हिमाचल: केन्द्रीय अंतरिम बजट पर पक्ष-विपक्ष के नेताओं की प्रतिक्रिया.....

हिमाचल: केन्द्रीय अंतरिम बजट पर पक्ष-विपक्ष के नेताओं की प्रतिक्रिया…..

  • मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय अंतरिम बजट को बताया ऐतिहासिक

शिमला: मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने केंद्र सरकार द्वारा संसद में शुक्रवार को पेश किए गए अंतरिम बजट 2019-20 को ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि बजट समाज के सभी वर्गों की उम्मीदों पर खरा उतरेगा और आने वाले वर्षों के लिए देश के विकास का एजेंडा तय करेगा। उन्होंने कहा कि यह एक विकासोन्मुखी बजट है, जो देश को प्रगति और समृद्धि के पथ पर ले जाएगा। उन्होंने कहा कि बजट में किसानों, गरीबों, महिलाओं, छात्रों, व्यापारियों और मध्यम वर्ग के लिए कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं। इन घोषणाओं में 12 करोड़ छोटे और सीमांत किसानों के लिए प्रत्यक्ष आय समर्थन के साथ ही 10 करोड़ असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए पेंशन योजना तथा आयकर सीमा में 5 लाख रुपये तक की छूट, स्टांप शुल्क में सुधार तथा रक्षा बजट को 3 लाख करोड़ से अधिक रखा गया है जो रक्षा क्षेत्र के लिए अभी तक उच्चतम बजटीय आवंटन है।

जय राम ठाकुर ने कहा कि उत्तर पूर्वी क्षेत्रों और शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे के लिए उच्च बजटीय आवंटन और अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों सहित कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए 58,166 करोड़ रुपये की धनराशि का रिकॉर्ड आवंटन किया गया है। उन्होंने 1.5 करोड़ मछुआरों के कल्याण के लिए अलग से मत्स्य पालन विभाग बनाने के निर्णय का भी स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई योजना ‘प्रधानमंत्री कृषि सम्मान निधि’ पीएम-किसान की घोषणा किसान परिवारों को, जिनकी 2 हेक्टेयर तक खेती योग्य भूमि है, प्रति वर्ष 6,000 रुपये की प्रत्यक्ष आय समर्थन प्रदान करने के लिए की गई है। गायों के संरक्षण व संवर्धन के लिए ‘राष्ट्रीय कामधेनु आयोग’ की स्थापना भी एक स्वागत योग्य कदम है।

उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र के कम से कम 10 करोड़ मजदूरों और श्रमिकों को पेंशन लाभ प्रदान करने के लिए एक नई योजना ‘प्रधानमंत्री श्रम-योगी मानधन’ की घोषणा की गई है, जो अगले पाँच वर्षों में दुनिया की सबसे बड़ी पेंशन योजनाओं में से एक होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन व्यक्तियों की सकल आय 6.50 लाख रुपये है, उन्हें किसी भी अतिरिक्त आयकर नहीं देना होगा, बशर्ते उन्होंने भविष्य निधि, निर्दिष्ट बचत और बीमा आदि में निवेश किया हो। अंतरिम बजट में 2 लाख रुपये शिक्षा ऋण में ब्याज पर, राष्ट्रीय पेंशन योजना योगदान, वरिष्ठ नागरिकों पर चिकित्सा बीमा और चिकित्सा व्यय आदि में भी अतिरिक्त छूट प्रदान की गई हैं।

  •  पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अंतरिम बजट को दिया चुनावी बजट करार
  • पूर्व सीएम शांता कुमार बोले : मोदी सरकार प्रत्येक वर्ग के लिए राहत लेकर आई

पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अंतरिम बजट को चुनावी बजट करार दिया है तो पूर्व सीएम शांता कुमार ने कहा कि अंतरिम बजट के जरिए मोदी सरकार प्रत्येक वर्ग के लिए राहत लेकर आई है। पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह ने अंतरिम बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस वर्ष होने जा रहे आम चुनावों को देखकर लोगों को लुभाने का एक असफल प्रयास है

हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों के विकास के लिए न कोई प्रस्ताव है, न ही कोई योजना। इसी तरह किसानों व बागवानों को भी कोई राहत नहीं दी गई है। नए रोजगार पर भी बजट खामोश है। देश की गिरती विकास दर चिंता का विषय है। बीजेपी को इस बजट से कोई राजनीतिक लाभ नहीं मिलेगा। चुनावों के समय जो वादे पीएम नरेंद्र मोदी ने लोगों से किए थे वो कोई पूरे नहीं हुए। अब बीजेपी द्वारा चुनावों के समय फिर लोक लुभावनी घोषणाएं कर देश के लोग उनके चुंगल में नहीं फंसने वाले, क्योंकि वे बीजेपी की नीति और नीयत जान चुके हैं।

  • किसानों, श्रमिकों, मध्यम वर्गीय परिवारों सहित देश के हर वर्ग और क्षेत्र को लाभ पहुंचाने वाला बजट: प्रो.धूमल

हमीरपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में वित्त मंत्री पीयूष गोयल द्वारा प्रस्तुत किये गये बजट 2019-20 की सराहना करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने इस बजट को अद्वितीय और सराहनीय करार दिया है। बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आज तक सबसे बढ़िया बजट है और समाज के प्रत्येक वर्ग को राहत देने का प्रयास मोदी सरकार द्वारा किया गया है। इस बजट को सर्वस्पर्शी कहा जा सकता है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के इतिहास में पहली बार प्रधानमन्त्री किसान सम्मान निधि योजना लाई गयी है जिसके तहत 75 हज़ार करोड़ का प्रावधान किया गया है, और इस योजना के तहत देश के प्रत्येक किसान, जिसके पास दो एक्कड़ से कम जमीन है, के खाते में प्रति वर्ष छ: हज़ार रूपए एक सुनिश्चित आय के तौर पार जमा हो जाया करेंगे। यह रकम हर चार महीने बाद 2000-2000 रूपए कर के उनके खाते में जमा होगी। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में इसी प्रकार असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों, श्रमिकों के हितों का भी ध्यान रखा गया है। उनके लिए भी 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने के बाद 3000 रूपए की पेंशन का प्रावधान रखा गया है। पूर्व सीएम ने कहा कि बजट में सबसे बड़ी राहत मध्यम वर्गीय लोगों को दी गयी है। इन्कम टैक्स देने वाले लोगों को इन्कम टेक्स रिबेट की सीमा ढाई लाख रूपए से बढ़ा कर पांच लाख कर दी गयी है, यह इन्कम टेक्स एक्षम्प्शन के क्षेत्र में इतिहास का सबसे बड़ा जम्प है। इतनी बड़ी राहत पहले कभी नहीं दी गयी। स्टैंडर्ड डिडक्शन और जमा पूंजी पर मिलने वाले ब्याज पर टेक्स राहत को देखा जाए तो लगभग सात लाख तक कि इन्कम पर कोई टेक्स नहीं लगेगा। मझोले व्यापारियों को बजट में दी गयी राहत की प्रशंषा करते हुए पूर्व सीएम ने कहा कि उनकी भी टर्न ओवर की लिमिट बढ़ा दी गयी है। आज समाज का कोई वर्ग ऐसा नहीं है जो यह कह सके कि पेश किये गये बजट में उनको कोई लाभ नहीं मिला है। ऐसा बजट प्रस्तुत करने पर पूर्व सीएम ने प्रधानमन्त्री नरेंदर मोदी और वित्त मंत्री पियुष गोयल को बधाई दी। पूर्व मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि समाज का प्रत्येक वर्ग इस बजट से राहत महसूस करेगा।

प्रो० धूमल ने कहा कि बजट में किसानों का विशेष ध्यान रखा गया है और उनको प्रधानमन्त्री किसान सम्मान योजना के माध्यम से प्रतिवर्ष छ: हज़ार रूपए की सहायता, उनको किसान क्रेडिट कार्ड पर ऋण लेने पर ब्याज में 2 प्रतिशत की कमी और समय पर ऋण लौटाने पर तीन प्रतिशत और ब्याज में माफ़ी किसानों को बहुत राहत देने वाला है। यह एक ऐसा काम हुआ है कि जिसके दूरगामी लाभ होंगे, किसान भी आर्थिक तौर पर सुदृढ़ होगा और आगे बढ़ेगा। प्रो. धूमल ने बजट में रक्षा क्षेत्र को दिए गये बजट की सराहना करते हुए कहा कि देश की रक्षा के लिए जो 3 लाख करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है वह भी ऐतिहासिक है, पहली बार देश की सुरक्षा के लिए इतना बड़ा बजट रखा गया है। भूतपूर्व सैनिकों का, वर्तमान सैनिकों का और उनके हितों का पूरा ध्यान इससे रखा जाएगा। प्रो. धूमल ने कहा कि देश का किसान और जवान जब प्रसन्न होगा तो देश भी सुदृढ़ होगा और विश्व शक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

  •   कांग्रेस ने कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल द्वारा पेश अंतरिम बजट को चुनावी बजट व जुमलेबाजी करार दिया

शिमला: कांग्रेस ने कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल द्वारा पेश अंतरिम बजट को चुनावी बजट व जुमलेबाजी करार दिया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर ने कहा कि पांच साल मोदी सरकार को किसानों की याद नहीं आई। अब जब चुनाव सिर पर हैं तो उन्हें किसानों की याद आई है। पांच साल देश में कितने किसानों ने आत्महत्या की, उस वक्त मोदी सरकार को किसानों की याद क्यों नहीं आई। उन्होंने कहा कि सब जानते है, यह सब धोखा है। देश की जनता समझदार हो चुकी है। इनकम टैक्स की सीमा अढ़ाई लाख से पांच लाख करने को लेकर उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने पहले ही जीएसटी और नोटबंदी से लोगों की कमर तोड़ कर रख दी है। अब अंतरिम बजट में राहत देने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि यह जुमलेबाजी बजट है और कुछ नहीं।

वहीं विधायक विक्रमादित्य सिंह ने अंतरिम बजट को निराशजनक करार दिया है। उन्होंने कहा कि बजट में हिमाचल को कुछ नहीं मिला है। जब चुनाव सिर पर हैं तो केंद्र सरकार को किसानों की याद आई। उन्होंने कहा कि यह अंतरिम बजट है और इसमें कुछ होने वाला नहीं है।

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