इन्वेस्टर मीट : पर्यटन, ऊर्जा व उद्योग क्षेत्रों पर हो अधिक ध्यान केंद्रित : मुख्य सचिव

हिमाचल प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर मीट : पर्यटन, ऊर्जा व उद्योग क्षेत्रों पर हो अधिक ध्यान केंद्रित : मुख्य सचिव

  • मुख्य सचिव के इन्वेस्टर मीट की तैयारियों को अंतिम रूप देने के निर्देश

शिमला: सभी विभागाध्यक्षों और प्रशासनिक सचिवों को प्रदेश में निवेश के लिए संभावित निवेशकों से सम्पर्क में रहने और विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के लिए समझौता ज्ञापनों को अंतिम रूप देने के लिए विशेष प्रयास करने के मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी ने निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विशेषतौर पर पर्यटन, ऊर्जा और उद्योग क्षेत्रों पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जाए जिनमें निवेश के लिए प्रदेश में अधिक संभावनाएं हैं।

वह आज यहां नवंबर माह में धर्मशाला में आयोजित होने वाले वैश्विक निवेशक सम्मेलन के लिए गठित आयोजन समिति की दूसरी बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बड़े निवेश वाली परियोजनाओं के लिए होने वाले समझौता ज्ञापनों की सूची 20 अक्तूबर तक पूरा करने के प्रयास किए जाएं।

 उन्होंने इस सम्मेलन के लिए गठित विभिन्न समितियों को सभी स्तरों पर बेहतर आयोजन पूरा करने के लिए कहा ताकि निवेशकों और अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने परिवहन समिति को निर्देश दिए कि अतिथियों को चंडीगढ़ से कांगड़ा के गग्गल हवाई अड्डे तक पहुंचाने के लिए उचित प्रबंध किए जाएं और साथ ही 6 से 9 नवंबर के बीच दिल्ली से धर्मशाला के लिए अतिरिक्त उड़ानों का भी प्रावधान सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा, निवेशकों और अन्य लोगों की सुविधा के लिए विभिन्न हवाई अड्डों पर सहायता काउंटर स्थापित करने के लिए भी कहा गया है।

डॉ. बाल्दी ने कांगड़ा ज़िला प्रशासन को धर्मशाला और आस-पास के क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि गग्गल, धर्मशाला और कांगड़ा में वैश्विक निवेशक सम्मेलन संबंधी 150 होर्डिंग स्थापित करने के लिए उचित स्थानों का चयन किया जाए। इसके अतिरिक्त, ऊना-धर्मशाला, पठानकोट-धर्मशाला और शिमला-धर्मशाला राष्ट्रीय उच्च मार्गांे पर भी विज्ञापन पट्ट लगाए जाएंगे।

उन्होंने निवेशकों के अतिरिक्त सैक्टोरल कमेटी को स्थानीय ऊर्जा उत्पादकों, होटल व्यवसायियों, ईको-पर्यटन और साहसिक पर्यटन से जुड़े लोगों को भी सम्मेलन के दौरान आयोजित होने वाले चर्चा सत्रों में भाग लेने के लिए आमंत्रित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन सत्रों के दौरान प्रदेश के विशेषज्ञों को भी आमंत्रित किया जाएगा जो हिमाचल में निवेश की संभावनाओं पर विस्तृत प्रकाश डालेंगे।

मुख्य सचिव ने सभी समितियों को आपसी समन्वय से कार्य करने और इस सम्मेलन के सम्पर्क अधिकारियों व अन्य स्टाफ को उचित प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। आयोजन स्थल, होटलों, हवाई अड्डों और अन्य महत्त्वपूर्ण स्थलों पर अति विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा व आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध करवाने के सम्बन्ध में भी उन्होंने उचित कदम उठाने के लिए कहा। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि अपने संबंधित विभागों की विशेषताओं और नीतिगत सुधारों की जानकारी आयोजन समिति को उपलब्ध करवाएं ताकि इन्हें वृतचित्र में शामिल किया जा सके, जिससे सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर प्रदर्शित किया जाएगा। डॉ. श्रीकांत बाल्दी ने कहा कि दो दिवसीय सम्मेलन के समापन समारोह के अवसर पर एक प्रस्तुति दी जाएगी जिसमें सम्मेलन की गतिविधियों, हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापनों और भविष्य की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

सम्बंधित समाचार

अपने सुझाव दें

Your email address will not be published. Required fields are marked *