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राजीव गांधी सूक्ष्म सिंचाई योजना के माध्यम से 14000 किसान होंगे लाभान्वित

  • सरकार का पर्याप्त सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर बल
  • वर्ष 2015-16 में दो लाख वर्गमीटर अतिरिक्त क्षेत्र पॉलीहाउस के अधीन लाने के लिए 30 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान
  • प्रदेश सरकार के सतत् प्रयासों तथा नीतियों से बैमौसमी सब्जियों के उत्पादन से 2500 करोड़ रुपये की आय अर्जित
  • वित्त वर्ष में बैमौसमी सब्जियों के उत्पादन को और बढ़ावा देने के लिए 60 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान
  • प्रदेश के दुर्गम तथा दूर-दराज क्षेत्रों में तीन नई सचल मृद्धा परीक्षण प्रयोगशालाएं होंगी स्थापित

शिमला : प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि सरकार फसलों की उत्पादकता को बढ़ावा देकर कृषि क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है तथा इस उद्देश्य से किसानों को सिंचाई की पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने एक नई राजीव गांधी सूक्ष्म सिंचाई योजना आरम्भ की है, जिस पर चार वर्षों की अवधि में 154 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित राजीव गांधी सूक्ष्म सिंचाई योजना के माध्यम से 8500 हेक्टेयर क्षेत्र को टपक/फुब्बारा सिंचाई प्रणाली के तहत लाया जाएगा, जिससे 14000 किसान लाभान्वित होंगे। किसानों को परियोजना अवधि में 113 करोड़ रुपये उपदान के रूप में मिलेंगे।

प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में डॉ. वाई.एस. परमार किसान स्वरोज़गार योजना कार्यान्वित की जा रही है, जिसके अन्तर्गत किसानों को पॉलीहाउस स्थापित करने के लिए 85 प्रतिशत उपदान उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015-16 में दो लाख वर्गमीटर अतिरिक्त क्षेत्र पॉलीहाउस के अधीन लाने के लिए 30 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। इससे खेतीबाड़ी से जुड़े लगभग 5000 बेरोज़गार व्यक्तियों को रोज़गार उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस योजना को ताप नियंत्रित सुविधायुक्त हाईटैक पॉलीहाउस निर्माण के लिए भी विस्तार देने का निर्णय लिया है, जिसके तहत प्रयोग होने वाले उपकरणों पर अलग से उपदान उपलब्ध करवाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के सतत् प्रयासों तथा नीतियों से बैमौसमी सब्जियों का उत्पादन बढ़कर 14 लाख टन से अधिक हो गया है, जिससे लगभग 2500 करोड़ रुपये की आय अर्जित हुई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वित्त वर्ष में बैमौसमी सब्जियों के उत्पादन को और बढ़ावा देने के लिए 60 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मृद्धा स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने के लिए प्रयास किए गए हैं तथा किसान को उनके खेतों की मिट्टी के स्वास्थ्य के सम्बन्ध में प्रारम्भिक जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए क्षेत्रवार मिट्टी की उर्वरता के मानचित्र ऑनलाइन उपलब्ध करवाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान एक लाख किसानों को मृद्धा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त प्रदेश के दुर्गम तथा दूर-दराज क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान करने के लिए 3 नई सचल मृद्धा परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। प्रदेश सरकार ने किसानों एवं खेतीहर मजदूरों को सुरक्षा छत्र प्रदान करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री किसान एवं खेतीहर मजदूर जीवन सुरक्षा योजना नामक एक नई योजना आरम्भ करने का निर्णय लिया है। योजना के अन्तर्गत कृषि मशीनरी के प्रयोग के दौरान किसानों एवं खेतीहर मजदूरों के घायल होने अथवा मृत्यु होने की सूरत में बीमा कवर प्रदान किए जाने का प्रावधान है। इसके तहत मृत्यु अथवा स्थाई रूप से अपंग होने पर मुआवजे के रूप में 1.5 लाख रुपये तथा आंशिक स्थाई अपंगता की स्थिति में 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

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