लाहौल-स्पिति में फंसे पर्यटकों व स्थानीय लोगों को सुरक्षित निकालने का कार्य युद्धस्तर पर जारी : डॉ. मारकण्डा

लाहौल-स्पिति में फंसे पर्यटकों व स्थानीय लोगों को सुरक्षित निकालने का कार्य युद्धस्तर पर जारी : डॉ. मारकण्डा

शिमला: गत दिनों राज्य के जनजातीय जिला लाहौल-स्पिति में भारी हिमपात के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। अचानक हुए हिमपात के कारण जिला के विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय लोगों सहित पर्यटक भी फंस गए। इन क्षेत्रों से पर्यटकों तथा स्थानीय लोगों को निकालने व प्रभावित जनजीवन को सामान्य करने के लिए, जनजातीय विकास मंत्री डॉ. राम लाल मारकण्डा स्वयं कमान संभाले हुए हैं और वह गत चार-पांच दिनों से राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी कर रहे हैं।

डॉ. मारकण्डा ने कहा कि जिला के विभिन्न भागों में फंसे पर्यटकों व स्थानीय लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास जारी हैं। हिमपात ग्रस्त क्षेत्रों से पर्यटकों व अन्य लोगों को निकालने के लिए सरकार ने चार हेलिकॉप्टर उपलब्ध करवाए हैंजो लगातार वहां फंसे पर्यटकों व अन्य प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भी क्षेत्र के हालात पर पैनी नजर रखे हुए हैं और पल-पल की जानकारी हासिल कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि काजा की चन्द्रताल झील के समीप फंसे पर्यटकों व स्थानीय लोगों का कुशलक्षेम जानने व उन्हें खाद्य सामग्री पहुंचाने के लिए गत दिन काजा उपमण्डल प्रशासन अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी विक्रम सिंह नेगी के नेतृत्व में राहत दल के 10-12 सदस्यों के साथ 16 घण्टे पैदल मार्ग तय करने के बाद चन्द्रताल पहुंचा। उन्होंने कहा कि यहां फंसे लगभग 45 पर्यटकों व अन्य लोगों को बातल, छोटा धड़ा व छतड़ू में सुरक्षित पहुंचाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इन स्थानों में ठहराए गए पर्यटकों में से हैलीकॉपटर से आज 13 लोगों को सुरक्षित स्थानों पी पहुंचाया गया तथा अन्यों को भी आज ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

जनजातीय विकास मंत्री ने कहा कि इसी तरह से आज जिला के बारालाचा और सरचू में फंसी एक महिला सहित 9 लोगों को हैलिकॉपटर से सुरक्षित कुल्लू लाया गया। उन्होंने कहा कि हिमपात ग्रस्त लोगों को निकालने के लिए आज एक हैलीकॉपटर की उड़ान स्टिंगरी से कुल्लू के लिए भरी जाएगी। उन्होंने कहा कि इसी तरह से जिला के सरचू और दारचा में फंसे 200-300 लोगों को हैलिकॉपटर से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।

डॉ. मारकण्डा ने कहा कि इसी तरह से लाहौल घाटी में बर्फ में फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम की तीन बसें तथा एक निजी बस लगाई गई है, जो सुरंग के नार्थ पोर्टल सिसु से प्रभावितों को बस स्टैंड मनाली तक पहुंचाने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग कुल्लू-मनाली से लाहौल जाना चाहते हैं, वे बस स्टैंड मनाली से इन बसों की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि जिला की सड़कों से वर्फ हटाने के लिए जेसीबी सहित भारी मात्रा में 11 स्नो कटर व डोजर लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, ग्रांफू की ओर से बीआरओ को सड़कों को बहाल करने के लिए कहा गया है जो तत्परता से सड़कों को बहाल करने के कार्य में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि केलांग से कोकसर व उदयपुर तक, कुंजम दर्रा से काजा तक 40 किलामीटर सड़क, सरचू की तरफ 10 किलोमीटर और चन्द्रताल से वाया कुंजम 20 किलोमीटर सड़कों पर से वर्फ हटाई जा चुकी है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि अगले कुछ दिनों में जिला में हालात सामान्य हो जाएंगे।

मंत्री ने कहा कि जिला के हिमपात ग्रस्त क्षेत्रों में खाद्य सामग्री, दवाईयां व अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चत करने के प्रयास भी जारी हैं।

डॉ. राम लाल मारकण्डा ने क्षेत्र के लोगों को आश्वासन दिलाया है कि जब तक हिमपात ग्रस्त लोग सुरक्षित स्थानों पर नहीं पहुंच जाते और हालात सामान्य नहीं हो जाते वहे चट्टान की तरह जिले में डटे रहेंगे।

उल्लेखनीय है कि सुरंग के साउथ पोर्टल टुंडी से मंत्री आज लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की निगरानी स्वयं कर रहे हैं।

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