Last date for Admissions to UHF Diploma in Fruit, Vegetable Processing & Bakery products extended

नौणी विवि के शोधकर्ता डॉ. निशा को आईसीएसएसआर पोस्ट डॉक्टरेट फैलोशिप

  • डॉ. निशा ‘ओरगैनिक एवं इनओरगैनिक खेती-एक तुलनात्मक अध्ययन’ विषय पर करेगी काम
  • डॉ. निशा ने नौणी विश्वविद्यालय से की है बीएससी और एमएससी की शिक्षा प्राप्त
नौणी विवि के शोधकर्ता डॉ. निशा को आईसीएसएसआर पोस्ट डॉक्टरेट फैलोशिप

नौणी विवि के शोधकर्ता डॉ. निशा को आईसीएसएसआर पोस्ट डॉक्टरेट फैलोशिप

सोलन : डॉ. वाईएस परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी में सीनियर रिसर्च फैलो डॉ. निशा ठाकुर को इंडियन काउंसिल फॉर सोशल साइन्स रिसर्च द्वारा पोस्ट डॉक्टरेट फैलोशिप (2018-19) के लिए चुना गया है। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एचसी शर्मा व अन्य संकाय ने डॉ. निशा को उनकी उपलब्धि पर बधाई दी।

आई.सी.एस.एस.आर द्वारा दी जाने वाली इस राष्ट्रीय स्तर की फैलोशिप में डॉ. निशा ‘ओरगैनिक एवं इनओरगैनिक खेती-एक तुलनात्मक अध्ययन’ विषय पर काम करेगी। विश्वविद्यालय के बिजनेस मैनेजमेंट विभाग के प्रोफेसर और हैड डॉ. केके रैना उनके सुपरवाइज़र होंगें। दो साल की इस फैलोशिप के दौरान डॉ. निशा को प्रति माह 28,000 रुपये की फैलोशिप मिलेगी। इसके अलावा 20,000 रुपये प्रति वर्ष की आकस्मिकता राशि भी दी जाएगी।

आईसीएसएसआर पोस्ट-डॉक्टरेट फैलोशिप का मुख्य उद्देश्य उन युवा भारतीय सामाजिक विज्ञान विद्वानों को प्रोत्साहित करना जिन्होंने अपनी पीएचडी पूरा कर ली है और शिक्षण एवं शोध में करियर बनाना चाहते हैं।

जिला सोलन में ओछघाट के नजदीक गांव नंदल की रहने वाली डॉ. निशा ने नौणी विश्वविद्यालय से बीएससी और एमएससी की शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने पिछले साल सोशल साइंस विभाग से कृषि अर्थशास्त्र में अपनी पीएचडी पूरी की। वर्तमान में वह फल विज्ञान विभाग में सीनियर रिसर्च फैलो के रूप में काम कर रही हैं।

सम्बंधित समाचार

अपने सुझाव दें

Your email address will not be published. Required fields are marked *