शिक्षक दिवस : 12 अध्यापक राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित (देखें वीडियो)

शिक्षक दिवस : 12 अध्यापक राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित (देखें वीडियो)

रीना ठाकुर/शिमला: शिक्षक दिवस के अवसर पर आज यहां आयोजित राज्य स्तरीय समारोह के दौरान राज्यपाल कलराज मिश्र ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की उपस्थिति में वर्ष 2019 के 12 शिक्षकों को राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया। इस अवसर पर अपने सम्बोधन में राज्यपाल ने कहा कि तकनीकी ज्ञान और उसका उपयोग समय की मांग है, लेकिन इससे भी महत्त्वपूर्ण यह है कि आत्मिक सम्बन्धों को हर कीमत पर बनाए रखा जाए।

यह शिक्षकों पर निर्भर करता है कि वह विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा के साथ-साथ नैतिकता पर बल दें ताकि भारतीय संस्कृति के अनुरूप अच्छे समाज का निर्माण किया जा सके, जैसे कि पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन् की सोच थी। उनका कहना था कि शिक्षक ज्ञान का स्रोत और समवाहक होते हैं, जिन्हें भारतीय संस्कृति के अनुरूप नैतिक संस्कार देने और गुणात्मक शिक्षा को स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आज जिन शिक्षकों को सम्मानित किया गया, निश्चित तौर पर उन्होंने गुणात्मक शिक्षा की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है, जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में व्यक्तित्व विकास और आत्मविश्वास बढ़ाने का कार्य एक शिक्षक कर सकता है। यही आत्मविश्वास जीवन में सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन् ने नैतिकता का पाठ पढ़ाया और उनका मानना था कि नैतिकता से ही अनुशासन आता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि 5 सितम्बर का दिन डॉ. एस. राधाकृष्णन से जुड़ा है जो एक महान दार्शनिक, विद्वान और शिक्षाविद् थे। उन्होंने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन एक दक्ष वक्ता, सफल कूटनीतिज्ञ, प्रशासक, प्रभावशाली राजनीतिज्ञ और प्रख्यात लेखक थे, जिनके लिए शिक्षा एक व्यवसाय नहीं बल्कि एक मिशन था जिसे प्रति वह पूरी तरह समर्पित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम उनका जन्म दिन शिक्षक दिवस के रुप में मनाते हैं ऐसे में यह समझना यह आवश्यक है कि शिक्षा के बारे में उनकी सोच व दृष्टिकोण को समझा जाए। शिक्षा से उनका अभिप्राय व्यक्तिगत तौर पर और विश्व स्तर पर एकीकरण है ताकि व्यक्ति एक आदर्श नागरिक बन सकें।  जय राम ठाकुर ने कहा कि शिक्षा लोगों को अधिकार और कर्तव्य के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का ध्येय लोगों को समाज की कार्यप्रणाली को समझने में सशक्त बनाना होना चाहिए। शिक्षा का उद्देश्य न केवल विद्यार्थियों को डिग्री हासिल करने और रोजगार देना है, बल्कि यह युवाओं में अनुसंधान की भावना, तर्कसंगत सोच को विकसित करके उन्हें समाज में हो रहे बदलावों व कमियों को दूर करने में सहायक सिद्ध होती है।

राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक

  • यजनीश कुमार, प्रवक्ता वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, जन्दूर, जिला हमीरपुर
  • सत्यपाल सिंह प्रवक्ता व.मा.पा कण्डाघाट जिला सोलन
  • सन्तोष कुमार चौहान, डीपीईए व.मा.पा समरहिल जिला शिमला
  • नेत्र सिंह टीजीटी, व.मा.पा कमान्द, जिला मण्डी
  • नन्द किशोर शास्त्री व.मापा. कुनिहार, जिला सोलन
  • जितेन्द्र मनहास जेबीटी प्राथमिक पाठशाला नेरी, जिला ऊना
  • विजयपुरी जेबीटी, प्राथमिक पाठशाला खारटी, जिला कांगड़ा
  • नारायण दत्त जेबीटी प्राथमिक पाठशाला लाणा मियूता जिला सिरमौर
  • आशा राम जेबीटी प्राथमिक पाठशाला नन्द जिला बिलासपुर
  • प्रदीप मुखिया जेबीटी प्राथमिक पाठशाला रोहडू जिला शिमला
  • युद्धवीर जेबीटी प्राथमिक पाठशाला सुन्दला जिला चम्बा
  • नरेश कुमार टीजीटी माध्यमिक पाठशाला, सिराज-2 जिला मण्डी।

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