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राष्ट्रीय प्रेस दिवस: पत्रकार स्वतंत्र, निडर व बिना किसी भेदभाव के करें कार्य ताकि पाठकों व दर्शकों में उनकी बनी रहे विश्वसनीयता

राष्ट्रीय प्रेस दिवस: पत्रकार स्वतंत्र, निडर व बिना किसी भेदभाव के करें कार्य ताकि पाठकों व दर्शकों में बनी रहे विश्वसनीयता : मुख्यमंत्री

  • पत्रकारों को विकासात्मक रिपोर्टिंग पर अधिक महत्व देना चाहिए ताकि सरकार की योजनाओं का फायदा आम लोगों तक पहुंच सकें

शिमला: पत्रकारों को विकासात्मक रिपोर्टिंग की और अधिक महत्व देना चाहिए ताकि सरकार की कल्याणकारी नीतियां व कार्यक्रम आम लोगों तक पहुंच सकें। उन्हें आम जनमानस से जुड़े मुददों को भी उजागर करना चाहिए ताकि सरकार के स्तर पर उचित कार्रवाई की जा सके। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर आज यह बात कही।

हि.प्र. सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग द्वारा राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर आज यहां ‘डिजिटल युग में पत्रकारिता आचार नीति एवं चुनौतियां’ विषय पर राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया।  विचार-विमर्श सत्र को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने बल देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहा जाता है, क्योंकि यह लोकतंत्र को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और हमारे दिन प्रतिदिन के जीवन में इसका बड़ा प्रभाव है। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जहां चुनौतियां न हो और पत्रकारिता भी इसका अपवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान मीडिया पेशेवर के रूप में काम करना बहुत बड़ी चुनौती बन चुका है। अत्याधिक कार्य बोझ, समय की विवशता, कड़ी प्रतिस्पर्धा, पेड न्यूज की संस्कृति तथा मीडिया घरानों द्वारा उनके अस्तित्व के लिए विभिन्न हथकंडे अपनाने जैसी स्थितियों से मीडिया पर बहुत बड़ा दबाव आया है।

जय राम ठाकुर ने कहा कि संचार के इस दौर में प्रत्येक एक संचारक अथवा न्यूज प्रदाता है। इससे वर्किंग जर्नालिस्ट की भूमिका और अधिक जटिल तथा चुनौतिपूर्ण बन चुकी है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश भाग्यशाली है, जहां उच्च पेशेवर मीडिया मौजूद है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को सुनिश्चित करना चाहिए कि जो कुछ भी वे प्रकाशित अथवा प्रसारित करते हैं, वह तथ्यों पर आधारित हो ताकि लोगों में उनकी विश्वसनीयता बनी रहे। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को स्वतंत्र, निडर तथा बिना किसी भेदभाव के कार्य करना चाहिए ताकि पाठकों व दर्शकों में उनकी विश्वसनीयता पर आंच न आए।

उन्होंने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में प्रिंट मीडिया के समक्ष बहुत बड़ी चुनौती खड़ी हुई है। विशेषकर सामाजिक मीडिया को बहुत बड़ी जिम्मेवारी और व्यावसायिक नियमों के तहत कार्य करना चाहिए। कभी-कभी ऐसा अनुभव किया जाता है कि सामाजिक मीडिया तथ्यों की जांच किए बगैर समाचार को परोस देता है। उन्होंने कहा कि वैब मीडिया में कार्य कर रहे पत्रकारों को सुनिश्चित करना चाहिए कि जो कुछ भी वह समाचार देते हैं वह तथ्यों पर आधारित हो।

 

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