शहद सूखी त्वचा, खुजली और विभिन्न त्वचा रोगों के लिए फायदेमंद

शहद त्वचा संबंधी रोगों के लिए फायदेमंद

शहद

शहद

वैसे तो यह सबको पता है कि नींबू और शहद के साथ गुनगुना गर्म पानी पीना स्वास्थ्यलाभ के दृष्टि से अच्छा होता है। मगर इसके बारे में सही जानकारी शायद ही किसी को है, इसलिए इस पेय को पीने से स्वास्थ्यलाभ संबंधित दस कारणों के बारे जानकारी दी जा रही है:

हजम शक्ति को बढ़ाता है: नींबू, शहद और गर्म पानी तीनों मिलकर हजम शक्ति को बढ़ाते हैं। नींबू लीवर को पित्त(बाइल) के उत्पादन में सहायता करता है और शरीर से विषाक्त पदार्थ को निकालने में भी मदद करता है। शहद में एन्टीबैक्टिरीयल गुण होता है जिसके कारण वह शरीर को इनफेक्शन से बचाता है। यह आंत में श्लेष्मा(म्यूकस) के उत्पादन में सहायता करने के कारण शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने में भी मदद करता है।

पेट को साफ करके कोलोन के कार्य को उन्नत करता है: आयुर्वेद में कहा जाता है कि पेट में विषाक्त पदार्थों का उत्पादन होता है। जो बाद में बीमारियों के कारण बन जाते हैं। नींबू और शहद के साथ गर्म पानी पीने से पेट से अमा या विषाक्त पदार्थ निकल जाते हैं और यह शरीर को पोषक तत्वों (nutrients) को सोखने में भी मदद करता है।

कब्ज़ से राहत दिलाता है: यह मिश्रण कब्‍ज के लिए तत्‍काल उपाय है। यह आंत को प्रोत्‍साहित कर मल त्‍यागने में मदद करता है। इसके अलावा यह आंत्र म्‍यूकस में बढ़ावा देता है, पेट को हाइड्रेट करता है और सूखे मल को पानी में भिगो देता है। इन सब की एक साथ मौजूदगी से मल त्‍यागने में मदद करता है। यह मिश्रण कब्ज़ से जल्दी राहत दिलाने में मदद करता है।

लसीका प्रणाली (lymphatic system) को साफ़ करने में मदद करता है: चिकित्सा शास्त्र के नियम के अनुसार सूखा लसीका प्रणाली विभिन्न प्रकार के बीमारियों का कारण बन जाता है। लसीका प्रणाली में पानी के कमी के कारण आपको बिना वजह के थकान महसूस होगा, तनावग्रस्त रहेंगे, कब्ज़ की समस्या उत्पन्न होगी, नींद में परेशानी होगी, उच्च या निम्न रक्त चाप की समस्या होगी आदि। इस मिश्रण को सुबह पीने से लसीका प्रणाली में जल की कमी नहीं होती है और प्रतिरक्षा क्षमता (immunity) का भी विकास होगा।

तुरन्त ऊर्जा मिलती है और मनोस्थिति में भी सुधार आता है: शहद और गर्म पानी से शरीर में एनर्जी में भी वृद्धि होती है। शरीर में ज्यादा एनर्जी उत्पन्न होने से शरीर का मेटाबॉलिज्म और कार्यप्रणाली में भी वृद्धि होती है। शहद शरीर के अंगों को ठीक से काम करने के लिए प्रेरित करता है। सुबह के समय गर्म पानी में शहद लेने से आप दिन भर ऊर्जावान बने रह सकते हैं। अगर आप थका हुआ महसूस कर रहे हैं तो इस मिश्रण को पीने से आप में तुरन्त ऊर्जा का संचार होने लगेगा और आप ताजा और ऊर्जायुक्त महसूस करेंगे। पानी मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह को ठीक करने में मदद करता है। पेट में जो नेगटिव चार्ज्ड एन्जाइम्स होते हैं नींबू उन्हें सक्रिय करके पॉज़िटिव्ली चार्ज्ड एन्जाइम्स से लड़कर उन्हें खत्म करने में मदद करता हैं और खाना को हजम करवाने में मदद करता है। वैसे नींबू का महक ताजगी भी प्रदान करता है।

यह मूत्र पथ को साफ़ करने में मदद करता है: वैसे तो शहद में एन्टीबैक्टिरीयल गुण होता है जिसके कारण वह कई प्रकार के इन्फेक्शन से लड़ने में शरीर को मदद करता है। जब शहद को नींबू और पानी से साथ मिलाया जाता है तब यह मूत्र पथ को साफ़ रखने में मदद करता है। जिन महिलाओं को मूत्र पथ के संक्रमण(urinary tract infection) की बीमारी होती है उनके लिए यह मिश्रण भगवान के प्रसाद स्वरूप होता है।

