टमाटर, आलु, लहुसन व शिमला मिर्च पर मौसम आधारित "फसल बीमा योजना" लागू

टमाटर, आलु, लहुसन व शिमला मिर्च पर मौसम आधारित “फसल बीमा योजना” लागू

  • कृषि निदेशक का किसानों से आहवान; फसलों को होने वाले नुक्सान की क्षतिपूर्ति करने हेतु अपनी फसलों का बीमा अवश्य करवायें
  • टमाटर व शिमला मिर्च की फसल के लिए बीमा करवाने की अन्तिम तिथि 28 फरवरी, 2019
  • ऋणी किसानों के लिए यह योजना अनिवार्य जबकि गैर ऋणी किसानों के लिए स्वैच्छिक
  • टमाटर के लिए बीमा राशि एक लाख रूपये, आलू के लिए 62,500 रूपये, लहुसन के लिए 75,000 रूपये व शिमला मिर्च के लिए 40,000 रूपये प्रति हैक्टेअर निर्धारित

शिमला : चालू रबी मौसम में सरकार द्वारा टमाटर, आलु, लहुसन व शिमला मिर्च की फसल को मौसम आधारित फसल बीमा योजना में शामिल किया गया है। यह जानकारी देते हुए कृषि निदेशक डा. देसराज ने बताया कि इस योजना के अन्तर्गत 1 जनवरी 2019 से 30 अप्रैल 2019 तक पैदा होने वाली आलु, 1 मार्च 2019 से 31 जुलाई 2019 तक पैदा होने वाली टमाटर व शिमला मिर्च, 15 दिसम्बर 2018 से 30 अप्रैल 2019 तक पैदा होने वाली लहुसन की फसल को मौसम आधारित फसल बीमा आवरण दिया जायेगा। योजना का संचालन (AIC India Ltd.) बीमा कम्पनी द्वारा किया जायेगा तथा इसके लिए सभी जिलों में संदर्भ मौसम स्टेशन स्थापित किये गऐ हैं।

योजना की जानकारी देते हुए डा. देसराज ने बताया कि चालू रबी मौसम में ऋणी तथा गैर ऋणी किसानों के लिए टमाटर व शिमला मिर्च की फसल हेतु बीमा करवाने की अन्तिम तिथि 28 फरवरी, 2019 निर्धारित की गई है। आलू की फसल हेतु ऋणी तथा गैर ऋणी किसानों के लिए बीमा करवाने की अन्तिम तिथि 31 दिसम्बर, 2018 निर्धारित की गई है। ऋणी किसानों के लिए यह योजना अनिवार्य है गैर ऋणी किसानों के लिए यह योजना स्वैच्छिक है। इस योजना की अधिसूचना 5 नवम्बर, 2018 को जारी कर दी गई है और यह तुरन्त प्रभाव से लागू हो गई है।

उन्होंने किसानों से आहवान किया कि फसलों को होने वाले नुक्सान की क्षतिपूर्ति करने हेतु अपनी फसलों का बीमा करवायें। इसके लिए वे अपने नजदीक की प्राथमिक कृषि सहकारी सभाओं, सहकारी बैंकों, ग्रामीण बैंकों तथा वाणिज्यिकी बैंकों से सम्पर्क करें व इस बारे में अपने नजदीक के कृषि प्रसार अधिकारी, कृषि विकास अधिकारी व खण्ड स्तर पर तैनात कृषि अधिकारी का भी सहयोग ले सकते हैं। सम्बन्धित कम्पनी द्वारा नुकसान के प्रतिपूर्ति दावे बीमा अवधि खत्म होने के 45 दिन के अंदर सुनिश्चित किये जायेंगे।

डा. देसराज ने बताया कि मौसम आधारित फसल बीमा योजना का उदेश्य विभिन्न मौसम घटकों जैसे पाला, वर्षा, कम/अधिक तापमान आदि के प्रतिकूल घटनाक्रमों के प्रभावों से फसल पैदावार को सम्भावित हानि के परिणामस्वरूप किसान को होने वाले वित्तीय नुक्सान की भरपाई करना है। लहुसन के लिए प्रीमियम की दर बीमित राशि के अनुसार कुल्लू व सिरमौर जिला के सभी खंडो में क्रमश: 28 व 35 प्रतिशत रखी गई है। टमाटर के लिए सोलन जिला के सभी खंडो को शामिल किया गया है। इसके लिए प्रीमियम की दर 14 प्रतिशत तथा मंडी जिले के बल्ह व सुन्दरनगर के लिए प्रीमियम की दर 32 प्रतिशत रखी गई है। आलू के लिए कांगड़ा जिला के श्वारना, धर्मशाला, नगरोटा व कांगड़ा खंडो को शामिल किया गया है तथा इसके लिए प्रीमियम की दर 34 प्रतिशत रखी गई है। शिमला मिर्च के लिए सोलन के धर्मपुर को शामिल किया गया है तथा इसके लिए प्रीमियम की दर 10 प्रतिशत रखी गई है। सरकार ने किसानों के लिए प्रीमियम की दर बीमित राशि पर अधिकतम 5 प्रतिषत रखी है। इसके पश्चात जो अंतर आऐगा शेष प्रीमियम राज्य व केन्द्र सरकार 50:50 के अनुपात में वहन करेगी।

उन्होंने जानकारी दी कि टमाटर के लिए बीमा राशि एक लाख रूपये, आलू के लिए 62,500 रूपये, लहुसन के लिए 75,000 रूपये व शिमला मिर्च के लिए 40,000 रूपये प्रति हैक्टेअर निर्धारित की गई है जिनको विभिन्न मौसम घटकों के आधार पर आगे और कई बीमा घटकों में विभाजित किया गया है।

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