बड़ा भंगाल-होली सड़क के लिए डीपीआर तैयार, परियोजना के लिए पीएमजीएसवाई के तहत 27 करोड़ की धनराशि लेने के लिए केंद्र के समक्ष रखा जाएगा मामला

बड़ा भंगाल-होली सड़क के लिए डीपीआर तैयार, परियोजना के लिए पीएमजीएसवाई के तहत 27 करोड़ की धनराशि लेने के लिए केंद्र के समक्ष रखा जाएगा मामला

शिमला: अतिरिक्त मुख्य सचिव, लोक निर्माण विभाग मनीषा नन्दा ने आज विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत हासिल की गई प्रगति की समीक्षा के लिए आज यहां प्रदेश के सभी मण्डलों के मुख्य अभियन्ताओं, अधीक्षण अभियन्ताओं और अधिशासी अभियन्ताओं के साथ बैठक की।

लोक निर्माण विभाग के सभी मण्डलों के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, सीआरएफ, नाबार्ड और राज्य बजट के अन्तर्गत किए जा रहे कार्यों में हुई प्रगति के बारे में विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने सड़क व पुल निर्माण, टारिंग और मैटलिंग में अभी तक हुई प्रगति के बारे में अवगत करवाया। मनीषा नन्दा ने कहा कि कांगड़ा जिला के दूर-दराज क्षेत्र बड़ा भंगाल को होली से जोड़ने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर दी गई है। यह सड़क लगभग 21 किलोमीटर लम्बी होगी। इस परियोजना के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत 27 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त करने के लिए भारत सरकार से मामला उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सड़क किसी प्राकृतिक आपदा और विपरीत मौसम की परिस्थितियों में बड़ा भंगाल क्षेत्र के लोगों को सुविधाएं प्रदान करने में बहुत उपयोगी सिद्ध होगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने मण्डलों में ऐसी दो-तीन परियोजनाएं चिन्हित करें जहां बायो-इजीनियरिंग तकनीक से कार्य किया जा सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और उन पर निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा किया जाए।

मनीषा नन्दा ने अधिकारियों से कहा कि भू-अधिग्रहण के मामलों के शीघ्र निपटारे और सभी परियोजनाओं में गुणात्मक नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग को पूरी तरह कम्प्यूट्रीकृत बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिससे विभाग की कार्य प्रणाली में सुधार के साथ-साथ पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि इस वित्त वर्ष में 30 सितम्बर तक प्रदेश में 374 किलोमीटर लम्बी सड़कों और 24 पुलों का निर्माण किया गया। इसी अवधि में 736 किलोमीटर सड़कों पर टारिंग और 429 किलोमीटर सड़कों पर क्रॉस ड्रेनेज़ की सुविधा दी गई। इसके अतिरिक्त 1850 किलोमीटर सड़कों पर मैटलिंग की गई और 25 नए गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा गया।

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