पूरी तैयारी के बाद शुरू होगी किडनी ट्रांसप्लांट सुविधा : विपिन परमार

पूरी तैयारी के बाद शुरू होगी किडनी ट्रांसप्लांट सुविधा : विपिन परमार

  • कमजोर वर्गों के उपचार के लिए सहारा योजना आरंभ होगीः विपिन परमार

शिमलाः हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान आईजीएमसी अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट सुविधा पर स्वास्थ्य मंत्री द्वारा सदन में जानकारी दी गयी। विपक्ष के विधायक रामलाल ठाकुर ने आईजीएमसी अस्पताल में उपरोक्त सुविधा से जुड़ा सवाल किया था। जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने इस संदर्भ में सरकार की तैयारियों व ऑपरेशन थियेटर पर हुए खर्च सहित डॉक्टर्स व पेरामेडिकल स्टाफ की ट्रेनिंग का ब्यौरा दिया। साथ ही स्पष्ट किया कि सरकार जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाएगी और पूरी तैयारी के बाद ही किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा दी जाएगी।

रामलाल ठाकुर जानना चाहते थे कि सरकार 31 मार्च से ट्रांसप्लांट सेंटर शुरू करने का दावा कर रही थी, लेकिन अभी इसके लिए जरूरी प्रशिक्षित डॉक्टर्स मौजूद नहीं हैं। आईजीएमसी अस्पताल के सर्जरी विभाग के प्रोफेसर राकेश चौहान पीजीआई चंडीगढ़ में किडनी ट्रांसप्लांट में सुपर स्पेशेलाइजेशन कर रहे हैं। उनके प्रशिक्षण का अभी तीसरा साल शुरू होना है। ऐसे में आईजीएमसी अस्पताल में कैसे किडनी ट्रांसप्लांट किया जाएगा?

इस पर स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने जवाब दिया कि कुल आठ डॉक्टर्स प्रशिक्षण ले रहे हैं। एम्स दिल्ली के विशेषज्ञ चिकित्सक भी यहां आईजीएमसी अस्पताल में शुरूआती ऑपरेशन में सहयोग करेंगे। सरकार पूरी तैयारी कर रही है और जल्द ही किडनी ट्रांसप्लांट यहां आईजीएमसी में शुरू होगा।

दरअसल, यही सवाल दो अन्य विधायकों का भी था. भाजपा के राकेश पठानिया व कांग्रेस के अनिरुद्ध सिंह भी इसी से जुड़ी जानकारी चाहते थे।

स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने बताया कि आईजीएमसी में स्टेट ऑफ आर्ट लेवल का ऑपरेशन थियेटर करीब-करीब तैयार है। इस पर सरकार ने 1 करोड़ 8 लाख 96 हजार रूपये खर्च किए हैं। सरकार ने कुल 4 करोड़ रुपये का बजट रखा था। अभी स्वास्थ्य उपकरणों पर 2.91 करोड़ से अधिक खर्च हो चुका है। कुल 8 डॉक्टर्स पीजीआई चंडीगढ़ व एम्स दिल्ली में प्रशिक्षण ले रहे हैं। पेरामेडिकल स्टाफ के 9 लोग भी प्रशिक्षण हासिल कर रहे हैं, ताकि मरीजों को पोस्ट ऑपरेटिव केयर दी जा सके।

वहीं  अनिरुद्ध सिंह मंगलवार को सदन में नहीं थे। अनुपूरक सवाल में कांग्रेस विधायक रामलाल ठाकुर ने पूछा था कि बिना प्रशिक्षण पूरा हुए ऑपरेशन सुविधा 31 मार्च तक शुरू करने के पीछे सरकार का क्या आधार है? उन्होंने उस अधिसूचना का हवाला भी दिया, जिसके तहत ऐसी विशेषज्ञ स्वास्थ्य सुविधा के लिए एमसीएच (मास्टर ऑफ चेरीचुरी) यानी सुपर स्पेशेलाइजेशन डिग्री का होना जरूरी है।

जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पूरी तैयारी के बाद ही सुविधा दी जाएगी। इन प्रक्रियाओं को पूरा करने में समय लगता है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सरकार ने डॉ. राकेश चौहान, पंपोष रैणा, डॉ. सुरेंद्र सिंह, डॉ. गिरीश, डॉ. दारा सिंह, डॉ. पूजा, डॉ. ललित नेगी व डॉ. कार्तिक स्याल को प्रशिक्षण दिलवाया है।

  • कमजोर वर्गों के उपचार के लिए सहारा योजना आरंभ होगीः विपिन परमार

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री विपिन सिंह परमार ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर द्वारा प्रस्तुत वित्त वर्ष 2019-20 के राज्य बजट को सभी वर्गों का हितैषी करार दिया है।  इस बजट में विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के लिए 2,482 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जिससे प्रदेश के सभी वर्गों को गुणात्मक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजो को आर्थिक मदद प्रदान करने के उद्देश्य से ‘सहारा योजना’ आरंभ की जाएगी।  इस योजना के अंतर्गत कैंसर, पारकिनसन, पैरालिसिस, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, थैलेसिमिया, हिमोफिलिया और रेनल फेलियर जैसी गंभीर बीमारियों से ग्रसित व्यक्तियों को प्रति माह 2000 रुपये की आर्थिक मदद प्रदान जाएगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 4200 मरीज एच.आई.पी/एड्स से पीड़ित हैं। इस रोग से संक्रमित मरीजों के भत्ते को बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह किया गया है तथा इन्हें निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएगी। विपिन परमार ने कहा कि सरकार द्वारा हिमाचल में सम्पूर्ण स्वास्थ्य योजना शुरू की जाएगी।  इसके तहत पहले चरण में 12 स्वास्थ्य संस्थानों को संपूर्ण अस्पताल बनाया जाएगा जिनमें कुछ जिला अस्पतालों को भी शामिल किया जाएगा।  इन अस्पतालों में हर प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी तथा रेफर किए गए मरीजों की ऑनलाईन मॉनिटरिंग का भी प्रावधान है।      

उन्होंने कहा कि प्रदेश में ब्रेस्ट व सरवाईकल कैंसर की जांच व ईलाज के लिए मोबाईल डायगनोस्टिक वैन तैनात की जाएगी।  यह मोबाइल वैन प्रदेश के मेडिकल कॉलेज के साथ मिलकर इन बीमारियों को रोकने के लिए कार्य करेंगी।

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