पूर्व मुख्यमंत्री प्रो.धूमल व सांसद अनुराग ठाकुर के खिलाफ एफआईआर निरस्त

पूर्व मुख्यमंत्री प्रो.धूमल व सांसद अनुराग ठाकुर के खिलाफ एफआईआर निरस्त

  • धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम प्रदेश की धरोहरय नौजवानों को खेलने को करती है प्रोत्साहित: प्रो.धूमल
  • प्रो.धूमल ने कहा बदले की भावना से किए गए थे केस

हमीरपुर: प्रो. प्रेम धूमल ने कहा कि गत दिनों उच्चतम न्यायालय के तीन न्यायधीशों की बेंच ने एक निर्णय देकर जो विभिन्न एफआईआर अनुराग ठाकुर मेरे और अन्य लोगों के खिलाफ दायर की गयीं थीं। उनको निरस्त कर दिया था। रद्द होने के बाद कांग्रेस के वकील फिर भी नहीं माने और कहा कि निर्णय गलत हो गया है। मीडिया में इस तरह दिया कि जैसे बहुत बड़ी भूल सुप्रीम कोर्ट की हो गयी हो। आज फिर तीन न्यायधीशों के बेंच ने वो एआईआर निरस्त कर दी है। इस प्रकार हमारे खिलाड़ जो लगभग सात-आठ एआईआर कांग्रेस की सत्ता के दौरान दायर की गयीं थीं वो उच्चतम न्यायालय में जाकर रदद् हुई हैं। प्रो. धूमल ने कहा कि कांग्रेस की सरकार में वीरभद्र सिंह के नेतृतव में किस बदले की भावना से काम करती रही। उसका यह स्पष्ट प्रमाण है। एक एफआईआर ही बहुत होती है लेकिन एक-एक मामले में कई कई एफआईआर दर्ज की गयीं जो सुप्रीम कोर्ट में जाकर रदद् हुई हैं। जो बदले की भावना से राजनितिक आधार पर किये गये केस थे। वह सब समाप्त हुए हैं।

प्रो. धूमल ने धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि हम उच्चतम न्यायालय के सारी न्यायपालिका के अपने अधिवक्ताओं के और उन लोगों के जो हमारे साथ तब खड़े रहे। जब हमारे साथ यह अन्याय किया जा रहा था। उन सबका धन्यवाद करते हैं। पूर्व सीएम ने कहा कि क्रिकेट स्टेडियम पर नजायज कब्जा करने का प्रयास हो रहा था। जबकि वह किसी व्यक्ति की संपति नहीं है। वह प्रदेश की धरोहर है। प्रदेश के नौजवान बच्चों को खेलने के लिए प्रोत्साहित करती है। इसके बावजूत भी दोष हमारे ऊपर डालने की कोशिश की गयी थी। आज उच्चतम न्यायालय ने सारा मामला स्पष्ट कर दिया है और वो बहुत सारे चेहरे बेनकाब हुए हैं जो घिनोना काम करते रहे।

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