धान

खरीफ मौसम के दौरान प्रदेश में 8.85 लाख टन खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य

  • 7.30 लाख टन मक्की तथा 1.32 लाख टन धान उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित
  • खाद्यान्न उत्पादन लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कृषि विभाग के सभी प्रबंध पूरे
  • 5.4 हजार टन तिलहन, 1.50 लाख टन आलू, 30 हजार टन अदरक और 8.86 लाख टन सब्जी उत्पादन का लक्ष्य
  •  1000 खाद के नमूने, 150 कीट नाशकों के नमूने व 500 बीज के नमूनों की होगी प्रयोगशालाओं में जांच 
  • जीपीएस के आधार पर किसानों के खेतों से 69 हजार 635 मिट्टी के नमूनों का होगा परीक्षण

शिमला : प्रदेश सरकार ने कृषि उत्पादन कार्यक्रम के अंतर्गत वर्तमान खरीफ मौसम के दौरान 8.85 लाख टन खाद्यान उत्पादन का लक्ष्य रखा है, जिसके तहत 7.30 लाख टन मक्की तथा 1.32 लाख टन धान उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त, इसी मौसम के दौरान 5.4 हजार टन तिलहन, 1.50 लाख टन आलू, 30 हजार टन अदरक और 8.86 लाख टन सब्जी उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।

कृषि विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि खाद्यान्न उत्पादन लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी प्रबंध पूरे किए जा चुके हैं। किसानों को उपयुक्त बीज, खाद और तकनीकी जानकारी उपलब्ध करवाई जा रही है। इस मौसम के दौरान 25,600 क्विंटल उन्नत बीज, 20,500 टन खाद, 100 क्विंटल जैविक खाद, 80 टन दवाईयां और 55 हजार आधुनिक कृषि उपकरण किसानों को उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि किसानों को उच्च गुणवत्ता की कृषि सामग्री उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से वर्तमान खरीफ मौसम के दौरान 1000 खाद के नमूने, 150 कीट नाशकों के नमूने व 500 बीज के नमूने लेकर इनकी प्रयोगशालाओं में जांच की जाएगी। इसके अतिरिक्त, किसानों को मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड वितरित करने के लिए एक नई योजना आरंभ की गई है, जिसके तहत जीपीएस के आधार पर किसानों के खेतों से 69 हजार 635 मिट्टी के नमूने लेकर उनका परीक्षण प्रयोगशालाओं में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए विभाग द्वारा 11 मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित करने के अलावा 4 मोबाईल जांच प्रयोगशालाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्यों में खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को हर संभव सहायता उपलब्ध करवाने के साथ-साथ उन्नत बीज, खाद व विपणन सुविधाएं उपलब्ध करवा रही है।

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