अनुच्छेद 370 और 35-ए हटने से देश एकरूपता के सूत्र में बंधा: प्रो.धूमल

अनुच्छेद 370 और 35-ए हटने से देश एकरूपता के सूत्र में बंधा: प्रो.धूमल

  • धारा 370 और 35-A को खत्म कर मोदी सरकार ने कश्मीर को ख़ुशहाली की राह पर बढ़ाया : प्रो. धूमल

भोरंज: सोमवार को भोरंज में मंडल भाजपा द्वारा आयोजित राष्ट्रीय एकता अभियान कार्यक्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल ने बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया। कार्यक्रम में उपस्थित भोरंज मंडल के तमाम कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने विस्तृत रूप से समझाते हुए हाल ही में जम्मू कश्मीर से हटाई गई धारा 370 एवं 35ए के मुद्दे पर कार्यकर्ताओं को जागरूक किया। इस मौके पर भोरंज की विधायक कमलेश कुमारी भी उपस्थित रहीं।

प्रोफेसर धूमल ने अपने संबोधन में कहा कि मोदी सरकार ने धारा 370 एवं 35ए को खत्म करके जम्मू एवं कश्मीर को खुशहाली की राह पर बढ़ाया है। धारा 370 एवं 35ए के खत्म होने से पहले जम्मू एवं कश्मीर राज्य का हाल ऐसा था कि वहां के नागरिकों को भारत देश में मिलने वाले मूलभूत अधिकारों जैसे कि राइट टू एजुकेशन व राइट टू इनफार्मेशन इत्यादि से भी वंचित रहना पड़ता था। वहां के सरकारी विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन में भी अन्य प्रदेशों में कार्यरत कर्मचारियों को मिल रहे वेतन से बहुत विसंगतियां थी। अब जम्मू कश्मीर केंद्र शाषित प्रदेश बना है तो जो तनख्वाह दिल्ली के कर्मचारियों को मिलती है वही जम्मू कश्मीर के कर्मचारियों को भी मिलेगी।

प्रो. धूमल ने आंकड़े बताते हुए कहा कि 2004 से लेकर 2019 तक जम्मू कश्मीर राज्य के विकास के लिए भारत सरकार द्वारा लगभग दो लाख 70 हजार करोड़ रूपए जारी हुए लेकिन वहां विकास नहीं हुआ, अब भी बहुत गरीबी है। 2011 में भारत सरकार से अन्य राज्यों की तरह हिमाचल प्रदेश को भी विकास के लिए प्रति व्यक्ति लगभग 3683 रुपये खर्चा मिला था, लेकिन जम्मू कश्मीर को प्रति व्यक्ति मिला 14255 रुपये मिले थे। 2017-18 में मोदी सरकार ने यह खर्चा बढ़ा कर 8227 रुपये अन्य राज्यों सहित हिमाचल को दिया , तो जम्मू कश्मीर को फिर से और भी ज्यादा बढ़ा हुआ यह खर्च 27358 रुपये प्रति व्यक्ति मिला। केंद्र से इतनी अधिक धनराशि मिलने के बावजूद जम्मू कश्मीर राज्य फिर भी देश के अन्य राज्यों की तुलना में विकास के मामले में कोसों पीछे है।

प्रोफेसर धूमल ने कहा कि धारा 370 एवं 35a  खत्म होने के पहले जम्मू एवं कश्मीर राज्य की अपनी मर्जी होती थी कि वह देश के अन्य हिस्सों में लागू होने वाले कानूनों को अपने राज्य में लागू करें या ना करें। प्रोफेसर धूमल ने कहा कि धारा 370 एवं 35ए के खत्म होने से पहले जम्मू कश्मीर राज्य में सूचना के अधिकार कानून को लागू नहीं किया गया था, जिससे वहां के नागरिक यह तक भी नहीं जान पाते थे कि उनके राज्य के विकास के लिए जो पैसा आता है , वह कहां जाता है। अब हालात विपरीत हैं, तो वहां पर जांच पड़ताल भी शुरू हुई है और ऐसा लगता है कि वहां पर बहुत बड़े-बड़े घोटाले सामने आएंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि धारा 370 खत्म करने के जैसे ही पार्टी का एक मुख्य ध्येय राम मंदिर निर्माण करने का भी है, जिसको निश्चित रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी एवं गृह मंत्री भाई अमित शाह पूरा करेंगे और शीघ्र राम मंदिर निर्माण का कार्य भी शुरू होगा।

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