मौखिक स्वास्थ्य को उन्नत करता है: नींबू का क्षारिय गुण (acidic nature) जब शहद और पानी के साथ मिलता है तब मुँह से बदबू निकलने के बीमारी से राहत दिलाने में मदद करता है। सुबह-सुबह इस मिश्रण को पीने से मुँह के जीवाणुओं (bacteria) को नष्ट करने में मदद करने के साथ-साथ जीभ के ऊपर जो सफ़ेद रंग का परत पड़ता है उस परत को भी साफ़ करने में मदद करता है। इससे मुँह से बदबू नहीं निकलता है।

वज़न को घटाने में मदद करता है: इस मिश्रण में पेक्टिन नाम का फाइबर होता है जिससे पेट देर तक भरा हुआ महसूस होता है। इस तरह यह वज़न घटाने की प्रक्रिया में मदद करता है।

साफ़ और स्वच्छ त्वचा प्रदान करता है: यह मिश्रण त्वचा के लिए बहुत लाभदायक होता है। यह रक्त को शुद्ध करने में मदद करता है और नई रक्त कोशिकाओं को बनाने में मदद करता है। साथ ही कोलेज़न के उत्पादन में भी सहायक होता है। इन सब गुणों के कारण इस मिश्रण को पीने से त्वचा में अलग ही निखार आ जाता है।

इस मिश्रण को पीने का नियम और बनाने की विधि:

इस मिश्रण को साधारणतः आप ब्रश करने के बाद ही पीना पसंद करेंगे मगर बिना ब्रश किए इसको पीने की सलाह दी जाती है।

विधि: एक गिलास गुनगुना गर्म पानी लें, उसमें आधा नींबू का रस और एक छोटा चम्मच शहद डालकर अच्छी तरह से मिला लें। इस मिश्रण को बनाने के बाद तुरन्त पी लें। इसको पीने के एक घंटा के बाद ही चाय या कॉफी पीयें।

वहीं लीवर शरीर के महत्वपूर्ण अंगो में से एक है। यह हमारे पाचन तंत्र से खून को फिल्टर करता है। शरीर में रक्त की आपूर्ति (शरीर पोषण का मुख्य और एक मात्र आधार) और रक्तचाप से लेकर अन्य समस्त क्रियाओ के लिए सीधे रूप से जिम्मेदार और आवश्यक होता है। लीवर की सेहत को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता क्योंकि हमारा पूरा स्वास्थ्य इसपर निर्भर करता है। लेकिन आज की पीढ़ी स्वस्थ जीवन शैली पर ध्यान नहीं दे रही है, इस कारण से कई लोगो के लीवर के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है और लीवर अच्छे से कार्य करने में असफल है। हमारे द्वारा लिए जाने वाले कई प्रकार के विषाक्त पदार्थ है जो शरीर में लीवर की खराबी के लिए जिम्मेदार है। लेकिन शहद और पानी से आप अपने लीवर की सफाई कर सकते हैं।

शहद और पानी: सुबह एक गिलास गुनगुने पानी में नींबू का रस और शहद मिलाकर पीना स्‍वास्‍थ्‍य के लिए अच्‍छा होता है, यह बात तो हम सभी जानते हैं लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि शहद को गर्म पानी के साथ लेने से लीवर को डिटॉक्‍स करने और वजन कम में मदद मिलती है और इसके नियमित सेवन से सेहत से जुड़ी कई समस्याओं से हमेशा के लिए निजात मिल सकती है। प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के साथ-साथ यह परजीवी से पाचन तंत्र को साफ करने में मदद करता है और शरीर से विषाक्‍त पदार्थों को मुक्‍त करने में मदद करता हैं। इसमें मौजूद एंटीबैक्‍टीरियल और एंटी-वायरल गुणों के कारण यह आपके शरीर की पूरी तरह से सफाई करने में मदद करता है।

लीवर के लिए शहद और पानी: अच्छे पाचन के लिए सुबह गर्म पानी में शहद और नींबू मिलाकर पीना चाहिए। यह पेट को साफ करने में मदद करता है। यह लीवर में रस के उत्‍पादन को बढ़ाता है जिससे पाचन में मदद मिलती है। नींबू में मौजूद एसिड आपके पाचन तंत्र में मदद करता है और अवांछित विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। इसके अलावा शहद एक एंटीबैक्‍टीरियल के रूप में कार्य करता है और आपके शरीर में मौजूद किसी भी तरह के संक्रमण को दूर करने में मदद करता है। इसके अलावा गुनगुने पानी के साथ शहद का सेवन करने के अन्‍य फायदे भी है। आपके संपूर्ण स्वास्थ्य का पूरा दारोमदार आपके लीवर पर टिका रहता है। सही खानपान और लाइफस्टाइल को अपनाकर अगर आप इसे सुरक्षित रखेंगे तो यह आपको सुरक्षित रखेगा।

