नमामि गंगे की तर्ज पर होगा प्रदेश की पांच प्रमुख नदियों का पुनरुद्धार

नमामि गंगे की तर्ज पर होगा प्रदेश की पांच प्रमुख नदियों का पुनरुद्धार

अंबिका/शिमला: प्रदेश की नदियों में लगातार जल स्तर घटना जा रहा है और पानी की गुणवत्ता में भी कमी आई है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए सिंधु नदी बेसिन की पांच प्रमुख नदियों (सतलुज, ब्यास, चिनाव, रावी और झेलम) का नमामि गंगे की तर्ज पर हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान पुनरुद्धार करने जा रहा है। इसी उद्देश्य से हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान द्वारा शिमला में दो दिवसीय लांच वर्कशॉप का आयोजन किया गया जिसमें नदियों का वानिकी गतिविधियों के माध्यम से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनाने के लिए विशेषज्ञ ने विचार विमर्श किया। 

कार्यक्रम में वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि सिंधु नदी बेसिन की प्रमुख नदियों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनाने में गंगा नदी की पुनरुद्धार की डीपीआर को आधार बनाया जाएगा। केंद्र सरकार की तरफ से हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान को इसके लिए एक वर्ष का समय दिया गया है। हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान ने निदेशक सत्य प्रकाश नेगी ने बताया कि प्रदेश कि पांच प्रमुख नदियों के पुनरुद्धार के लिए वर्कशॉप बुलाई गई है जिसमें पांच राज्यों के विषय विशेषज्ञ नदियों के घटते जलस्तर को कैसे बढाया जाये इस सुझाव देंगे। किस राज्य में नदियों के सरक्षण के लिए क्या काम किया जा रहा इस पर चर्चा की जाएगी।

सम्बंधित समाचार

अपने सुझाव दें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  −  4  =  6