प्रयागराज में 15 जनवरी से कुंभ मेला

प्रयागराज में 15 जनवरी से कुंभ मेला

  • प्रयागराज में कुम्भ के महा समागम के लिए मुख्यमंत्री को आमंत्रण

शिमला: उत्तर प्रदेश के जल सम्पूर्ति, भूमि विकास एवं जल संसाधन, परती भूमि विकास, वन एवं पर्यावरण, जन्तु उद्यान एवं सहकारिता राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार उपेन्द्र तिवारी ने आज यहां मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से उनके सरकारी आवास ओक ओवर में भेंट की और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लिखित पत्र जय राम ठाकुर को सौंपा, जिसमें उन्होंने ठाकुर को प्रयागराज कुम्भ-2019 में सम्मिलित होने का निमंत्रण स्वीकार करने का अनुरोध किया है।

पत्र में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रयागराज के पावन गंगा-यमुना एवं अदृश्य सरस्वती के संगम तट पर कुम्भ का समागम 15 जनवरी से 4 मार्च तक आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयास से यूनेस्को द्वारा कुम्भ की महत्ता को देखते हुए इसे ‘मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत’ की सूची में सम्मिलित किया गया है।  उन्होंने कहा कि इस कुम्भ में पांच हजार से ज्यादा प्रवासी भारतीय आएंगे और भारत के 6 लाख से अधिक गांवों के लोग भी इसमें भाग लेंगे। आदित्यनाथ ने ठाकुर से यह भी अनुरोध किया है कि कुम्भ में हिमाचल प्रदेश के सांस्कृतिक दलों तथा प्रत्येक गांव के कम से कम एक नागरिक की सहभागिता करवायें ताकि  ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को साकार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रयागराज कुम्भ-2019 में भाग लेने के लिए आमंत्रण पत्र देने के लिए आदित्यनाथ का धन्यवाद किया और कहा कि त्रिवेणी संगम पर पवित्र स्नान, दर्शन तथा पूजन हिन्दुओं के लिए पवित्र होता है और आमजन में इसकी गहरी आस्था है। ठाकुर ने प्रयागराज कुम्भ-2019 के सफल आयोजन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी व्यापक व्यवस्था से इस कुम्भ में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 15 जनवरी से कुंभ मेले का आयोजन किया जाएगा जो कि 4 मार्च तक चलेगा। यह जानकारी उत्तर प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री उपेन्द्र तिवारी ने शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने कहा कि कुंभ में आने वाले लोगों के लिए उच्च स्तरीय सुविधांए मुहैया करवाई जाएंगी। प्रयागराज कुंभ का नया लोगो भी जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कुंभ आयोजन को भारत की सनातन और समावेशी संस्कृति का प्रतिनिधि बनाने की अवधारणा को साकार करने का प्रयास कर रही है। उपेन्द्र तिवारी ने बताया कि 5000 लोगों को फाइव स्टार स्तर की रुकने की व्यवस्था की गई है। 1.5 लाख गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है। 1,22,700 शौचालयों की भी व्यवस्था है। इस आयोजन पर 4300 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

इस मौके पर पहली बार अक्षय वट और सरस्वती कूप लोगों के लिए खोले जाएंगे। उनके अनुसार कार्यक्रम में इस बार तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा भी शिरकत कर सकते हैं। हालांकि अभी इस बात की पुष्टि नहीं की गई है।

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