायत के लिए संबंधित विभाग की पहचान जैसे विषयों पर चर्चा की गई।

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