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प्रशासन जल्द ही छात्रों की सुविधा के लिए आईजीएमसी अस्पताल में स्थापित करेगा सिमुलेशन लैब

  • आईजीएमसी अस्पताल में अब एमबीबीएस करने वाले छात्रों को शोध करने के लिए नहीं रहेगी प्रोजेक्टर या बुक्स की आवश्यकता

धर्मशाला : आईजीएमसी अस्पताल शिमला में एमबीबीएस करने वाले छात्रों को अब मानव शरीर के अंगों का शोध करने के लिए प्रोजेक्टर या बुक्स की जरूरत नहीं रहेगी। इसके लिए प्रशासन जल्द ही स्टूडेंट्स की सुविधा के लिए सिमुलेशन लैब स्थापित करने जा रहा है। जिसमें कृत्रिम मानव शरीर रखे जाएंगे और स्टूडेंट्स जो भी प्रेक्टिकल करना चाहे कर सकेंगे। इसे लेकर आईजीएमसी के प्रधानाचार्य डॉ. रवि शर्मा और वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. जनकराज ने प्रदेश सरकार को प्रेजेंटेशन दे दी। उन्होंने प्रेजेंटेशन के माध्यम से मुख्यमंत्री को लैब के बारे में विस्तृत से जानकारी दी है। इस लैब को स्थापित करने में करीब 40 करोड़ रुपए का खर्चा आएगा, जिससे एमबीबीएस करने वाले छात्रों के लिए लाभ मिलेगा।

आईजीएमसी के मुख्य वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. जनक राज ने बंटाया कि सरकार के निर्देशानुसार सिमुलेशन लैब को लेकर एक कमेटी गठित की गई है, जो अस्पताल परिसर में जगह का चयन करेगी। इसके अलावा कमेटी देश के विभिन्न स्थानों पर जाकर एक रिपोर्ट तैयार करेगी जिसे सरकार को सौंपा जाएगा। उस रिपोर्ट के आने के बाद तय होगा कि आईजीएमसी एमबीबीएस स्टूडेंट्स के लिए सिमुलेशन लैब खुलेगी या नहीं।

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