एसजेवीएन ने किया कार्यपालकों के लिए प्रथम : :एसेंडेंस" एसजेवीएन जेन वाई कॉनक्‍लेव आयोजित

एसजेवीएन ने किया कार्यपालकों के लिए प्रथम : :एसेंडेंस” एसजेवीएन जेन वाई कॉनक्‍लेव आयोजित

शिमलाः एसजेवीएन ने युवा कार्यपालकों के लिए दो दिवसीय कॉनक्‍लेव –”एसेंडेस” एसजेवीएन जेन वाई कांक्‍लेव का रॉयल ट्यूलिप, कुफरी, शिमला में आयोजन किया।  इस कॉनक्‍लेव का मौलिक विचार एसजेवीएन के विजनरी अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, नंद लाल शर्मा द्वारा दिया गया है और इस नवोन्‍वेषी पहल का मकसद एसजेवीएन के 2023 तक एक 5000 मेगावाट, 2030 तक 12000 मेगावाट एवं 2040 तक 25000 मेगावाट कंपनी बनने के सांझे विजन का कंपनी के युवा कार्यपालकों के विचारों के साथ मेल बिठाना है।

कॉनक्‍लेव का उद्घाटन अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, नंद लाल शर्मा ने आईएएस (सेवानिवृत्‍त दीपक शानन तथा आईएएस (सेवानिवृत्‍त), अजय मित्‍तल की गरिमापूर्ण उपस्थिति में किया।

एसजेवीएन ने कार्यपालकों के लिए किया प्रथम :''एसेंडेंस'' एसजेवीएन जेन वाई कॉनक्‍लेव आयोजित

एसजेवीएन ने कार्यपालकों के लिए किया प्रथम :”एसेंडेंस” एसजेवीएन जेन वाई कॉनक्‍लेव आयोजित

इस अवसर पर निदेशक(वित्‍त), ए.एस. बिन्‍द्रा, निदेशक (विद्युत) आर. के. बंसल, निदेशक (कार्मिक), गीता कपूर, निदेशक (सिविल), एस. पी. बंसल, फैकल्‍टी सदस्‍य एसजेवीएन के पूर्व मुख्‍य महाप्रबंधक एच. बी. सहाय तथा एसजेवीएन के पूर्व मुख्‍य महाप्रबंधक, के. के. गुप्‍ता भी उपस्थित थे।

उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए नंद लाल शर्मा ने कहा कि यह कॉनक्‍लेव कंपनी के 380 युवा कार्यपालकों के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम यथा व्‍यावसायिक संबंध एवं मार्गदर्शिता के जरिए अर्जित ज्ञान को समेकित करने के लिए है।  इन्‍होंने अधिकारियों को अपनी मुख्‍य दक्षताओं पर आत्‍म‍निरीक्षण करके एसजेवीएन को एक विश्‍व स्‍तरीय प्रतिस्‍पर्धी संगठन बनाने की दिशा में दृढ़ता से योगदान देने और कंपनी को विकास और सफलता की नई ऊंचाईयों की ओर ले जाने में उन शक्तियों का उपयोग करने के लिए प्रोत्‍साहित किया। एसजेवीएन को सन 2040 तक एक 25000 मेगावाट कंपनी बनाने के लिए नए विचार देने तथा एक रोडमैप तैयार करने के लिए एसजेवीएन के कारपोरेट मुख्‍यालय तथा सभी परियोजनाओं से 11 टीमों ने विभिन्‍न विषयों जैसे सांझे विज़न के कार्यान्‍वयन के लिए विचार, एसजेवीएन मूलमंत्र-मूलभूत मान्‍यताएं, एसजेवीएन का स्‍वोत विश्‍लेषण आदि पर प्रस्‍तुतियां दी। प्रशिक्षण कार्यक्रमों के फैकल्‍टी दीपक शानन, आईएएस (सेवानिवृत्‍त) ने अपने संबोधन में सबका ध्‍यान इस बात पर केन्द्रित किया कि सांझे विज़न और मूलभूत मान्‍यताओं के निर्धारण के बाद उत्‍पन्‍न हुए उमंग और जोश को इन लक्ष्‍यों को हासिल करने और इनसे पार जाने के लिए और आगे ले जाने की जरूरत है।

प्रशिक्षण कार्यक्रमों के ही फैकल्‍टी अजय मित्‍तल, आईएएस (सेवानिवृत्‍त) ने उन विभिन्‍न मुख्‍य प्रश्‍नों पर विचारावेश किया जो निर्णयन एवं नई पहलें करने का हिस्‍सा हैं।  इन्‍होंने सभी से जोर देकर कहा कि जोखिम लेने वाले बनें तथा कंपनी की कोर वैल्‍यू जो कि व्‍यावसायिकता, जवाबदेही, सततशीलता, टीम कार्य, न्‍वोन्‍वेषता तथा विश्‍वास (आत्‍मसात करें) का अनुसरण करते हुए कंपनी हित के लिए त्‍वरित कार्यवाही करें तथा साथ ही प्रबंधन और प्रमुख कार्मिकों को ऐसे व्‍यवहार को प्रोत्‍साहित करने के लिए प्रोत्‍साहित  किया।

कॉनक्‍लेव के दूसरे दिन प्रख्‍यात प्रेरक वक्‍ता, अंतर्राष्‍ट्रीय प्रशिक्षक, विख्‍यात प्रेरक लेखक तथा शीर्ष बिजनेस कोच डॉ.उज्‍ज्‍वल पाटनी ने प्रतिभागियों को प्रेरणापूर्ण संभाषण दिया।

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