हिमाचल में मॉनसून के दौरान हुआ 1479 करोड़ का नुकसान

हिमाचल में मॉनसून के दौरान हुआ 1479 करोड़ का नुकसान

शिमला: मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित बैठक में आयोजित की गई। जिसमें उन्होंने यह जानकारी देते हुए बताया कि लाहौल घाटी से एक हजार से अधिक लोगों को निकाला गया है, जिनमें से 147 को हवाई मार्ग से तथा शेष को सड़क मार्ग से सुरक्षित निकाला गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज शाम तक सड़क मार्ग को बारालाचा तक खोल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाए गए लोगों के स्वास्थ्य का चिकित्सीय निरीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लाहौल घाटी में संचार माध्यमों को बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घाटी में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि आज भारत संचार निगम लिमिटेड की एक टीम सिसु का दौरा करेगी और क्षेत्र में संचार सुविधा को बहाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संचार बहाली के कार्य में सरकार बीएसएनएल का पूरा सहयोग करेगी। घाटी में स्थापित 18 टावरों में से वर्तमान में सात सही ढंग से कार्य कर रहे हैं।

जय राम ठाकुर ने कहा कि मॉनसून के दौरान राज्य को 1479 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है तथा हाल ही के दिनों में हुई भारी बरसात व बर्फबारी से राज्य में 220.29 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना के पांच हेलिकॉप्टरों को पर्यटकों व स्थानीय लोगों के बचाव व राहत कार्यों में लगाया गया है। उन्होंने कहा कि स्थिति पर 24 घंटे जिला मुख्यालयों एवं राज्य मुख्यालय से निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने पहली किस्त के रूप में 122 करोड़ रुपये की राशि पुनर्वास कार्यों के लिए जारी कर दी है।

बैठक में अवगत करवाया गया कि लाहौल घाटी में 18000 लीटर पैट्रोल और 27000 लीटर डीजल उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि रसोई गैस तथा अन्य खाद्य सामग्री भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। यह भी बताया गया कि मनाली में जल आपूर्ति को बहाल कर दिया गया है तथा लाहौल घाटी में भी लगभग बहाल कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक घाटी में विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं कर दी जाती, तब कि सौर ऊर्जा के माध्यम से लोगों को प्रकाश उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त हुए ट्रांसफार्मरों को बदलने के लिए छोटे ट्रांसफार्मर कुल्लू से हवाई मार्ग द्वारा पहुंचाए जा रहे हैं।

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