मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर कर रहे हैं बजट पेश....अभी तक की घोषणाएं

सदन में उठा विधानसभा क्षेत्रों में बजट खर्च करने का मुद्दा

शिमला: केंद्र व प्रदेश की महत्वाकांक्षी उज्जवला और मुख्यमंत्री गृहणी योजना पर सवाल उठने पर मंगलवार को खाद्य आपूर्ति मंत्री किशन कपूर ने विपक्ष पर निशाना साधा। शिलाई से विधायक हर्षवर्धन चौहान के योजना को लागू करने में देरी का सवाल उठाने पर कपूर ने कहा कि वर्तमान सरकार वह काम कर रही है जो आप पिछले 60 साल में नहीं कर सके। वहीं, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि 2019 खत्म होने से पहले सूबे का एक भी घर घरेलू गैस कनेक्शन से अछूता नहीं रहेगा। दरअसल, पांवटा से विधायक सुखराम ने दोनों ही योजनाओं के तहत कनेक्शन वितरण में एपीएल वर्ग को हो रही दिक्कतों पर मंत्री किशन कपूर से अनुपूरक सवाल किया। कहा कि पंचायत स्तर पर चयन के बाद वितरण के समय पहले बीपीएल व अन्य श्रेणियों को कनेक्शन दिए जा रहे हैं जिससे एपीएल श्रेणी के लोग मायूस हो रहे हैं। कहा कि सभी को वितरण समान प्रक्रिया के तहत किया जाना चाहिए। सुखराम के सवाल पर कपूर ने विचार करने का आश्वासन दिया। इस बीच कांग्रेस विधायक हर्षवर्धन ने मुख्यमंत्री गृहिणी योजना में कनेक्शन लंबित होने का कारण पूछा। साथ ही पिछड़े जिलों में ज्यादा लंबित मामलों पर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठा दिए।
सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठते ही कपूर ने कहा कि जिस योजना को एक साल भी पूरा नहीं हुआ उसके तहत सरकार अभी तक 48 हजार कनेक्शन बांट चुकी है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि 2019 के अंत तक प्रदेश का हर घर घरेलू गैस कनेक्शन से लैस होगा।

बजट सत्र के दूसरे दिन सदन में विधानसभा क्षेत्रों में बजट खर्च करने का मुद्दा भी जोर शोर से उठा। अनूपूरक बजट पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने सरकार द्वारा किए जा रहे खर्चे पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अपने क्षेत्र में ही पैसे बांट रहे हैं। यहां तक कि मंत्रियों के विधानसभा क्षेत्रों में भी अधिक खर्च हो रहा है। उन्होंने इस तरह बंदरबांट न करने की हिदायत दी। इस पर सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि इसमें बंदरबांट का सवाल ही पैदा नहीं होता है। उन्होंने एक साल में 65 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया है और आने वाले 31 मार्च से पहले शेष तीनों विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करेंगे।

जयराम ठाकुर ने कहा कि हमने कुछ हट कर नहीं किया है, जो लोगों ने कहा वह हमने किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बीजेपी सरकार ने हर क्षेत्रों में एक समान विकास कार्य किए हैं। जहां तक अनुपूरक बजट पर चर्चा का सवाल है, इसका कोई रिवाज नहीं हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष को मेरे आने-जाने पर भी आपत्ति हो रही है। वह प्रदेश के सीएम हैं और प्रदेश की जनता ने जो भी मांगा, वह हमने दिया।

  • सूबे में तेजी से फैल रहे स्वाइन फ्लू पर मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री ने विधानसभा में हल्की नोकझोंक के बीच स्थिति साफ की

सूबे में तेजी से फैल रहे स्वाइन फ्लू पर मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने विधानसभा में हल्की नोकझोंक के बीच स्थिति साफ की। परमार ने कहा कि हिमाचल में स्वाइन फ्लू से जो मौतें हुई हैं, उनमें कई मरीज मधुमेह, हार्ट और अन्य बीमारियों से ग्रसित थे। स्वाइन फ्लू का वायरस बीमारियों से ग्रसित लोगों के शरीर में आसानी से प्रवेश कर जाता है। शरीर में वायरस से लड़ने की क्षमता कम होने की वजह से ही प्रदेश में 16 लोगों की मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।

स्वाइन फ्लू महामारी नहीं है। हिमाचल ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों के लोग भी इस बीमारी से ग्रसित हैं। स्वास्थ्य मंत्री की ओर से विधानसभा में पेश किए गए आंकड़ों पर हल्की नोकझोंक भी हुई।

नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि आंकड़े दिखाकर आप क्या जताना चाहते हैं? हिमाचल में स्वाइन फ्लू पर अंकुश नहीं लग रहा है। परमार ने सदन को अवगत कराया कि प्रदेश में पिछले 4 सालों से स्वाइन फ्लू फैल रहा है। वर्ष 2015 में 123, वर्ष 2016 – 14, 2017 – 77, 2018 – 7 मामले सामने आए थे। इस साल 115 के करीब लोग इस बीमारी की चपेट में आए हैं। इस साल आठ जनवरी को पहला मामला सामने आया।  लोगों को इस बीमारी से ग्रसित मरीजों से 3 फीट की दूरी बनाई रखनी चाहिए। यह बीमारी हवा में फैलती है। मरीजों के छींकने, खांसने से बीमारी का वायरस दूसरे के शरीर में प्रवेश कर जाता है।

 

 

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