पुलवामा आतंकी हमला: NIA ने दाखिल की 13,500 पन्नों की चार्जशीट, मौलाना मसूद अजहर समेत 19 नामजद

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में बड़ा आत्मघाती हमला, 42 जवान शहीद

  • कई घायल, जैश ए मोहम्मद ने ली जिम्मेदारी

श्रीनगर: जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवंतीपोर के पास गोरीपोरा में वीरवार को उड़ी से भी बड़ा हमला हुआ। जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती दस्ते अफजल गुरु स्क्वाड के स्थानीय आतंकी आदिल अहमद उर्फ वकास ने विस्फोटकों से लदी स्कार्पियो को सीआरपीएफ के काफिले में शामिल जवानों से भरी एक बस को उड़ा दिया। इस शक्तिशाली विस्फोट में  42 जवान शहीद और कई जख्मी हो गए। काफिले में शामिल तीन अन्य वाहनों को भी भारी क्षति पहुंची है। सभी घायल जवानों को उपचार के लिए बादामी बाग सैन्य छावनी स्थित सेना के 92 बेस अस्पताल में दाखिल कराया गया है। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। फिलहाल, सुरक्षाबलों ने विस्फोट स्थल के आसपास के इलाके को घेरते हुए तलाशी अभियान चला रखा है।

धमाके के बाद अवंतीपोरा से लेकर बिजबिहड़ा तक हाईवे पर आम वाहनों की आवाजाही को रोक दिया गया है।आतंकियों का निशाना बना वाहन जम्मू से श्रीनगर की तरफ आ रहे सीआरपीएफ के जवानों के काफिले का हिस्सा था। काफिले में करीब 40 वाहन थे। अपरान्ह करीब सवा तीन बजे जब यह काफिला दक्षिण कश्मीर में जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर गोरीपोरा (अवंतीपोर) के पास पहुंचा तो अचानक एक कार तेजी से काफिले में घुसी। आत्मघाती कार चालक ने सीआरपीएफ जवानों की एक बस के सथ टक्कर मार दी। इसके बाद वहां जोरदार धमाके की आवाज आई और कार धू-धू कर सड़क पर जलने लगी। बस के एक हिस्से में भी आग की लपटें निकलने लगी।

धमाके की आवाज से पूरा इलाका दहल गया और आसमान में काले धुएं के गुब्बार के साथ सड़क पर लोगों को रोने चिल्लाने की आवाजें आने लगी। काफिले में शामिल अन्य वाहन तुरंत रुक गए और उनमें सवार जवान जब बाहर निकल रहे थे तो वहीं एक जगह पोजीशन लिए बैठे आतंकियों ने उन पर गोलियां भी दागी। जवानों ने तुंरत अपनी पोजीशन लेकर जवाबी फायर किया। बताया जा रहा है कि जवाबी फायर पर आतंकी वहां से भाग निकले। आतंकी हमले का निशाना बनी बस सीआरपीएफ की 54वीं वाहिनी की है।

इस बीच, जवानों ने पूरे इलाके को घेरते हुए विस्फोट से तबाह हुई बस में जख्मी और मृत जवानों को बाहर निकलवा अस्पताल पहुंचाना शुरू कर दिया। स्थिति इतनी भयावह थी कि धमाके की चपेट में आयी बस में सवार कई जवानों के चिथड़े तक उड़ गए थे। आतंकियों द्वारा धमाके में इस्तेमाल कार में सवार आत्मघाती आतंकी आदिल अहमद के भी मारे जाने का दावा किया जा रहा है। गौरतलब है कि 18 सितंबर, 2016 में उड़ी में सैन्य के मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले में 18 जवान शहीद व 30 घायल हो गए थे।

जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने सेना और सीआरपीएफ पर कब-कहां किए बड़े हमले 

