मुख्यमंत्री ने सदन में 3142 करोड़ 65 लाख का अनुपूरक बजट किया पेश

मुख्यमंत्री ने सदन में 3142 करोड़ 65 लाख का अनुपूरक बजट किया पेश

शिमला: मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सदन में 3142 करोड़ 65 लाख का अनुपूरक बजट पेश किया है। अनुपूरक बजट की यह व्यवस्था सरकार को चालू वित्त वर्ष के खर्चे चलाने के लिए करनी पड़ी है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सदन के पटल पर अनुपूरक अनुदान मांगों की वित्तीय वर्ष 2018-19 की प्रथम और अंतिम किश्त रखी। उन्होंने इन मांगों को रखते हुए कहा कि ये अनुपूरक मांगें कुल 3142 करोड़ 65 लाख रुपए की हैं। इसमें 2021 करोड़ 69 लाख गैर योजना स्कीमों, 671 करोड़ 26 लाख योजनागत स्कीमों तथा 449 करोड़ 70 लाख केंद्रीय प्रायोजित स्कीमों पर खर्च के लिए प्रावधान किया गया है

गैर योजना व्यय में मुख्यत 1438 करोड़ 70 लाख वे एंड मीन्स एडवांस हेतू प्रावधान किए गए हैं। लगभग 144 करोड़ शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड के विद्युत प्रभारों को चुकता करने व भू अधिग्रहण मुआवजे की अदायगी, 98 करोड़ 91 लाख बिजली के घरेलू उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ उपदान आदि के लिए, 73 करोड़ 97 लाख धार्मिक स्थलों के सौंदर्यकरण व पार्किंग स्थल विकसित करने के लिए भूमि अधिग्रहण, 60 करोड़ 96 लाख हिमाचल पथ परिवहन निगम को सहायता अनुदान आदि, 31 करोड़ 16 लाख विभिन्न सड़कों के निर्माण और न्यायालय के आदेशों की अनुपालना में मुआवजे के भुगतान, 29 करोड़ 50 लाख सामाजिक सुरक्षा कल्याण, 18 करोड़ 98 लाख विधानसभा चुनावों के लंबित दायित्व और आगामी लोकसभा चुनावों पर अग्रिम व्यय, 17 करोड़ 40 लाख सरकार की कल्याणकारी योजनाओं पर होने वाले व्यय और 15 करोड़ 23 लाख जल से कृषि को बल योजना के अंतर्गत जलाशय के निर्माण और मुआवजे की अदायगी के लिए प्रावधान किया गया है।

योजना स्कीमों के अंतर्गत 226 करोड़ एचपीपीटीसीएल के लिए और शिमला शहर में सरकारी भवनों व संस्थाओं की छतों पर ग्रिड से जुड़े सौर संयंत्रों की स्थापना हेतू प्रावधान किया गया है। 110 करोड़ 55 लाख शहरी तथा ग्रामीण पेयजल योजनाओं के निर्माण कार्य को पूरा करने और विभिन्न उठाउ योजनाओं के पंपों को बदलने आदि के लिए, 101 करोड़ 49 लाख भवनों तथा सड़कों के निर्माण हेतू प्रावधान किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 46 करोड़ 4 लाख कौशल विकास निगम तथा बहुतकनीकी संस्थानों के लिए मशीनरी क्रय करने, 33 करोड़ 66 लाख एम्स बिलासपुर के भवन निर्माण के लिए और आईजीएमसी शिमला के चमयाणा में फेस तीन सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक और मेडिकल कॉलेज टांडा में छात्रावास के निर्माण के लिए प्रावधान किया गया है।

29 करोड़ 98 लाख एशियाई विकास बैंक द्वारा प्रोषित पर्यटन परियोजना के अंतर्गत होने वाले व्यय व जिला मंडी में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर के हवाई अड्डे के निर्माण के पूर्व व्यवहार्यता अध्ययन, 26 करोड़ 70 लाख जनजातीय विकास विभाग के मुख्य निर्माण कार्यों, 25 करोड़ 53 लाख विभिन्न स्कूलों व कॉलेजों, राज्य पुस्तकालय के भवन निर्माण व केंद्रीय विश्वविद्यालय के हरित आवरण के लिए प्रावधान किया गया है। 22 करोड़ 21 लाख विक्र्रेद्रीकृत नियोजन व विधायक क्षेत्र विकास निधि के अंतर्गत मुख्य निर्माण कार्यों, 17 करोड़ 59 लाख बागवानी विश्वविद्यालय, नौणी के दायित्वों को पूरा करने और 12 करोड़ 27 लाख न्यायिक अकादमी घंडल के निर्माण कार्यों और नए न्यायालय परिसर अंब जिला ऊना के निर्माण आदि के लिए रखें गए हैं।

केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं के अंतर्गत अधिकतर राशि चालू व नई विकास योजनाओं, जिनके लिए केंद्र सरकार से इस वर्ष के दौरान धनराशि प्राप्त हुई के लिए प्रस्तावित है। 91 करोड़ 94 लाख बाढ़ प्रबंधन कार्यक्रम, 84 करोड़ 13 लाख राष्ट्रीय आपदा आकस्मिक निधि के अंतर्गत विभिन्न राहत कार्यों के लिए, 50 करोड़ केंद्रीय सड़क निधि, 48 करोड़ प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के लिए प्रस्तावित की गई है। 39 करोड़ 60 लाख एकीकृत सहकारी विकास परियोजनाओं व सहकारी सभाओं को कर्ज, 39 करोड़ 17 लाख नाहन, हमीरपुर, चंबा और नेरचौक में मेडिकल कॉलेजों के निर्माण, 30 करोड़ 78 लाख पोषण अभियान, 20 करोड़ 55 लाख राष्ट्रीय पशुधन मिशन, 10 करोड़ 20 लाख सर्व शिक्षा अभियान और 4 करोड़ 92 लाख राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के लिए प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अनुपूरक अनुदान मांगों को पारित करने की सिफारिश की है।

 

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