जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में शांति, प्रगति व समृद्धि के लिए होगा एक नए युग का आरम्भ : मुख्यमंत्री

जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में शांति, प्रगति व समृद्धि के लिए होगा एक नए युग का आरम्भ : मुख्यमंत्री

  • अनुच्छेद 370 को हटाने पर जन जागरण सभा आयोजित

अंबिका/शिमला: जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने पर आज यहां मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने जन जागरण सभा को संबोधित करते हुए कहा कि अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35 ए जम्मू-कश्मीर के विकास में बाधा थी और इन अनुच्छेदों के हटाए जाने से केन्द्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विकास में तेजी आएगी और यहां के निवासियों के लिए सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित होगा।

जय राम ठाकुर ने कहा कि भारत को स्वतंत्रता मिलने के बाद, तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने कुल 562 रियासतों में से 561 रियासतों को केंद्रीय गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल को भारत संघ में विलय के लिए सौंपा और कहा कि वह स्वयं जम्मू कश्मीर राज्य को संभालेंगे। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सभी 561 राज्य भारत का अभिन्न अंग बन गए लेकिन अनुच्छेद 370 को मंजूरी देकर जम्मू कश्मीर को एक अलग राज्य के रूप में रखा गया। उन्होंने कहा कि लगभग 70 वर्ष के लंबे समय के बाद अब अनुच्छेद 370 को जम्मू कश्मीर से हटा दिया गया है, जिसके तहत इस राज्य को विशेष दर्जा दिया गया था तथा अब पूरे देश में एक राष्ट्र एक संविधानसुनिश्चित हुआ है।

जय राम ठाकुर ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, जिन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सहयोग से 21 अक्टूबर, 1951 को जनसंघ की स्थापना की थी, वह भारत में एक संविधान, एक ध्वज और एक प्रधानमंत्री होने के पक्ष में थे। वह एक सच्चे राष्ट्रवादी थे, जो न केवल भारत को उपनिवेशक मानसिकता से मुक्त करना चाहते थे, बल्कि जम्मू-कश्मीर के लिए अनुच्छेद 370 का भी समर्थन नहीं करते थे। उन्होंने कहा किडॉ. मुखर्जी का मानना था कि अनुच्छेद 370 भारत की एकता के लिए खतरा बन जाएगा। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि इस ऐतिहासिक निर्णय से डॉ. मुखर्जी का सपना पूरा हो गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुच्छेद 370 घाटी में आतंकवाद और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को फैलाने का मुख्य कारण था। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 35 ए ने जम्मू कश्मीर सरकार को विशेष अधिकार दिया है, जिससे देश के लोगों को जम्मू-कश्मीर में बसने से वंचित किया है और यहां तक कि कश्मीरी लड़कियों को गैर-कश्मीरी से शादी करने के कारण उनके अधिकारों से वंचित रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस अनुच्छेद ने दो राजनीतिक परिवारों को उनकी इच्छानुसार जम्मू कश्मीर पर शासन करने में मदद की। उन्होंने कहा कि आज भी कांग्रेस पार्टी अनुच्छेद 370 पर विभाजित है क्योंकि उन्हें लगता है कि यह राज्य के विकास में सबसे बड़ी बाधा थी। उन्होंने कहा कि इससे जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में शांति, प्रगति और समृद्धि का एक नया युग आरम्भ होगा और अब यह क्षेत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गतिशील नेतृत्व में तीव्र गति से विकसित होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुच्छेद 370 जम्मू और कश्मीर की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा थी। उन्होंने कहा कि अब जम्मू और कश्मीर पूरे राष्ट्र के साथ समृद्ध व विकसित होगा। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में पाक अधिकृत कश्मीर (पीओक) भी भारत का एक अभिन्न अंग हो।

इससे पूर्व, मुख्ममंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस के अवसर पर आयोजित किए जा रहे सेवा शपथके अन्तर्गत भाजपा जनता पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री के जीवन पर लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

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