  • – साल 2018 जम्मू बाईपास रोड पर स्थित सुंजवां ब्रिगड पर फरवरी में आतंकियों ने हमला किया था। कैंप में घुसकर आतंकियों ने सेना के क्वाटरों में घुसकर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें सेना के पांच जवान शहीद जबकि एक आम नागरिक भी मारा गया था। करीब दो दिन तक चली इस मुठभेड़ में सेना ने चारों आतंकियों को मार गिराया था।
  • – साल 2017 आतंकियों ने अमरनाथ श्रद्धालुओं को लेकर जा रही एक बस पर दक्षिणी कश्मीर के श्रीनगर जम्मू नेशनल हाइवे पर धावा बोला। 56 श्रद्धालुओं को लेकर जा रही इस बस पर हुए आतंकी हमले में पांच महिलाओं सहित सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 15 घायल हुए थे।
  • – साल 2016 में कश्मीर के उड़ी में सेना के कैंप पर हमला हुआ था, जिसमें 18 जवान शहीद हुए थे और 4 आतंकियों को ढेर कर दिया गया था। इसी हमले के बाद भारतीय सेना ने एलओसी में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था।
  • – साल 2015 में आतंकियों ने कठुआ जिले के एक पुलिस थाने पर हमला किया था, जिसमें सात लोगों की जान चली गई थी और 12 लोग घायल हो गए थे।
  • – साल 2014 में बारामुला में उड़ी सेक्टर के मोहरा में सेना के 31 फील्ड रेजिमेंट पर हमला हुआ, जिसमें एक ले. कर्नल और 7 जवान शहीद हुए। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर का एक एएसआई और 2 कांस्टेबल भी शहीद हुए।
  • – साल 2010 में लश्कर आतंकियों ने लाल चौक पर सीआरपीएफ कैंप पर फिदायीन हमला किया। दोनों आतंकियों को मार गिराया। एक नागरिक और पुलिसकर्मी शहीद हो गया था जबकि 12 जख्मी हो गए थे।
  • – साल 2009 में पुंछ के मंडी सेक्टर में सेना के कैंप पर आत्मघाती हमले में तीन आतंकी ढेर।
  • – साल 2008 में जम्मू के बाहरी इलाके काना चक सेक्टर में तीन फिदायीन आतंकियों ने हमला किया। सेना के तीन जवान शहीद हुए। पांच नागरिकों की भी घटना में मौत हुई थी।
  • – साल 2007 में बारामूला की शीरी में लश्कर फिदायीन ने सेना कॉन्वॉय पर हमला किया। दोनों आतंकी ढेर। सेना के छह जवान शहीद। 15 जख्मी।
  • – साल 2006 में दशनमी अखाड़ा इमारत में हुए आतंकी हमले में एक की मौत हुई, जबकि तीन अन्य जख्मी हो गए थे।
  • – साल 2005 में श्रीनगर की रेजीडेंसी रोड स्थित जेएंडके बैंक हेड क्वार्टर के सामने कार बम हमले में चार नागरिक मारे गए, जबकि विधायक व पूर्व मंत्री उस्मान मजीद सहित 72 लोग जख्मी हो गए थे।
  • – साल 2004 काजीगुंड के पास लोअर मुंडा क्षेत्र में आईईडी विस्फोट में 19 बीएसएफ जवान शहीद हो गए थे। इस आतंकी हमले में छह महिलाओं और पांच बच्चों की भी मौत हुई थी।
  • – साल 2003 में आतंकियों ने जम्मू के सुजआं इलाके में सेना की डोगरा रेजिमेंट पर हमला कर दिया था। इस हमले में 12 जवान शहीद हुए थे और दो आतंकी मारे गए थे।
  • – साल 2002 में कालू चक के सैन्य क्षेत्र में आतंकियों ने बड़ा हमला कर दिया था जिसमें 36 जवान शहीद हुए थे और 48 जख्मी हुए थे।
  • – साल 2001 में श्रीनगर में स्थित विधानसभा पर आतंकियों ने हमला किया था, जिसमें 11 जवान शहीद हो गए थे जबकि 24 आम नागरिकों की मौत हो गई थी। हमला करने आए आतंकियों को सेना ने ढेर कर दिया था।

 

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