बजट सत्र : एनएच पर तपा सदन, मुख्यमंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष का वाकआउट

बजट सत्र : एनएच पर तपा सदन, मुख्यमंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने किया वाकआउट

शिमला : हिमाचल के लिए घोषित 70 नेशनल हाईवे बनने में देरी पर विपक्ष ने विधानसभा में जमकर हंगामा किया। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने 65000 करोड़ की लागत से प्रस्तावित 70 एनएच की घोषणा को मायाजाल बताते हुए कहा कि किसी भी एनएच को केंद्र ने मंजूरी नहीं दी। महज सैद्धांतिक मंजूरी ही मिली है। मुख्यमंत्री ने एनएच में देरी के लिए पूर्व कांग्रेस सरकार को जिम्मेवार ठहराया तो विपक्ष उखड़ गया। नाराज कांग्रेसी विधायक नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए।

बजट सत्र के चौथे दिन वीरवार को प्रश्नकाल में अग्निहोत्री ने आखिरी सवाल एनएच पर किया। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि 69 राष्ट्रीय राजमार्गों और एक अन्य सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का मामला केंद्र के समक्ष उठाया गया है। 54 सड़कों की ड्राफ्ट संरेखण रिपोर्ट की मंजूरी और इनको एनएच घोषित करने का मामला केंद्र सरकार के विचाराधीन है। दो अन्य सड़कें जो एनएच के मानदंडों के अनुरूप बनी हैं, वे भी केंद्र में एनएच घोषित करने के लिए विचाराधीन हैं। 58 एनएच की डीपीआर के लिए केंद्र ने 173.75 करोड़ की राशि मंजूर की है। इनके लिए भू अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। भूमि अधिग्रहण के लिए फैक्टर टू लागू करने का मामला अभी विचाराधीन है।

इस जवाब से असंतुष्ट होकर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि चुनाव से पहले यह महज मायाजाल ही बिछाया गया था। हिमाचल को इससे कब बाहर निकाला जाएगा।

इस पर सीएम जयराम ठाकुर बोले कि वह स्पष्ट करना चाहते हैं कि 50 एनएच की मंजूरी उस वक्त हो गई थी, जब प्रदेश में कांग्रेस सरकार थी। इसके बाद डीपीआर प्रक्रिया रोके रखी गई कि कहीं इसका भाजपा को राजनीतिक लाभ न मिले। केवल आठ डीपीआर ही आउटसोर्स की गईं, जबकि हमने 50 कर दी हैं। सीएम बोले कि ये लोग पैसा जेब में आया, उसी को पैसा मानते हैं, जबकि यह प्रक्रिया लंबी होती है।

इसी बीच विपक्ष के सदस्य खड़े हो गए और सत्तापक्ष के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हाउस से बाहर चले गए। बाद में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के लिए ये सभी सदस्य भीतर लौट आए।

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