प्रदेश में पिछले कुछ महीनों में 27,515 करोड़ के निवेश की 228 परियोजनाओं के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

प्रदेश में पिछले कुछ महीनों में 27,515 करोड़ के निवेश की 228 परियोजनाओं के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

  • मुख्यमंत्री ने की हिम प्रगति पोटर्ल के तहत परियोजनाओं की समीक्षा
  • सभी संबंधित विभागों को समय पर आवश्यक स्वीकृतियां प्रदान करने के निर्देश

रीना ठाकुर/ शिमला: राज्य सरकार ने प्रदेश में निवेश को व्यापक बढ़ावा देने के उद्देश्य से पिछले कुछ महीनों में 27,515 करोड़ के निवेश की 228 परियोजनाओं के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। प्रदेश के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में निवेशक राज्य में निवेश करने के लिए आगे आए हैं।

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां हिम प्रगति पोटर्ल की द्धितीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चल रही परियोजनाओं को समयबद्ध आधार पर पूरा करने तथा उनकी गुणवत्ता पर नजर रखना बड़ा आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष अक्तूबर माह से राज्य सरकार द्वारा आरम्भ हिम प्रगति पोटर्ल इस दिशा में वरदान सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह पोटर्ल निवेशकों की समस्याओं को हल करने तथा परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृतियां प्रदान करने में भी मदद्गार सिद्ध हो रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार का यह एक ऐसा नवाचार पोटर्ल है, जहां निवेशक अपनी परियोजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों को निवेशकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने और उन्हें तीव्र स्वीकृतियां प्रदान करने का जिम्मा सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि निवेशकों को इस पोटर्ल के तहत यूजर नेम व पासवर्ड दिए जाएंगे ताकि वे अपनी समस्याओं को बेहतर ढंग से उठा सकें तथा उनके प्रस्तावों पर संबंधित विभागों द्वारा की गई कार्रवाई भी जान सकें।

 जय राम ठाकुर ने कहा कि उद्यमियों को सुविधा प्रदान करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी तथा ऐसा करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अभी हाल ही में राष्ट्रीय व अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर निवेशकों को आकर्षित करने के लिए रोड़ शो आयोजित किए हैं, जिनके बड़े सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि विश्व भर के अग्रणी औद्योगिक घरानों ने प्रदेश में निवेश की इच्छा व्यक्त की है।

उन्होंने आशा व्यक्त की कि राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रयास फलीभूत होंगे तथा 7 व 8 नवम्बर को आयोजित की जा रही ग्लोबल इन्वेसटर मीट के लिए निर्धारित  85 हजार करोड़ रुपये के निवेश के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकेगा।

जय राम ठाकुर ने पर्यटन विभाग को विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के लिए ‘लैंड बैंक’ बनाने के निर्देश दिए क्योंकि पर्यटन परियोजनाओं के लिए भूमि की आवश्यकता मुख्य मापदण्ड है। उन्होंने राजस्व विभाग को प्रॉपर्टी डिलरों के साथ उपलब्ध भूमि को चिन्हित करने के लिए बैठक आयोजित करने को भी कहा।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा समझौता ज्ञापनों की प्रगति की समीक्षा की तथा संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने टाउन एण्ड कन्ट्री प्लानिंग विभाग को भूमि विकास के लिए सभी अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के मामले सरकार को प्रेषित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टीसीपी विभाग द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र का ज्यादा औचित्य नहीं है, क्योंकि इससे विकासात्मक परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए अनावश्यक विलम्ब हो रहा है।

जय राम ठाकुर ने लोक निर्माण विभाग को मनाली के समीप सासे हैलीपैड के निर्माण कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए तथा कहा कि इसके लिए सरकार ने रक्षा मंत्रालय से पहले ही स्वीकृति प्राप्त कर ली है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस हैलीपैड से रोहतांग पास के लिए जॉय राईड आरम्भ करने की योजना बनाई है, जिसके लिए हैलीकॉप्टर खरीद लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस सुविधा से पर्यटकों को अतिरिक्त आकर्षण उपलब्ध हो सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ग्राम पंचायतों से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की प्रथा को बन्द करने पर भी विचार करेगी, क्योंकि इससे विकास परियोजनाओं को आरम्भ करने में अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं।

उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने अपने बहुमूल्य सुझाव देते हुए कहा कि सरकार द्वारा उठाए गए प्रभावी कदमों से निवेशकों को प्रदेश में परियोजनाओं की शीघ्र स्वीकृति प्राप्त करने में सुविधा होगी।

मुख्य सचिव बी.के. अग्रवाल ने जानकारी दी कि उद्योग विभाग द्वारा 122 परियोजनाओं के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनमें से 57 परियोजनाओं पर कार्य भी आरम्भ हो चुका है।

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