विश्व मृदा स्वास्थ्य दिवस सम्पन्न, कृषि निदेशक डॉ. देसराज का किसानों से आह्वान : मिट्टी के नमूने की समय पर करवायें जांच

विश्व मृदा स्वास्थ्य दिवस सम्पन्न, कृषि निदेशक डॉ. देसराज का किसानों से आह्वान : मिट्टी के नमूने की समय पर करवायें जांच

  • मृदा स्वास्थ्य कार्ड की सिफारिशों के आधार पर ही करें उर्वरकों का प्रयोग
  • उर्वरकों के संतुलित उपयोग हेतु मिट्टी का परीक्षण अति आवश्यक

शिमला: कृषि विभाग द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में 5 दिसम्बर को विश्व मृदा स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाया गया। विभाग ने इस दिवस पर मिट्टी स्वास्थ्य प्रबन्धन को बढ़ावा देने के लिए मिट्टी परीक्षण हेतु विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है ताकि किसानों को इस बारे जानकारी दी जा सके। इस दौरान प्राप्त मिट्टी के नमूनों की जाँच की गई, ताकि किसान मिट्टी परीक्षण के आधार पर खादों का सन्तुलित उपयोग करें व फसलों का चयन कर सकें। मिट्टी परीक्षण की रिपोर्ट किसानों को निःशुल्क ‘मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड’ पर उपलब्ध करवाई गई।

इस अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए कृषि निदेशक डॉ. देसराज ने बताया कि उर्वरकों के संतुलित उपयोग हेतु मिट्टी का परीक्षण अति

विश्व मृदा स्वास्थ्य दिवस सम्पन्न, कृषि निदेशक डॉ. देसराज का किसानों से आह्वान : मिट्टी के नमूने की समय पर करवायें जांच

विश्व मृदा स्वास्थ्य दिवस सम्पन्न, कृषि निदेशक डॉ. देसराज का किसानों से आह्वान : मिट्टी के नमूने की समय पर करवायें जांच

आवश्यक है। किसानों की सुविधा के लिए विभाग द्वारा प्रदेश में 9 स्वचालित मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाओं, 11 अचल मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाओं व 47 मिनी प्रयोगशालाओं की सुविधा उपलब्ध है। मिट्टी स्वास्थ्य जांच को सर्विस गारन्टी अधिनियम के अन्तर्गत लाया गया है ताकि किसानों को तय अवधि में रिपोर्ट मिल सके। भारत सरकार ने किसानों को मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड वितरित करने हेतु योजना आरम्भ की है। जिसका उद्देश्य फसलों में पोषक तत्वों की कमी की भरपाई, मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं को सुदृढ़ करना, हर किसान को मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड प्रदान करना, मिट्टी की उर्वरकता सम्बन्धित समस्याओं इत्यादि का निवारण करना है। भारत सरकार इस योजना की प्रगति की समीक्षा वैब आधारित मृदा स्वास्थ्य कार्ड पोर्टल तथा साप्ताहिक विडियो कान्फ्रैंस के माध्यम से कर रही है।

उन्होंने आगे कहा कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के दूसरे चक्र के कार्यान्वयन में एक लाख मिट्टी के नमूने एकत्रित करने के लक्ष्य के मुकाबले 115713 नमूने एकत्रित करके परिक्षण किया गया है तथा प्रदेश मे कुल 960765कृषक परिवारों मे से 685405 को मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी कर दिये गये हैं। जिला स्तर के अधिकारियों को यह लक्ष्य 31 मार्च, 2019 तक पूर्ण करने के निर्देश दिये हैं ताकि सभी कृषकों को इस योजना से लाभान्वित किया जा सके। डा0 देसराज ने किसानों का आह्वान किया कि वह मिट्टी के नमूने की जांच समय पर करवायें तथा मिट्टी परीक्षण के उपरान्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड की सिफारिशों के आधार पर ही उर्वरकों का  प्रयोग करें।

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