हिमाचल विधानसभा बजट सत्र का 9वां दिन....विपक्ष का दो बार वाकआउट

हिमाचल विधानसभा बजट सत्र का 9वां दिन….विपक्ष का दो बार वाकआउट

शिमलाः हिमाचल विधानसभा बजट सत्र के नौवें दिन आज सदन में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि 12 उद्योगों के ख़िलाफ़ नियमों की अवहेलना करने पर कार्यवाही की गई है। 15 उद्योगों को सयंत्र स्थापित करने को कहा गया है। बावजूद इसके यदि कोई नियमों की अवहेलना करता पाया गया तो उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई होगी। प्रश्नकाल के दौरान नालागढ़ के विधायक लखविंदर सिंह राणा के सवाल उद्योगों द्वारा नालागढ़ के नदी-नालों में जो प्रदूषण फैलाया जा रहा है उसको रोकने को लेकर सरकार क्या कर रही है? के जवाब में मुख्यमंत्री ने यह जानकारी दी।

वहीं प्रश्नकाल के दौरान ही ज्वालामुखी के विधायक रमेश धवाला  ने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री से पूछा कि गत 15 जनवरी तक मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत कितनी धनराशि का प्रावधान किया गया। इसमें कितने आवेदन आए और कितने स्वीकृत हुए व कितने लंबित पड़े हैं। जवाब में वीरेन्द्र कंवर ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत 42.19 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया। जिनमें 2829 आवास स्वीकृत किए गए जबकि 254 मामले लंबित पड़े हैं।

  • हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विपक्ष ने आज दो बार वाकआउट किया। पहली बार विधायकों के अपमान के मुद्दे और दूसरी बार बजट चर्चा के समापन पर विपक्ष उखड़ गया।

कांग्रेस विधायक हर्षवर्धन द्वारा प्वाइंट ऑफ ऑर्डर के तहत लाए गए विषय और विधायकों की अनदेखी का मुद्दा सदन में गूंजा। वहीं मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर बजट पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे थे तो विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री खड़े होकर बार-बार कह रहे थे कि राज्य की वित्तीय स्थिति क्या है, इस पर मुख्यमंत्री को जवाब देना चाहिए। मुकेश अग्निहोत्री अड़े रहे कि पहले बजट पर बोला जाना चाहिए। इसके कुछ देर बाद विपक्ष के सारे सदस्य सदन से वाकआउट कर गए। इस वाकआउट पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष नेतृत्व विहीन है। सदन में सभी सदस्यों ने बजट पर हुई चर्चा में अपनी बात रखी। ऐसे में हर सदस्य को जवाब देना उनका दायित्व है।

कांग्रेस विधायक हर्षवर्धन चौहान ने विधायक निधि के समय से पहले अधिकारियों द्वारा आबंटन का प्रश्न उठाया। हर्षवर्धन ने सवाल उठाया कि तीन लाभार्थियों को अप्रैल 2019 का चेक फरवरी में ही कैसे जारी किया गया। उन्होंने आरोप लगाए कि उनकी ऐच्छिक निधि के तीन चेक पांवटा साहिब के एसडीएम ने तीन चेक अप्रैल 2019 के जारी कर दिए।

इस प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा, “मैंने जानकारी हासिल की है जिसमें यह पता चला कि ये टाइपिंग मिस्टेक के कारण हुआ है डीसी सिरमौर ने बताया कि टाइपिंग मिस्टेक को जल्दी ही ठीक कर लिया जाएगा। इस विषय को इतनी गंभीरता से नहीं लेना चाहिए।” सीएम जयराम ठाकुर कहा कि दो चेक में क्लेरिकल मिस्टेक हुईं और लाभार्थियों को नए चेक जारी किए गए हैं। तीसरे चेक का वह पता कर रहे हैं। इस पर भी हर्षवर्द्धन शांत नहीं हुए। उन्होंने कुछ देर पहले प्रदेश विधानसभा सचिव को कार्रवाई के लिए जो पत्र थमाए। उन्हें वापस लेने वेल में उतर गए और उसके बाद आसन की सीढ़ियां चढ़कर स्पीकर डा. राजीव बिंदल से ही इन्हें वापस मांगने लगे। इस बीच सदन में काफी हंगामा हुआ। हंगामे के बीच विपक्षी विधायकों ने सदन से वाकआउट कर दिया।

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