दिनेश मल्होत्रा ने संभाला सूचना एवं जन सम्पर्क निदेशक का पदभार

शिमला में कल से आर्ट फेस्ट का आयोजन : उपायुक्त

  • मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह करेंगे आर्ट फेस्ट का उद्घाटन
  • 28 से 31 मई कला प्रेमियों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेगा शिमला
  • राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त और प्रदेश के कई कलाकार लेंगे हिस्सा
  • रिज मैदान और मॉल रोड पर थ्री डी पेंटिंग और लाईव पोर्ट्रेट बनाना रहेंगे आकर्षण का मुख्य केंद्र

शिमला : 28 से 31 मई शिमला कला प्रेमियों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेगा। मौका है शिमला आर्ट फेस्ट 2015 के आयोजन का। अंतर्राष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव समिति द्वारा आयोजित इस फेस्ट में राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त और प्रदेश के कई कलाकार हिस्सा लेंगे। उपायुक्त शिमला दिनेश मल्होत्रा ने आज यहां बताया कि शिमला आर्ट फेस्ट का उद्घाटन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह 28 मई को सांय 6.30 बजे गेयटी थियेटर के बहुउद्देशीय हॉल में करेंगे।

उन्होंने बताया कि इस फेस्ट के दौरान उत्तरी भारत के सभी ललित कला महाविद्यालयों के छात्र अपनी कलाकृतियों को प्रदर्शित करेंगे। शिमला के कलाकार भी रिज मैदान और आसपास के  क्षेत्रोँ में कला के विभिन्न रंगों को कैनवॉस पर उकेरेंगे। इस फेस्ट में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के विजुयल आर्ट विभाग के छात्र भी हिस्सा लेंगे। दिनेश मल्होत्रा ने बताया कि रिज मैदान और मॉल रोड पर थ्री डी पेंटिंग और लाईव पोर्ट्रेट बनाना भी इस फेस्ट के आकर्षण का मुख्य केंद्र होगा। इसके साथ- साथ तीन दिन तक शिमला के स्कूली छात्रों के लिए पेंटिंग प्रतिस्पर्धा भी आयोजित की जाएगी।

29 मई को प्रातः 11 बजे से 1 बजे तक दौलत सिंह पार्क शिमला में सब जूनियर ग्रुप-दूसरी से पांचवी कक्षा की चित्रकला प्रतियोगिता और शिमला कला उत्सव कार्यशाला 11 से 5 बजे तक गेयटी थियेटर में आयोजित की जाएगी। 30 मई को प्रातः 11 बजे से 5 बजे तक गेयटी थियेटर शिमला में शिमला कला उत्सव कार्यशाला, प्रातः 11 से 4 बजे तक दौलत सिंह पार्क शिमला में जूनियर ग्रुप-पांचवीं से आठवीं कक्षा तथा सीनियर ग्रुप नौवीं से बाहरवीं कक्षा की चित्रकला प्रतियोगिता। 31 मई को गेयटी थियेटर शिमला में 11 से 5 बजे तक शिमला कला उत्सव कार्यशाला और सांय 5 बजे से गेयटी थियेटर शिमला में शिमला कला उत्सव के विजेताओं और प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए जायेंगे। उपायुक्त ने बताया कि शिमला का कला से पुराना नाता रहा है, 1830 से ही यह नगर थियेटर और कला का केंद्र रहा है। चाहे बात लेखन की हो या चि़त्रकला की यहां विभिन्न कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है जिनमें गजेंद्र नाथ टैगोर, अमृता शेरगिल, जे.स्वामीनाथन, कृष्ण खन्ना, शोभा सिंह, सतीश गुजराल, बेनीप्रसन्नो, सन्नत चटर्जी समेत अनेक प्रख्यात हस्तियां शामिल हैं।

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