एसजेवीएन ने वित्‍तीय वर्ष 2018-19 के लिए किया 589.47 करोड़ रूपए का अंतरिम लाभांश घोषित

एसजेवीएन ने वित्‍तीय वर्ष 2018-19 के लिए किया 589.47 करोड़ रूपए का अंतरिम लाभांश घोषित

  • भारत सरकार को 368.07 करोड़ रूपए अंतरिम लाभांश के रूप में किए अदा

शिमला: सार्वजनिक क्षेत्र के एसजेवीएन लिमिटेड ने वर्ष 2018-19 के वित्‍तीय निष्‍पादन के आधार पर इसके शेयरधारकों को 589.47 करोड़ रूपए (1.50 रूपए प्रति शेयर की दर से ) का अंतरिम लाभांश घोषित किया गया है। एसजेवीएन ने कंपनी की 62.44% इक्विटी धारक भारत सरकार को 368.07 करोड़ रूपए का अंतरिम लाभांश अदा किया है।

एसजेवीएन लिमिटेड के अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नन्‍द लाल शर्मा द्वारा नई दिल्‍ली में केन्‍द्रीय विद्युत राज्‍य मंत्री आर.के. सिंह को लाभांश का चेक भेंट किया गया। लाभांश चेक एस.एन.साही, अतिरिक्‍त सचिव तथा विशाल पाल सिंह, उप सचिव(हाइड्रो-II) तथा विद्युत मंत्रालय के वरिष्‍ठ अधिकारियों की उपस्थिति में भेंट किया गया। इस अवसर पर ए.एस. बिंद्रा , निदेशक(वित्‍त), कंवर सिंह,  निदेशक(सिविल) तथा एसजेवीएन के वरिष्‍ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। केन्‍द्रीय विद्युत राज्‍यमंत्री को चेक भेंट करते हुए। नन्‍द लाल शर्मा ने मंत्री को बताया कि कंपनी इसके शेयरधारकों को लाभकारी वापसी भुगतान कर रही है। मुख्‍य शेयरधारक भारत सरकार को 2453.78 करोड़ रूपए के निवेश पर पहले ही 4257.47 करोड़ रूपए का कुल लाभांश अदा किया जा चुका है। वर्तमान में भारत सरकार कंपनी की 62.44% की शेयरधारक है जबकि हिमाचल प्रदेश सरकार के पास 26.85% तथा पब्लिक के पास 10.71%  शेयर हैं।

इस अवसर पर मंत्री को नन्‍द लाल शर्मा ने बताया कि 2023 तक 5000 मेगावाट कंपनी, 2030 तक 12000 मेगावाट तथा 2040 तक 25000 मेगावाट की कंपनी बनाने के महत्‍वाकांक्षी लक्ष्‍यों को प्राप्‍त करने के लिए इक्विटी भाग में अंशदानार्थ एसजेवीएन के पास पर्याप्‍त आरक्षित निधि है। उन्‍होंने आगे बताया कि इन लक्ष्‍यों को प्राप्‍त करने के लिए एसजेवीएन के पास तकनीकी विशेषज्ञता तथा वित्‍तीय दोनों आधार हैं।

हिमाचल प्रदेश में परियोजनाएं निष्‍पादित करने के अलावा एसजेवीएन वर्तमान में नेपाल, भूटान, उत्‍तराखंड, बिहार तथा गुजरात में परियोजनाएं निष्‍पादित कर रहा है। इन परियोजनाओं से संचयी विद्युत उत्‍पादन क्षमता 4798 मेगावाट होगी। वर्तमान में 2000 मेगावाट से अधिक विद्युत उत्‍पादन करने वाले एसजेवीएन ने पवन विद्युत , ताप विद्युत तथा विद्युत पारेषण के क्षेत्र में पहले ही विविधीकरण कर लिया है।

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