राष्ट्रीय सामान्य दस्तावेज़ पंजीकरण प्रणाली का शुभारम्भ

राष्ट्रीय सामान्य दस्तावेज़ पंजीकरण प्रणाली का शुभारम्भ

  • अब लैंड रिकार्ड की ऑनलाइन होगी रजिस्ट्रेशन, ऑनलाइन मिलेगी पंजीकरण, स्टाम्प ड्यूटी व ई-मेल अलर्ट की सुविधा

रीना ठाकुर/शिमला: डिजिटल इंडिया लैड रिकार्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय सामान्य दस्तावेज़ पंजीकरण प्रणाली का मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां शुभारम्भ किया। लैंड रिकार्ड के ऑनलाइन पंजीकरण का यह कार्यक्रम प्रायोगिक आधार पर सर्वप्रथम शिमला (शहरी) और शिमला जिला की कुमारसैन तहसील में शुरू किया गया है। इस अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रक्रिया से राज्य में शीघ्र पंजीकरण के साथ आनलाइन मूल्यांकन और भुगतान की सुविधा शुरू होगी। उन्होंने कहा कि इस पायलेट प्रोजेक्ट की सफलता के उपरांत इसे पूरे प्रदेश में शुरू किया जाएगा।

जय राम ठाकुर ने कहा कि नागरिकों को आनलाइन पंजीकरण, स्टाम्प ड्यूटी और ई-मेल अलर्ट की सुविधा प्राप्त हो सकेगी। उन्होंने कहा कि इसके द्वारा राजस्व रिकार्डों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ रोकने में भी सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली भूमि मालिकों के हित में राजस्व रिकाॅर्ड के प्रभावी रखरखाव में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि से जुड़े विवादों को प्रभावी तरीके से निपटाने और राजस्व सम्बन्धी मुकदमों में कमी लाने में भी यह प्रणाली मील पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि नकली स्टाम्प पेपर को रोकने के लिए एनजीडीआरएस सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि पंजीकृत दस्तावेज की प्रतिलिपि स्कैनिंग तकनीक के द्वारा सुरक्षित रखी जाएगी और डाउनलोड किए गए दस्तावेज को अधिकृत उपयोगकर्ता द्वारा प्रमाणित प्रतिलिपि उत्पन्न कर देखा जा सकता है।

जय राम ठाकुर ने कहा कि भूमि मालिकों और खरीददारों को आॅनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क का भुगतान करने की भी सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश इस परियोजना को लागू करने वाला देश का 7वां राज्य है। उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘वन नेशन वन साॅफ्टवेयर’ के सपने को साकार करने की दिशा में एक कदम और आगे बढे़ हैं।

 

 

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