भारत ने किया चंद्रयान-2 लॉन्च, चांद के बारे में दुनिया को नई जानकारी से कराएगा अवगत

भारत ने किया चंद्रयान-2 लॉन्च, चांद के बारे में दुनिया को नई जानकारी से कराएगा अवगत

नई दिल्ली: चंद्रमा के अनछुए पहलुओं का पता लगाने के लिए चंद्रयान-2 सोमवार को यहां स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) से शान के साथ रवाना हो गया. इसे बाहुबलीनाम के सबसे ताकतवर रॉकेट जीएसएलवी-मार्क III के जरिए दोपहर दो बजकर 43 मिनट पर प्रक्षेपित किया गया आज का यह प्रक्षेपण अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की धाक जमाएगा और यह चांद के बारे में दुनिया को नई जानकारी उपलब्ध कराएगा

इसरो ने इस मौके पर कहा कि यह खुशी का पल है लॉन्चिंग हमारी सोच से भी अच्छी रही, यह वैज्ञानिकों की कड़ी मेहनत के कारण सफल हो पाया इसरो ने कहा, ”‘बाहुबलीरॉकेट जीएसएलवी मार्क …-एम 1 ने चंद्रयान-2 को पृथ्वी की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित किया

इसरो की कामयाबी पर लोकसभा और राज्यसभा ने बधाई दी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रक्षेपण देखते हुए फोटो ट्वीट किया और कहा कि आज हर भारतीय को गर्व है उन्होंने कहा कि चंद्रयान-2 पूरी तरह से स्वदेशी है

गत 15 जुलाई को रॉकेट में तकनीकी खामी का पता चलने के बाद इसका प्रक्षेपण टाल दिया गया था उस दिन इसका प्रक्षेपण तड़के दो बजकर 51 मिनट पर होना था, लेकिन प्रक्षेपण से 56 मिनट 24 सेकंड पहले रॉकेट में तकनीकी खामी का पता चलने के बाद चंद्रयान-2 की उड़ान टाल दी गई थी

समय रहते खामी का पता लगाने के लिए वैज्ञानिक समुदाय ने इसरो की सराहना की थी आज रवाना हुआ चंद्रयान-2चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में उतरेगा जहां अभी तक कोई देश नहीं पहुंच पाया है इससे चांद के अनसुलझे रहस्य जानने में मदद मिलेगी जिससे ऐसी नयी खोज होंगी जिनका भारत और पूरी मानवता को लाभ मिलेगा

कुल 3,850 किलोग्राम वजनी यह अंतरिक्ष यान ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर के साथ गया है पहले चंद्र मिशन की सफलता के 11 साल बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने भू-स्थैतिक प्रक्षेपण यान जीएसएलवी-मार्क … के जरिए 978 करोड़ रुपये की लागत से बने चंद्रयान-2का प्रक्षेपण किया है कल यानी रविवार की शाम छह बजकर 43 मिनट पर प्रक्षेपण के लिए 20 घंटे की उल्टी गिनती शुरू हुई थी इसरो का सबसे जटिल और अब तक का सबसे प्रतिष्ठित मिशन माने जाने वाले चंद्रयान-2के साथ रूस, अमेरिका और चीन के बाद भारत चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला चौथा देश बन जाएगा

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