  • शहद की 50 बेहतरीन खूबियाँ और प्रयोग से होने वाले लाभ

 

  • शुद्ध शहद एक ऐसा खाद्य पदार्थ है जो कि लम्बे समय तक रखने के बावजूद ख़राब नहीं होता है
  • ये माना जाता है कि लगभग 8000 सालों से शहद हमारे खान-पान का हिस्सा रहा है
  • किसी शहद में पानी का अंश जितना कम होता है वह शहद उतना अच्छा माना जाता है.
  • 500 ग्राम शहद बनाने के लिए आने-जाने में मधुमख्खियाँ पृथ्वी के 3 चक्कर के बराबर दूरी तय करती है
  • सन 2007 में पहली बार हेल्थ कनाडा और यूएस फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (ऍफ़ डी ए) ने शहद को घाव और जलने के उपचार में प्रयोग करने की मान्यता दी
  • शहद में पानी का अंश बहुत कम होने की वजह से इसमें बैक्टीरिया नहीं पनपने पाते
  • मनुका” शहद दुनिया का सबसे अच्छा शहद माना जाता है, ऐसा इस शहद में पाए जाने वाले खास एंटी-बैक्टिरियल गुणों की वजह से है, यह शहद ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में पाया जाता है
  • शहद में कैल्शियम,आयरन,मैग्नीशियम,फास्फोरस,पोटैशियम,सोडियम और जिंक आदि 11 खनिज तत्व पाए जाते है
  • शहद कामशक्ति वर्धक माना गया है, इसका सेवन पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन और महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन बनाने के प्रक्रिया को तेज करता है
  • असली और नकली शहद की एक पहचान ये भी होती है कि असली शहद मख्खी के पंख में चिपकता नहीं है जबकि नकली चिपक जाता है
  • 1 किलो शहद में 5500 कैलोरी उर्जा होती है
  • शहद और चीनी दोनों मीठे होते है पर शहद चीनी से 75% रूप से अलग होता है, आसानी से पचने की वजह से यह चीनी से ज्यादा फायदेमंद है और रोगियों के लिए भी उपयुक्त है
  • शहद एक अच्छा एंटी-ओक्सिडेंट (anti-oxidant) होता है इसलिए ये बढती उम्र के लक्षणों को कम करने में फायदेमंद है
  • एलर्जी, कफ और त्वचा के जलने में शहद बहुत उपयोगी माना गया है
  • शहद याददाश्त तेज करता है, कमजोर तंत्रिका तंत्र को ठीक करता है
  • चूँकि शहद एक हाइपरस्मोटिक एजेंट है इसलिए इसे घाव पर लगाने से यह घाव का तरल निकाल देता है, उस स्थान से बैक्टीरिया नष्ट करके शीघ्र भरपाई करता है
  • घाव पर शहद सीधे लगाने की बजाय इसे पट्टी या रुई पर लगाकर फिर घाव पर लगायें
  • टाइफाइड, निमोनिया में शहद सेवन लीवर और आंतों की कार्यक्षमता बढाता है
  • पेशाब के इन्फेक्शन में दालचीनी चूर्ण ,शहद को गुनगुने पानी में मिलाकर पीने से बैक्टीरिया दूर होते हैं और आराम मिलता है
  • शुद्ध शहद आँखों में लगाने पर जलन होती है परन्तु चिपचिपाहट नहीं होती है, यह उपाय नेत्र ज्योति को बढाता है
  • तरोताजा स्नान के लिए एक कप गर्म पानी में दो चम्मच शहद मिलाएं ,फिर 2-3 बूँद लेवेंडर तेल की मिलाकर इसे नहाने के पानी में मिलाये और स्नान करें
  • अदरक का रस और शहद मिलाकर सेवन करने से खांसी-जुकाम में बहुत आराम मिलता है
  • शहद एक अच्छा सनस्क्रीन और माइस्चराइज़र होता है
  • मुहांसों पर रात में सोते समय दालचीनी चूर्ण और शहद मिलाकर लगायें और सुबह धो लें, मुहांसे ठीक होंगे और दाग भी नहीं रहेंगे
  • शहद का उपयोग सूखी त्वचा, खुजली और विभिन्न त्वचा रोगों को दूर करता है
  • हलके गुनगुने पानी में शहद और नीम्बू का रस मिलाकर सुबह पीने से वजन कम होता है,कब्ज दूर होता है, साथ ही शरीर से विषैले तत्व बाहर निकल जाते है
