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केंद्र सरकार से राज्य को 67.70 करोड़ की अतिरिक्त धनराशि मंजूर

  • जो वित्त वर्ष के दौरान प्राप्त 43 करोड़ रुपये की सामान्य राशि से 24.70 करोड़ अधिक

शिमला : आयुक्त-एवं-प्रधान सचिव (जनजातीय विकास) ओंकार शर्मा ने आज यहां बताया कि भारत सरकार के जनजातीय मामले मंत्रालय से हिमाचल प्रदेश को 67.70 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि मंजूर हुई है, जो वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान प्राप्त 43 करोड़ रुपये की सामान्य राशि से 24.70 करोड़ अधिक है।

उन्होंने कहा कि यह पहली बार है कि राज्य सरकार जनजातीय मामले मंत्रालय, भारत सरकार से एक वर्ष में इतनी अधिक अतिरिक्त धन प्राप्त करने में सफल हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य में वित्तीय वर्ष 2018-19 में नए एकलव्य आदर्श आवासीय स्कूल खोलने के संबंध में मुख्यमंत्री के बजट आश्वासन के अनुरूप प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति हेतु केन्द्र को भेजा गया था। उन्होंने कहा कि स्वीकृत किए गए तीन अतिरिक्त एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में चम्बा जिला के किलाड़ तथा भरमौर के खानी में और जिला लाहौल-स्पीति में बारिंग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने 21 दिसंबर, 2018 को इस सम्बन्ध में अपनी मंजूरी प्रदान की है। उन्होंने कहा कि एक वर्ष में अतिरिक्त तीन स्कूलों को मंजूरी मिलना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, क्योंकि राज्य में वर्ष 2005 से किन्नौर जिले के निचार केवल एक एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय कार्य कर रहा है।

उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2018-19 के लिए पांगी के किलाड़ तथा लाहौल के बारिंग में इन पाठशालाओं प्रत्येक के लिए कुल स्वीकृत 16 करोड़ रुपये में से प्रत्येक के लिए पांच करोड़ रुपये की प्रथम किश्त मंत्रालय ने 27 दिसम्बर, 2018 को जारी कर दी है और शेष 11-11 करोड़ की राशि वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान जारी की जाएगी।

उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने भरमौर के खनी एकलव्य मॉडल आवासीय पाठशाला के लिए 20 करोड़ की अतिरिक्त राशि की मंजूरी प्रदान की है, क्योंकि भरमौर खण्ड भारत सरकार की नई योजना के तहत दोनों मानदण्डों को पूरा करता है, जिसमें कम से कम 20 हजार जनजातीय लोगों के साथ इनकी आवादी 50 प्रतिशत से अधिक हो, वहां 2022 तक नवोदय विद्यालय की तर्ज पर एक एकलव्य मॉडल आवासीय पाठशाला होगा।

  • राज्य को विशेष केन्द्रीय सहायता के तहत 15.70 करोड़ की अतिरिक्त धनराशि

ओंकार शर्मा ने बताया कि भारत सरकार ने जनजातीय उपयोजना के लिए विशेष केन्द्रीय सहायता के तहत 15.70 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की हैं, जो राज्य सरकार की एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भारत सरकार के जनजातीय मामले मंत्रालय को इस सम्बन्ध में प्रस्ताव प्रस्तुत किया था और मंत्रालय ने राज्य में योजना के उपयुक्त कार्यान्वयन को ध्यान में रखते हुए 15.70 करोड़ रुपये की पूरी अतिरिक्त राशि गत 27 दिसम्बर को स्वीकृत की।

इस राशि के तहत जनजातीय क्षेत्रों में की जाने वाली मुख्य गतिविधियों में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रेई व शकोली तथा राजकीय उच्च विद्यालय शौर के भवनो का निर्माण, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला त्रिलोकनाथ की छात्रावास का निर्माण, रिकॉगपिओ में किसान भवन का निर्माण, राजकीय डिग्री कॉलेज भवन भरमौर का निर्माण, भरमौर में टैली मेडिसिन सुविधा, नागरिक अस्पताल भरमौर, निचार से पूजे बाया ग्रंथी सम्पर्क सड़क, कड़छम-सांगला-छितकुल सड़क में क्रैश बेरियर, निगुलसारी, तरंडा सड़क पर तरंडा सुरंग का निर्माण, उरनी-मिरू सड़क पर युला खड्ड पर पुल, सांगला में बहुमंजिला पार्किंग, एकलव्य मॉडल आवासीय पाठशाला निचार के लिए सम्पर्क सड़क, कुलाल नाला पर वाहन योग्य पुल तथा भरमौर में शौचालय सुविधायुक्त सामुदायिक केन्द्र का निर्माण शामिल हैं।

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