पार्टी की ओर से दिये गये सम्मान से पूरी तरह से संतुष्ट, भ्रामक बातें न फैलाएं : प्रो. धूमल

प्रो. धूमल और सत्ती ने की प्रदेश के शहीद 7 सैनिकों के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त

प्रो. धूमल और सत्ती ने की प्रदेश के शहीद 7 सैनिकों के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त

घटना की कड़ी निंदा

कहा: प्रदेश मातृभूमि की रक्षा के लिए दी गई इस शहादत को कभी नहीं पाएगा भूल

शिमला: मणिपुर में आतंकवादियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में सैनिकों के शहीद होने की घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। इस घटना को आंतकियों की कायरतापूर्ण कार्यवाही करार देते हुए प्रो. धूमल ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से देश का मनोबल नहीं टूटेगा बल्कि एकजुट होकर ऐसी कार्यवाहियों का ठोस जवाब देगा।

प्रो. धूमल ने इस हमले में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए शहीद हुए इन सैनिकों के प्रति आज सारा राष्ट्र कृतज्ञ है और उनका यह ऋण कभी नहीं चुकाया जा सकेगा।

प्रदेश के शहीद 7 सैनिकों के प्रति कृतज्ञता और श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए प्रो. धूमल ने कहा कि वीरभूमि हिमाचल के इन वीरों ने शहादत की उच्च परम्परा को निभाते हुए स्वयं को तो अमर कर लिया परन्तु आज प्रत्येक प्रदेशवासी इस हृदय विदारक घटना से गमगीन है और उनकी इस शहादत को नमन करता है।

शोक संत्पत परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रो. धूमल ने कहा कि आज सारा राष्ट्र इस दु:खद घड़ी में उनके साथ है और परमात्मा शोक संत्पत परिवारों को इस महान दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।

प्रो. धूमल ने केन्द्र सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि इस तरह की अमानवीय और कायरतापूर्ण कार्यवाही का कठोरता से जवाब दिया जाए। गोली की भाषा समझने वालों को गोली से जवाब दिए जाने की आवश्यकता है। केन्द्र सरकार को तब तक अपने कदम पीछे नहीं हटाने चाहिए जब तक देश से इस तरह के अंतिम आंतकी को खत्म न किया जाए।

वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने मणिपुर में आतंकवादियों द्वारा डोगरा रेजिमैंट पर किए गए हमले में शहीद सैनिकों के प्रति श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए अमर हुए इन वीरों की शहादत के लिए सारा राष्ट्र उनके प्रति कृतज्ञ है। उन्होनें कहा कि हिमाचल प्रदेश के 7 सैनिक भी इस घटना में शहीद हुए हैं। प्रदेश मातृभूमि की रक्षा के लिए दी गई इस शहादत को कभी नहीं भूला पाएगा।

 

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