  • शहद, नींबू और गुनगुने पानी का सेवन एक बार में लगातार 30 दिनों से ज्यादा नहीं करना चाहिए , थोडा अन्तराल देकर पुनः प्रारंभ कर सकते हैं
  • शहद में पाए जाने वाली शर्करा का 75% ग्लूकोस,फ्रक्टोस,सुल्फोज़,माल्टोज़ और लैकटोज़ के रूप में होती है
  • दूध में शहद मिलाकर पीना वजन बढाने में अति गुणकारी है
  • आयुर्वेद के अनुसार अलग अलग पेड़ों पर पाए जाने वाले शहद की अलग खासियतें होती है, नीम के पेड़ के छत्ते से पाए जाने वाला शहद आँखों के लिए, जामुन के पेड़ से पाए जाने वाला शहद डायबिटिज़ के लिए और सहजन के पेड़ से पाए जाने वाला शहद ह्रदय रोग और ब्लड-प्रेशर में लाभदायक होता है
  • होठों पर शहद लगाने से होंठ नर्म,मुलायम होते हैं
  • शहद शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढाता है और संक्रमण की पुनरावृत्ति रोकता है
  • दांतों के दर्द में शहद को रुई के फाहे में लगाकर दर्द वाले स्थान पर लगाने से राहत मिलती है
  • कब्ज के उपचार के लिए शहद को टमाटर या संतरे के जूस में मिलाकर नियमित सेवन करें
  • एक दिन के सेवन के लिए एक चम्मच शहद उपयुक्त है ,शहद को जरुरत से ज्यादा खाना हानिकर हो सकता है.
  • गुड़, घी, चीनी ,मिश्री,तेल और मांस मछली के साथ शहद का सेवन नुकसानदायी होता है
  • शहद को गर्म करने से उसके लाभकारी गुणों में कमी आ जाती है ,इसलिए इसे गर्म करके प्रयोग में नहीं लाना चाहिए.
  • अस्थमा में शहद से भरा बर्तन नाक के नीचे रखकर सूंघने से श्वांस सामान्य होती है, यह असर शहद में पाए जाने वाले अल्कोहल और इथेरल तेल तत्वों की वजह से होता है, इसका असर एक दो घंटे तक रहता है.
  • अस्थमा रोग में एक साल पुराना शहद दूध या पानी के साथ लेने से भी बहुत फायदा होता है.
  • आयुर्वेद के अनुसार सोने से पूर्व एक गिलास पानी में दो चम्मच शहद मिलाकर पीने से नींद जल्दी और अच्छी आती है.
  • आर्थराइटिस में जोड़ों पर दालचीनी चूर्ण और शहद मिलाकर धीरे धीरे मालिश करें.
  • मसूढ़ों पर शहद लगाने से मसूढ़े मजबूत रहते है, इसके अतिरिक्त मुह के छालों पर लगाने से वो जल्दी ठीक हो जाते है.
  • चाय में शहद और दालचीनी चूर्ण मिलाकर पीने से जोड़ो का दर्द और जकड़न दूर होती है.
  • शहद सीने की जलन, उल्टी में आराम देता है क्योंकि यह पेट में हाईड्रोक्लोरिक एसिड बनने की क्रिया को धीमा करता है.
  • शहद का नियमित सेवन खोई हुई शक्ति वापस लौटाता है, और शरीर को सुन्दर,स्फूर्तिवान,बलवान, दीर्घजीवी और सुडौल बनाता है.
  • शराब ज्यादा पीने से अगले दिन होने वाले हैंगओवर में शहद का सेवन आराम दिलाता है.
  • बालों की अच्छी कंडिशनिंग के लिए शहद और जैतून का तेल मिलाकर बालो में लगाकर तौलिये से ढक लें, 20 मिनट लगे रहने के बाद शैम्पू कर लें.
  • एक चम्मच लहसुन का रस और शहद मिलाकर दिन में दो बार सुबह शाम पीने से ब्लड प्रेशर काबू में रहता है .
  • साँसों की बदबू से छुटकारा पाने के लिए शहद ,गुनगुना पानी ,दालचीनी चूर्ण मिलाकर कुल्ला करें.
  • मधुमक्खी के छत्ते से पाए जाने वाले मोम से बनी मोमबत्ती वातावरण शुद्ध करती है ,अच्छी खुशबु, कम धुआं और तेज रौशनी देती है.

 

  • नोट : शहद के यह उपयोग सामान्य उपचार के लिए हैं. किसी गंभीर या पुरानी बीमारी के लिए प्रयोग करने से पूर्व चिकित्सक की अवश्य सलाह लें.

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